Hindi Short Story: शादी के बाद पहली बार ससुराल आई पूजा को अभी एक महीना भी नहीं हुआ था, लेकिन इतने कम समय में पूजा ने अपने कार्य-व्यवहार से परिवार के सभी सदस्यों का दिल जीत लिया था। रोज सुबह सबसे पहले उठना और रात में सब काम खत्म करके सबसे बाद में सोना पूजा […]
Author Archives: सुनील कुमार
पिया का घर-गृहलक्ष्मी की कविता
Hindi Poem: छोड़ बाबुल का घर, जब मैं पिया के घर आई,नये लोगों के बीच थोड़ा सहमी और संकुचाई;जैसा सुना था मैंने, उससे हटकर सबको पाई,ससुराल वालों ने मुझसे ऐसी प्रीति निभाई। जीवनसाथी के रूप में एक सच्चा साथी पाई,खुशियों पर मेरी जिसने, अपनी खुशियां लुटाई;स्नेह मिला इतना, कि कभी लगा नहीं मैं पराई,छोड़ बाबुल का घर, जब मैं पिया […]
फादर्स डे का गिफ्ट-गृहलक्ष्मी की लघु कहानी
Hindi Short Story: दोपहर का समय था। सुनील और वंदना अपने कमरे में बैठे आपस में बातें कर रहे थे। तभी दरवाजे पर उनकी लाडली भतीजी परी की आवाज सुनाई दी। परी की आवाज सुन वंदना ने दरवाजा खोला तो देखा नन्ही परी अपने नाजुक कंधों पर एक बड़ा सा थैला टांगे खड़ी थी।परी को […]
मुंह दिखाई-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Short Story in Hindi: शादी के बाद पहली बार ससुराल आई पूजा को अभी एक महीना भी नहीं हुआ था, लेकिन इतने कम समय में पूजा ने अपने कार्य-व्यवहार से परिवार के सभी सदस्यों का दिल जीत लिया था। रोज सुबह सबसे पहले उठना और रात में सब काम खत्म करके सबसे बाद में सोना […]
