Posted inलघु कहानी - Short Stories in Hindi, हिंदी कहानियाँ

अम्माजी-गृहलक्ष्मी की लघु कहानी

Hindi Short Story: मेरे पिता जी व पड़ोसी बाबूजी ने एक प्लाट खरीद कर ,शहर में मकान बनवाया था। दोनों बचपन से साथ रहे। एक ही गाँव के रहने वाले थे।मेरे पिता बाबूजी को अपना बड़ा भाई मानते थे। पिताजी स्वयं के जन्मदिन पर, प्रत्येक त्यौहार पर  अम्माजी- बाबूजी का आशीर्वाद लेने सुबह से उसके […]

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बारिश वाला दिन- गृहलक्ष्मी की कहानियां

Short Story in Hindi: विवान जल्दी तैयार हो जाओ, स्कूल के लिए लेट हो रहा है। पापा आज आप मुझे तैयार कर दो ना, विवान ने लाड से पापा को कस कर गले लगाते हुए कहा । पापा ने बाहर देख कर कहा बेटा, आज तो मौसम बहुत ख़राब हो रहा है बारिश होने वाली […]

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नवयुग की नारी—गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Short Story: नव युग की नारी मैं रखती अब आगे की तैयारी हूँ ।माना पंख नहीं है मेरे,पर ख़ुद के सपने की परी हूँ ।।परिश्रम और लगन से अपनों के सपने पूरे करती हूँ ।नयी नयी कठिनाइयों से रोज़ दो दो हाथ मैं करती हूँ ।।मैं हूँ सुकुमार पर युद्ध भूमि में दुश्मन को […]

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सलेटी रंग की साइकिल-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Short Story in Hindi: मम्मा, मेरी पुरानी साइकिल दुकान पर देकर उससे नयी साइकिल लेने में हमें पैसे भी देने पड़ते हैं क्या? नमन ने अचनाक ये बात पूछी तो माँ समझ गयी, उसका जन्मदिन आने में 10 दिन रह गए थे। तभी नमन इतना खुश हो कर ये बात पूछ रहा है। शाम को […]

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तेरी सादगी- गृहलक्ष्मी की कहानियां

Short Story in Hindi: अनुष्का की बड़ी-बड़ी नीली आँखें बेहद खूबसूरत लगती थीं। पढ़ने में भी वो बहुत होशियार थीं, कॉलेज पास करते ही उसकी सरकारी नौकरी लग गयी । बिल्कुल अपनी आँखों की तरह उसका व्यवहार भी बहुत सादगी भरा था। शायद इसी वजह से वो घर तो क्या गली-मुहल्ले में भी सबकी लाड़ली […]

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नहले पर दहला—गृहलक्ष्मी की लघु कहानी

Hindi Short Story: “होली” का नाम जुबां पर आते ही मन अंदर तक गुदगुदा उठताहै।–बस ऐसी ही एक होली की याद मन को गुदगुदा रही है । उन दिनों मैं एम. ए. में अध्ययनरत थी और  लखनऊ में अपने मम्मी पापा के साथ रहती थी। हमारे बगल के फ्लैट में कुमार जी का छोटा सा परिवार […]

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 यादगार होली—गृहलक्ष्मी की लघु कहानी

Short Holi Story: वो मेरा पहला प्यार है मैं उसे कभी नहीं भूल सकती।उससे मेरा मिलना कदाचित संयोग मात्र नहींबल्की नियती की सोची समझी साजिश होगी।।मैं उससे एक विवाह समारोह में मिली थी। मिली क्या थी की उसे देखते ही बस उसी की होकर रह गयी थी। उस दिन से लेकर आज तक उसके जैसा […]

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देवर की परीक्षा-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Short Story: शादी को अभी छह महीने ही हुए थे। नेहा इस घर में नई-नई आई थी, लेकिन घर में एक शख्स था जो उसे हर रोज़ किसी न किसी ‘परीक्षा’ में डाल देता था…उसका देवर, रोहन। रोहन कॉलेज के आख़िरी साल में था, शरारती, दिलफेंक और थोड़ा-सा ड्रामेबाज़ भी। पहले दिन से ही […]

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खांसते ससुर और नई बहू-गृहलक्ष्मी की कहानियां

‘खूँ-खूँ-खूँ…..!’ Hindi Short Story: सुबह के सन्नाटे को चीरती हुई ससुर जी की खांसी पूरे घर में गूंज गई। नई-नई आई बहू नेहा रसोई में चाय चढ़ा रही थी। उसने घबराकर सास से पूछा, ‘मम्मी जी, पापा जी को डॉक्टर को दिखाया है न?’ सास ने सहज भाव से कहा, ‘अरे बहू, ये तो तुम्हारे […]

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दस मिनट की मुलाक़ात-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Short Hindi Story: वह समय कुछ अलग था। मोबाइल फोन हर हाथ में नहीं होते थे और इंटरनेट का मतलब होता था मोहल्ले के कोने पर बना छोटा-सा इंटरनेट कैफे। उसी दौर में एक साधारण-से मोहल्ले में अनामिका और रवि रहते थे। बीस साल की अनामिका अपने माता-पिता और भाई के साथ अपने ही घर […]

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