John Abraham Struggling Days: बॉलीवुड अभिनेता और निर्माता जॉन अब्राहम, जो अक्सर फिल्म इंडस्ट्री में कुछ नया लेकर आते हैं, ने हाल ही में एक इंटरव्यू में खुलासा किया कि उनकी पहली फिल्म के बाद ही लोगों ने मान लिया था कि उनका करियर खत्म हो चुका है।
लेकिन जॉन ने हार नहीं मानी। उन्होंने कहा कि उनका लचीलापन ही उनकी सबसे बड़ी ताकत बना, जिसने उन्हें और मज़बूत किया।
आईएएनएस से बातचीत में जॉन ने बताया कि वह हमेशा अपने भविष्य को बनाने पर ध्यान देते हैं और पीछे मुड़कर नहीं देखते। इसी सोच ने उन्हें अपने शुरुआती दौर की असफलताओं को भुलाकर आगे बढ़ने में मदद की।
जॉन अब्राहम ने कहीं ये बात
जॉन अब्राहम ने बातचीत में कहा, “आप उतने ही अच्छे हैं जितनी आपकी पिछली फिल्म थी। इसलिए आपको हमेशा आगे की ओर देखना चाहिए।
” उन्होंने माना कि फिल्म इंडस्ट्री के लिए यह ज़रूरी है कि लोग आपकी फिल्मोग्राफी को जानें और समझें, लेकिन एक कलाकार के तौर पर जरूरी है कि आप भविष्य पर ध्यान दें।
जॉन ने आगे कहा कि एक अभिनेता को लगातार अपनी फिल्मोग्राफी को निखारते रहना चाहिए, क्योंकि यही चीज़ दर्शकों के साथ उसका जुड़ाव बनाए रखती है।
जॉन अब्राहम ने बताया कि जब लोग उनकी फिल्मोग्राफी देखते हैं तो अक्सर कहते हैं, “आप एक-आयामी अभिनेता नहीं हैं।
आपने ‘नो स्मोकिंग’ जैसी ऑफबीट फिल्म की है, ‘गरम मसाला’ जैसी कॉमेडी की है और ‘फोर्स’ जैसी एक्शन फिल्म भी की है।
” उन्होंने कहा कि उन्होंने अलग-अलग तरह की फिल्मों में काम किया है और यही सबसे जरूरी बात है। जॉन के मुताबिक, एक अभिनेता को हर शैली में खुद को आज़माना चाहिए।
उन्होंने ईमानदारी से स्वीकार किया कि वो हर चीज़ में परफेक्ट नहीं हैं, लेकिन हर फिल्म से कुछ न कुछ ज़रूर सीखते हैं। उन्होंने कहा, “मैं हर फिल्म से, हर निर्देशक से कुछ सीखता हूँ और उसी सीख के साथ आगे बढ़ता हूँ।”
एक्टर नॉर्थईस्ट यूनाइटेड नाम की आईएसएल फुटबॉल टीम के मालिक हैं
हाल ही में ‘द डिप्लोमैट’ में नजर आए अभिनेता जॉन अब्राहम कई मोर्चों पर सक्रिय हैं। वह नॉर्थईस्ट यूनाइटेड नाम की आईएसएल फुटबॉल टीम के मालिक हैं, एक सफल निर्माता हैं और ‘विकी डोनर’, ‘मद्रास कैफे’ जैसी फिल्मों का निर्माण कर चुके हैं।
इसके अलावा उन्हें बाइक्स का भी बहुत शौक है, जो उनके लिए एक अलग ही दुनिया है। जब उनसे पूछा गया कि वे इन सभी चीज़ों को कैसे मैनेज करते हैं और हर क्षेत्र में आने वाली सफलता या असफलता को कैसे संभालते हैं, तो जॉन ने ईमानदारी से कहा, “जब आपकी फुटबॉल टीम हार जाती है, तो यह मुश्किल होता है, और जब आपकी फिल्म असफल हो जाती है, तो यह भी मुश्किल होता है।”
एक्टर ने आगे कही ये बात
जॉन अब्राहम ने बातचीत में कहा, “लेकिन यही जिंदगी है। आपको इसे समझना होगा, और यही एक चीज़ है जो खेल सिखाता है – हार को विनम्रता से स्वीकार करना।
अगर आपकी फिल्म फ्लॉप हो जाती है, तो सबसे पहले आपको उसे स्वीकार करना चाहिए। अगर आपकी फुटबॉल टीम हार जाती है, तो भी आपको स्वीकार करना चाहिए और कहना चाहिए, ‘ठीक है, हम हार गए।
कोई बात नहीं। हम फिर से उठेंगे, और पहले से ज्यादा ताकत से लड़ेंगे।’” इसके बाद उन्होंने कुछ ऐसी बातें कहीं जो किसी का भी हौसला बढ़ा सकती हैं।
उन्होंने कहा, “मेरी पहली फिल्म के बाद ही मुझे खत्म मान लिया गया था। लेकिन मैं पिछले 21 सालों से यहां हूं, और आज भी काम कर रहा हूं।
” उन्होंने आगे कहा, “तो फिर मुझे यहां तक किसने पहुंचाया? मेरे दर्शकों ने। आलोचकों ने कुछ कहा होगा, फिल्म इंडस्ट्री ने कुछ कहा होगा, निर्माताओं या निर्देशकों ने भी कुछ कहा होगा।
लेकिन जिन लोगों ने मुझे हमेशा थामा है, वो हैं मेरे दर्शक। उन्होंने कहा, ‘नहीं, हम तुम्हें जाने नहीं देंगे। हम तुम्हारे साथ हैं।’ मैं अपने दर्शकों का दिल से आभारी हूं।”
