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अंतर्मन की आवाज-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Story in Hindi: ” मैं कुछ लिखना चाहता हूं अपनी कलम से तुम्हारे लिए,  मैं बातें करना चाहता हूं तुमसे घंटों ऐसे ही संग बैठकर, मगर मैं तुमसे कुछ कहना चाहता हूं तुम ही बताओ कैसे कहूं”।  इन पंक्तियों के द्वारा अपने दिल के किसी कोने में छुपी हुई अपनी भावनाओं को कलम की स्याही […]

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” कल्पनाओं की उड़ान “-गृहलक्ष्मी की कहानियां”

Story in Hindi: ” चिड़ियों की चहचहाने की आवाज़ें आने लगीं थीं , दोपहर का सूरज अब बादलों के पीछे छुपने लगा था दोपहर का शाम में परिवर्तित होने वाला यह समय था कुछ ऐसा ही परिवर्तन मनोज के मन में भी हो रहा था ” अपनी रोजमर्रा की जिंदगी को किसी बंधन की तरह […]

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” वतन की मिट्टी “-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Story: “मेरे कपड़ों को मेरे ही बैग में रखना और अपने एवम बच्चों के कपड़ों को भी अलग – अलग बैग में ही रखना और हां हमें दो घंटे पहले हवाई अड्डे पर पहुंचना होगा तुम्हें मालूम है ना हवाई अड्डे पर समय लगता है इसलिए थोड़ा जल्दी करना और सभी सामान को एक […]

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लिफाफे का गुलाब-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Love Story: “अरे भईया जल्दी करो , समय निकला जा रहा है , कुली – कुली , अरे देखकर चलो भईया ” , कहां जाना है ? शहर के बस स्टैंड पर इन आवाजों और इस शोर का आना आम बात थी। मगर आज इन आवाजों के बीच में एक प्यारी – सी आवाज़ […]

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स्वयं का संघर्ष-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Kahani: ” चाय – चाय , गर्मा – गर्म चाय, समोसे , कचौड़ी , चाट , गर्मा – गर्म , आदि और लोगों के चलने और भागने की आवाज़ें” दिल्ली के रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक पर रुकी हुई रेलगाड़ी के दूसरे स्लीपर डिब्बे के सबसे नीचे वाली बर्थ पर अपनी सपनों की […]

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नए घर का सपना-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Naye Ghar ka Sapna Story: “टन-टन-टन-टन बरामदे की दीवार पर लगी हुई घड़ी सुबह के दस बजने की सूचना दे रही थी, जिसकी आवाज पूरे घर में सभी को बहुत ही आसानी से सुनाई भी दे रही थी “। बरामदे में रखी हुई खाने की टेबल जो कुछ समय पहले तक परिवार के सभी सदस्यों […]

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विवाह ” प्रेम या बंधन “-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Love Story: “चाय बहुत अच्छी बनी है, आज सुबह की पहली चाय और यह बिस्कुट। पता है तुम्हें मुझे तुम्हारे साथ बालकनी में चाय पीना बहुत पसंद है , मेरे मन के हर कोने में ताजगी भर जाती है ” शिवम अपनी पत्नी अर्चना को यह सब कुछ बहुत ही प्यार से कह रहा […]

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एक-दूजे के संग-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Grehlakshmi Story: घर के बीचों – बीच बने आंगन में लगे हुए तुलसी के पौधे को पानी देते हुए सुमित्रा जी यह प्रार्थना कर रहीं थीं, कि इस घर में सदैव सुख, शांति और समृद्धि बनी रहे। घर की पहली मंजिल की बालकनी में कुर्सी पर बैठकर शिवराम जी अखबार को बड़ी मग्नता के साथ […]

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ये वादा रहा-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Vada Hindi Kahani: “बेटा , तेरी मां को आजकल बहुत तकलीफ़ रहने लगी है। दमे के कारण सांस फूल जाता है।  एक बार शहर के डाक्टर के पास दिखा लेंगे तो अच्छा रहेगा।” दिलीप जी ने अपने बड़े बेटे केशव को फोन पर कहा।“पापा वो तो ठीक है ….यह लेकिन यहां डाक्टर को दिखाना इतना […]

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फुटबॉल का मैदान—गृहलक्ष्मी की कहानियां

Kids Story: गर्मियों के इन दिनों ने अपना कहर जारी रखा हुआ था, सूरज धरती को तपा रहा था, मानो उसे पृथ्वी का विनाश करना हो, मगर आज सूरज और गर्मी शायद छुट्टी पर गए हुए थे, इसलिए आज सुबह से ही आसमान बादलों की चादर ओढ़े हुए था। इसलिए विनय ने अपने कमरे का  […]

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