​A bright, daytime photo of the India Gate under a clear blue sky. A large, red rectangular "MISSING" stamp is slanted across the center of the frame, and a magnifying glass is positioned over the text, highlighting the theme of searching for the disappeared.

Summary: दिल्ली में रोज़ 54 लोग गायब! पुलिस डेटा देख आप भी रह जाएंगे हैरान

दिल्ली में हर दिन बड़ी संख्या में लोग लापता हो रहे हैं। पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक औसतन 54 गुमशुदगी के मामले रोज़ दर्ज किए जा रहे हैं। इन मामलों में कुछ खास उम्र और वर्ग के लोग ज्यादा खतरे में बताए जा रहे हैं।

Delhi Missing Mystery: नए साल का पहला महीना अभी पूरा होने वाला है और इसी के साथ देश की राजधानी दिल्ली से एक बेहद चिंताजनक खबर सामने आ रही है। साल 2016 के शुरुआती सिर्फ 15 दिनों के भीतर ही 800 से ज्यादा लोगों के लापता होने के मामले दर्ज किए जा चुके हैं। ये लोग संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हुए हैं, जिससे परिवारों की चिंता और डर लगातार बढ़ रहा है। पुलिस के आंकड़ों पर नजर डालें तो यह सिर्फ संख्या भर नहीं है, बल्कि इसके पीछे अलग-अलग उम्र और वर्ग के लोग शामिल हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही उठता है कि आखिर किन लोगों के गायब होने के मामले सबसे ज्यादा सामने आ रहे हैं। तो चलिए जानते हैं आपके हर सवाल का जवाब।

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक 1 जनवरी से 15 जनवरी 2026 के बीच राजधानी में 807 लोगों की गुमशुदगी दर्ज की गई। इसका मतलब है कि दिल्ली में औसतन हर दिन लगभग 54 लोग लापता हो रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि इनमें से 572 लोगों का अब तक कोई पता नहीं चल सका है और वे अभी भी पुलिस की तलाश से बाहर हैं।

​A red, circular "MISSING" rubber-stamp graphic with stars on the left side. To the right, several black silhouettes of women and girls of various ages are shown against a plain white background, symbolizing a group of missing persons.
Delhi Missing Mystery

गुमशुदगी के मामलों में सबसे ज्यादा असर महिलाओं और लड़कियों पर दिख रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, कुल लापता लोगों में करीब दो-तिहाई हिस्सा महिलाओं और बच्चियों का है। सिर्फ 15 दिनों के भीतर 509 महिलाएं और नाबालिग लड़कियां गायब हुईं, जबकि पुरुषों के लापता होने के मामले 298 दर्ज किए गए। अगर सिर्फ वयस्कों की बात करें, तो 363 वयस्क महिलाएं लापता हुईं, जबकि 253 पुरुषों के गायब होने की FIR दर्ज हुई है।

दिल्ली पुलिस के आंकड़े बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताते हैं। महज़ 15 दिनों के भीतर 191 नाबालिगों के लापता होने के मामले सामने आए हैं, यानी औसतन हर दिन करीब 13 बच्चे गायब हो रहे हैं। इन नाबालिगों में ज्यादातर किशोर उम्र के हैं। कुल 169 किशोर लापता हुए, जिनमें 138 लड़कियां और 31 लड़के शामिल हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि इन किशोरों में से लगभग 71 प्रतिशत का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है, जिससे हालात की गंभीरता साफ झलकती है।

​A nighttime view of the India Gate in New Delhi, overlaid with four Polaroid-style photos. Each photo contains a darkened silhouette of a person with a large white question mark over their face and the word "MISSING" printed at the bottom.
Missing Cases Connected to Social Media

एक रिपोर्ट में जब लापता हुए लड़के-लड़कियों से जुड़ी बातों को समझा गया, तो कई वजहें सामने आईं। पता चला कि बहुत से बच्चे ऑनलाइन दोस्ती, प्यार के झांसे, शादी के झूठे वादों और इमोशनल ब्लैकमेल में फंस गए थे। अगर कारणों को आसान भाषा में समझें, तो करीब 35% मामले प्यार या इमोशनल रिश्तों से जुड़े थे। लगभग 30% मामलों की शुरुआत सोशल मीडिया या ऑनलाइन जान-पहचान से हुई। वहीं 25% बच्चे घर के तनाव, डांट-डपट या ज्यादा पाबंदियों की वजह से घर छोड़कर चले गए। यानी मोबाइल और सोशल मीडिया का असर इन मामलों में काफी बड़ा रहा।

पुलिस डेटा के मुताबिक, मिडल क्लास परिवारों की लड़कियां ज्यादा निशाना बन रही हैं। माता-पिता के काम में व्यस्त रहने से बच्चे लंबे समय तक फोन और सोशल मीडिया पर लगे रहते हैं। ऑनलाइन क्लास के बहाने भी स्क्रीन टाइम बढ़ा है, जो कई बार गलत लोगों से जुड़ने का रास्ता बना देता है।

स्वाति कुमारी एक अनुभवी डिजिटल कंटेंट क्रिएटर हैं, जो वर्तमान में गृहलक्ष्मी में फ्रीलांसर के रूप में काम कर रही हैं। चार वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाली स्वाति को खासतौर पर लाइफस्टाइल विषयों पर लेखन में दक्षता हासिल है। खाली समय...