Summary : अनोखा रिश्ता: जब मालिक और कामवाली के बीच बन गया भरोसे और इंसानियत का बंधन
हिमानी और रमा के बीच बना एक अनोखा रिश्ता यह सिखाता है कि इंसानियत और संवेदनशीलता किसी भी रिश्ते को खास बना सकती है। एक छोटी-सी समझदारी ने रमा की जिंदगी बदल दी और दोनों के बीच भरोसे का मजबूत बंधन बन गया।
Short Story in Hindi: जल्दी आओ यार कितना टाइम लगाओगे तुम लोग हिमानी ने ख़ुशी से चहकते हुए अपनी सहेली काव्या को फ़ोन करके कहा। 2 मिनट की बातचीत के बाद उसने फ़ोन रख दिया और जल्दी-जल्दी घर को सजाने लगी। किचन से कुछ गिरने की तेज़ आवाज आयी। अरे ! अब क्या तोड़-फोड़ कर दी तूने। हिमानी के गुस्से से डरकर उसकी मेड रमा डर कर एक कोने में खड़ी हो गयी। पिछले कुछ महीनों से पथरी के दर्द के चलते उसने कई छुट्टियां कर ली थी इस वजह से बहुत से लोगों ने उसे काम से निकाल दिया था। अब मुश्किल से दो घर बचे थे जहाँ वो अच्छा पैसा कमा लेती थी। हिमानी के घर काम करते हुए उसे मुश्किल से 20 दिन ही हुए थे।

लेकिन इन 20 दिनों में ना जाने कैसे उससे कांच और चीनी मिटटी के कई बर्तन गिर कर टूट गए थे। आज तो उसे लगा दीदी काम से तो निकालेंगी ही साथ ही अपना नुक़सान भी उससे वसूल कर रहेंगी। हिमानी भागते हुए आयी और रमा का हाथ पकड़ कर उसे लगभग खींचते हुए किचन से बाहर निकाला। रमा का हाथ ठंडा पड़ गया था।
उसने कस कर आँखें बंद कर ली तो महसूस किया की हिमानी ने उसे हाथ पकड़ कर सोफे पर बैठा दिया है। रमा कुछ बोलती उससे पहले ही हिमानी ने कहा, तेरा ध्यान कहाँ रहता है आजकल। दीदी मैं..वो.. , तू कुछ मत बोल और आज ही मेरे साथ डॉक्टर के पास चल । मुझे लग रहा है तेरा ब्लड प्रेशर आजकल लो रहने लगा है, तभी तेरे हाँथ कांपते हैं और चीजें गिर जाती हैं।

रमा को यकीन नहीं हुआ दीदी डांटने की जगह उसकी चिंता कर रहीं हैं। ऐसा तो कभी किसी घर में नहीं हुआ था, बल्कि एक दो घरों में तो लोगों ने उसे काफी डांट कर काम से निकाल दिया था। उसके मुँह से शब्द निकल ही नहीं रहे थे। हिमानी ने उसे कुछ दिनों की छुट्टी दी और कहा अब तू ठीक होने के बाद मेरे ही घर पर फुल टाइम काम कर लिया करना।
रमा को छुट्टी दिए दो दिन ही बीते थे की हिमानी को घर का काम करने में परेशानी होने लगी। ऑफिस के काम के साथ घर मैनेज करना मुश्किल होता जा रहा था। उसने शाम को रमा को फ़ोन लगाया, तो उसने फ़ोन नहीं उठाया। अगले दिन सुबह-सुबह रमा हिमानी के घर पहुंची और चहकते हुए बताया की वो प्रेग्नेंट हैं। उसने हिमानी का हाथ पकड़ कर लगभग रोते हुए कहा, दीदी आपकी वजह से मैंने अच्छे हॉस्पिटल में जा कर अपना चेकउप कराया तब मेरी सेहत सुधरी और मुझे अपनी प्रेग्नेंसी के बारे में पता चला।

अगर आप भी और लोगों की तरह होती तो शायद मेरी हालत कभी ना सुधरती और मैं जान भी नहीं पाती की मेरे घर में एक नन्हा मेहमान आने वाला है। लेकिन अब चिंता है की सब मुझे इस हालत की वजह से काम से निकाल देंगे। हिमानी ने रमा से कहा चल अब बातों में समय बर्बाद मत कर, भूल गयी क्या तुझे मेरे घर पर फुल टाइम काम करना है। रमा और हिमानी का रिश्ता सबसे अनोखा है ये दोनों को समझ आ गया था।

