Romantic Story in Hindi: जनवरी की रात थी। हवा इतनी ठंडी कि खिड़कियों के शीशे धुंध से भर गए थे। हीटर चल रहा था, फिर भी कमरे में एक अजीब-सी ठिठुरन थी या शायद वो ठिठुरन बाहर की नहीं थी। रुमनी कंबल ओढ़े सोफ़े पर बैठी थी। उँगलियाँ मग को थामे हुए थीं, लेकिन चाय […]
Tag: short story
एक कप चाय-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Short Story: सुबह के सात बज रहे थे। रसोई से उठती चाय की तेज़ खुशबू पूरे घर में फैल रही थी। सविता ने दो कप में चाय डाली एक अपनी, और दूसरा कप अपनी बेटी नंदिनी के लिए। पर जैसे ही उसने दूसरा कप ट्रे में रखा, मन ही मन कहा, अब तो उसे […]
एक पिता-सा ससुर-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Short Story in Hindi: सुबह का आँगन हमेशा की तरह चुप था। बहू राधा झाड़ू लगाते-लगाते बार-बार खिड़की की तरफ देख रही थी, जैसे मन कहीं और भटका हो। उसकी उँगलियों में आज भी मेहंदी के पुराने निशान थे, पर उन्हीं उँगलियों से वह कभी कागज पर रंग बिखेरती थी ये बात घर में बस […]
हर उम्र में एक नई मां-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Short Story in Hindi: सुबह की धूप हल्के से पर्दों के आर-पार कमरे में उतर रही थी। निकिता ने चाय का प्याला हाथ में लिया और अपने बेटे आरव को देखा, जो टेबल पर झुका हुआ कुछ लिख रहा था। उसकी आँखों में वही एकाग्रता थी जो कभी तीन साल की उम्र में खिलौनों को […]
धूप के उस पार तुम- गृहलक्ष्मी की कहानियां
Short Story in Hindi: पहाड़ी शहर की सुबहें हमेशा धुंध से ढकी रहती थीं, लेकिन आज की धुंध कुछ ज्यादा ही नरम लग रही थी मानो बादल भी किसी मीठे रहस्य को छिपाए हों। आर्या अपनी स्केचबुक लेकर झील के किनारे बैठी थी। पेंसिल चलती तो थी, लेकिन रुक-रुक कर… जैसे उसके मन में कोई […]
जब चुप्पी टूट गई-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Short Story in Hindi: शहर के एक छोटे से मोहल्ले में दो बहनें रहती थीं, राधिका और मीरा। राधिका बड़ी थी, गोरी, तीखे नैन-नक्श वाली, हर त्योहार और हर भीड़ में सबकी नज़र उसी पर टिक जाती। मीरा छोटी थी, साँवले रंग की, साधारण चेहरे वाली, मगर उसकी आँखों में एक ऐसी गहराई थी, जो […]
काला–गोरा नहीं, प्यार का एक रंग: गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Love Story: एक दुबली-पतली, गोरी-सी लड़की जिसे देखकर कोई भी कह दे कि इसका जीवन किसी परियों की कहानी जैसा होगा और दूसरी ओर अरुण..गहरा रंग, शांत स्वभाव, और आंखों में समंदर जितनी गहराई। जब दोनों साथ चलते थे, लोग अक्सर गौरी के गोरेपन और अरुण के कालेपन की तुलना करते। ताने उड़ते थे, […]
खामोशी में खिलता प्यार – गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Love Story: सूरज हल्का-सा ढल रहा था, और शहर के बीचोंबीच बने साइलेंट हार्मनी इंस्टिट्यूट की दीवारें हल्के सुनहरे रंग में नहाई हुई थीं। इसी इंस्टिट्यूट में हर शाम सांकेतिक भाषा की क्लास लगती थी और यहीं पहली बार निशांत ने मीरा को देखा था। मीरा की मुस्कान में कुछ ऐसा था, जैसे बिना […]
अखाड़े की लक्ष्मी-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Short Story in Hindi: गाँव के बाहर पुराना मिट्टी का अखाड़ा आज फिर सजा हुआ था। सूरज की किरणें हल्के-हल्के धरती को छू रही थीं और वहाँ, मिट्टी में पसीने की गंध के बीच, एक लड़की अपने बालों को रबर से बाँधते हुए खड़ी थी। नाम था लक्ष्मी यादव..वही लक्ष्मी, जिसके नाम पर कभी गाँव […]
सान्वी की जीत-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Sad Story: सान्वी अपने कमरे में घंटों से बंद थी। माँ की आवाज़ पर उसे याद आया कि कब का खाने के लिए बुलाया गया था। दरवाज़ा खोलकर वह जैसे ही हॉल की ओर बढ़ी, सामने माँ को थाली लेकर आते देखा। वह मुस्कुरा दी। दोनों माँ-बेटी साथ बैठकर कमरे में खाना खाने लगीं। […]
