Hindi Kahani: “अरे!” गाड़ी रुकते ही ज्यों दुकान की ओर निगाह डाली तो आँखों पर विश्वास न कर पाई ।गद्दी पर बड़े भैया को बैठे देखकर मधुरा की आँखों में ख़ुशी मिश्रित आश्चर्य तैर गया।बरसों से बढ़ाई गई दाढ़ी नदारद थी ,साफ सुथरा कुर्ता पायजामा पहने ,बचपन वाले भैया के चेहरे में उसे वो लापरवाह अजय […]
Tag: हिंदी कथा कहानी
साल 2104-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Kahani: वह गाड़ी की दायीं ओर से उतर कर घर के दरवाजे पर पहुँचा अपने जेब से एक कार्ड निकाल कर दरवाजे को दिखा दिया। दरवाजा खुलते ही साइड से एक कुर्सी ना जाने कहाँ से आई वो उस पर बैठा ही था कि एक उसके पैर के सामने से डब्बा जैसा कुछ आया […]
बंधन—गृहलक्ष्मी की कहानी
Love Short Story: राखी हवा में उड़ रही थी। अब राखी बस कूदो -हम हैं, ग्लाइडर तुम्हारे पीछे है। मम्मी मुझे सूसू आ रहा है | मम्मी मम्मी उठो -ईशान ने ज़ोर से कहा। राखी हड़बड़ा कर उठ गयी। राखी जो एक 24 साल की हाउस वाइफ थी।ईशान उसका 3 साल का बेटा था। उसका […]
रिश्तों का भंवर-गृहलक्ष्मी की कहानी
Hindi Kahani: रीना और राकेश ने अपने परिवार वालों की मर्ज़ी के खिलाफ जाकर शादी की थी। दोनों अपनी जिन्दगी में खुश थे, दोनों ने बहुत कोशिश की अपने-अपने परिवार वालों को मनाने की, पर दोनों के परिवार वाले मानने को तैयार ही नहीं थे,ना उनसे बात करते थे।देखते- देखते दो साल हो गए दोनों […]
लौट आओ फिर ना जाने के लिए-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Motivation Story: अल सुबह ठंडी हवाएं उमड़-उमड़ कर तन से लिपटी जा रही थी।नीला आसमान नीले से धूसर होने की यात्रा में था। उसने अपनी साड़ी को कसकर अपने तन से लपेट लिया।ठंडी हवा के झोंके तन पर सिरहन पैदा कर रहे थे।कल रात से ही मौसम का मिजाज़ कुछ बदला-बदला सा था।सच कहते हैं लोग जीवन और मौसम का कोई भरोसा नहीं […]
कांजीवरम की लाल साड़ी-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Kahani: राखी का दिन बीतने को था और ललित की कलाई सूनी ही रह गई थी। उसे बार-बार रुलाई छूट रही थी और अपने घर की और अपने भाई बहनों की बहुत याद आ रही थी। साल भर हो गया था उसे घर गए हुए सबसे मिले हुए। नौकरी लगने के बाद अपने घर […]
किस्तें चुकानी बाकी हैं-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Social Story in Hindi: रैना के अठारहवें जन्मदिन पर उसके पिता सुहास जो उसके लिए तोहफा लेकर आए थे उसे देखकर वो पापा के गले लग गई …” थैंक्यू पापा थैंक्यू पापा… आई लव यू सो मच… यू आर दि बेस्ट इन दिस वर्ल्ड”कहकर डिब्बे को खोल उसमें रखे आईफोन को चूमने लगी।सुहास भी अपनी […]
ख़ुशियों की दस्तक-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Short Story: सुबह की पहली किरण जैसे ही आसमान में फैली, आदित्य की मां, सविता, पूजा-पाठ करने लगी। सविता जी की ये आदत बरसों पुरानी थी। आजकल हर दिन वह यही सोचती थी की कभी उनका यही घर हंसी ठहाकों से गूंजता था, पर अब दीवारों पर सन्नाटा चिपका था। आदित्य, जो कभी मां […]
लौट आए तुम-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Prem Kahani: रात का वक्त था। मुंबई की हलचल अब थम चुकी थी, पर रिया के मन में तूफान चल रहा था। बालकनी में बैठी वो कॉफी की चुस्की ले रही थी, सामने गगनचुंबी इमारतों की लाइटें थीं। उसकी आंखों में सिर्फ अंधेरा था। दस साल पूरे हो चुके थे उसे ऋषभ से बात […]
रूढ़ि के विरूद्ध -गृहलक्ष्मी श्रेष्ठ कहानी
Hindi Best Story: बादल ने बरखा के साथ पुराने तरीके से सगाई करने से साफ मना कर दिया था। उसने ऐसा तर्क दिया था कि बड़ों की बोलती बन्द हो गयी थी। पुरानी रूढ़ियों की जकड़ाहट आज की उच्च शिक्षित नयी पीढ़ी के युवाओं को स्वीकार नहीं होती। उनका कहना होता है कि हमें उसमें […]
