Short Story in Hindi: बारह साल का कियांश हमेशा थोड़ा शांत रहने वाला बच्चा था। क्लास में गलती किसी की भी हो, नाम अक्सर उसी का लिया जाता। “कियांश ने किया होगा!” ये वाक्य उसकी जिंदगी का हिस्सा बन चुका था। भारी बैग, भारी स्कूल और भारी पड़ती हर बात… वह हर दिन थोड़ा-थोड़ा टूटता […]
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पैसों का पेड़ उगेगा—गृहलक्ष्मी की लघु कहानी
Short Story in Hindi: ‘दादी जी’ सरला नाम है उनका। जैसा उनका नाम, वैसा ही सरल स्वभाव और हंसमुख हैं, मेरी दादी माँ। एक दिन मैं उनके साथ बैठा , तो बोलीं – ” चिंटू! जब तू छोटा था, तो बड़ा शरारती था।पता है! तूने एक दिन क्या किया?तुम्हारी मम्मी के और मेरे पैसे, मिल ही […]
15 दिन की दूरी-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Short Story: पहले ही दिन, सास विनीता खड़ी थीं, हाथ में कपड़ा थामे और बहू नीरु की ओर कड़ी नज़र से देख रही थीं। “नीरु, फिर ये कपड़े ऐसे ही पड़े हैं? क्या तुम्हें घर संभालना आता है या सिर्फ़ मेरी नजरें चुभाना?” नीरु ने पलकों के पीछे आँसू छुपाते हुए कहा, “सासू माँ, […]
तेरे हिस्से की हिम्मत-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Short Story in Hindi: पूनम और काव्या की दोस्ती किसी सेल्फी या स्टेटस से नहीं बनी थी। वो साथ हँसी थीं, साथ गिरी थीं और साथ ही चुप रहना भी सीख लिया था। कॉलेज के पहले दिन पूनम ने काव्या से पूछा था, “तू इतनी सीरियस क्यों रहती है?” और काव्या ने बिना मुस्कुराए जवाब […]
झाड़ू के पीछे छिपी समझ-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Short Story: तनीषा को हमेशा लगता था कि मदद वही कर सकता है, जो पढ़ा-लिखा हो, समझदार हो, उसकी तरह सलीकेदार हो। बाक़ी लोग उसके लिए बस दुनिया का शोर थे। इसीलिए उसने कभी मीना को गंभीरता से नहीं लिया। मीना उसके घर में काम करती थी। रोज़ सुबह आती, चुपचाप झाड़ू-पोछा करती, और […]
चैट बॉक्स का प्यार-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Short Story in Hindi: ज़िंदगी अब शांत सी होने लगी थी। उम्र के चौथे दशक में प्रवेश हो चुका था। बच्चे बड़े हो रहे थे। वे अपनी पढ़ाई में और पति अपने कारोबार में व्यस्त रहते थे। धीरे-धीरे मेरे भीतर एक खालीपन सा आने लगा था। मन-मस्तिष्क पर एक उदासी.. एक नीरवता हावी होने लगी […]
मुंह दिखाई—गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Short Story: शादी के बाद पहली बार ससुराल आई पूजा को अभी एक महीना भी नहीं हुआ था, लेकिन इतने कम समय में पूजा ने अपने कार्य-व्यवहार से परिवार के सभी सदस्यों का दिल जीत लिया था। रोज सुबह सबसे पहले उठना और रात में सब काम खत्म करके सबसे बाद में सोना पूजा […]
ठंड में जलती साँसें-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Romantic Story in Hindi: जनवरी की रात थी। हवा इतनी ठंडी कि खिड़कियों के शीशे धुंध से भर गए थे। हीटर चल रहा था, फिर भी कमरे में एक अजीब-सी ठिठुरन थी या शायद वो ठिठुरन बाहर की नहीं थी। रुमनी कंबल ओढ़े सोफ़े पर बैठी थी। उँगलियाँ मग को थामे हुए थीं, लेकिन चाय […]
एक कप चाय-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Short Story: सुबह के सात बज रहे थे। रसोई से उठती चाय की तेज़ खुशबू पूरे घर में फैल रही थी। सविता ने दो कप में चाय डाली एक अपनी, और दूसरा कप अपनी बेटी नंदिनी के लिए। पर जैसे ही उसने दूसरा कप ट्रे में रखा, मन ही मन कहा, अब तो उसे […]
एक पिता-सा ससुर-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Short Story in Hindi: सुबह का आँगन हमेशा की तरह चुप था। बहू राधा झाड़ू लगाते-लगाते बार-बार खिड़की की तरफ देख रही थी, जैसे मन कहीं और भटका हो। उसकी उँगलियों में आज भी मेहंदी के पुराने निशान थे, पर उन्हीं उँगलियों से वह कभी कागज पर रंग बिखेरती थी ये बात घर में बस […]
