Celina Jaitly posing with her brother Vikrant Jaitly in army uniform at a mountainous location.
Celina Jaitley spoke about how profoundly she feels the absence of her brother and how much she misses having him in her life.

Summary: सेलिना जेटली के भाई रिटायर्ड मेजर विक्रांत जेटली केस में दिल्ली हाईकोर्ट ने विदेश मंत्रालय को दिए अहम निर्देश

दिल्ली हाईकोर्ट ने सेलिना जेटली के भाई विक्रांत जेटली के मामले में विदेश मंत्रालय को प्रभावी कानूनी सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने इस केस की अगली सुनवाई 10 फरवरी को तय की है।

Vikrant Jaitly UAE Case: बॉलीवुड अभिनेत्री सेलिना जेटली के भाई, रिटायर्ड मेजर विक्रांत कुमार जेटली, पिछले कई महीनों से संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की हिरासत में हैं। हाल ही में प्रकरण की सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने विदेश मंत्रालय को स्पष्ट निर्देश दिए कि विक्रांत जेटली को प्रभावी कानूनी सहायता और सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। अदालत ने कहा कि विदेश मंत्रालय अबूधाबी स्थित खालिद अलमरी लॉ फर्म को इस केस की जिम्मेदारी सौंपे, ताकि हिरासत में बंद विक्रांत को स्थानीय स्तर पर कानूनी प्रतिनिधित्व मिल सके। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि मंत्रालय को आदेश के पालन में किसी प्रकार की परेशानी आती है, तो इसकी जानकारी हलफनामे के जरिए अदालत को दी जाए।

15 महीनों से नहीं हो पाया कोई संपर्क

सितंबर 2024 से हिरासत में रहने के बावजूद पिछले 15 महीनों से विक्रांत जेटली का अपने परिवार से कोई संपर्क नहीं हो पाया है। सेलिना जेटली ने अदालत में दायर याचिका में दावा किया कि उनके भाई को न तो पर्याप्त कानूनी मदद दी गई और न ही मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। सेलिना का कहना है कि इस पूरी अवधि में उन्हें यह तक नहीं पता कि उनके भाई की शारीरिक और मानसिक स्थिति कैसी है। इसी आधार पर उन्होंने अदालत से अनुरोध किया कि भारत सरकार इस मामले में सक्रिय हस्तक्षेप करे और कांसुलर एक्सेस सुनिश्चित करे।

विदेश मंत्रालय को तुरंत कदम उठाने के निर्देश

दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि किसी भी भारतीय नागरिक को विदेशी हिरासत में कानूनी प्रतिनिधित्व और बुनियादी सुरक्षा से वंचित नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने विदेश मंत्रालय को निर्देश दिया कि वह स्थानीय लॉ फर्म के माध्यम से विक्रांत जेटली तक पहुंच बनाए और यह सुनिश्चित करे कि उन्हें उनके अधिकारों की जानकारी दी जाए। इस मामले की अगली सुनवाई 10 फरवरी को निर्धारित की गई है।

सेलिना जेटली ने की अपील

सेलिना जेटली ने हाल ही में सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा करते हुए बताया कि वे पिछले 15 महीनों से अपने भाई से बात नहीं कर पाई हैं। उन्होंने लिखा कि उनके भाई को 6 सितंबर 2024 से यूएई में हिरासत में रखा गया है, और उनकी सुरक्षा व संपर्क को लेकर उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। सेलिना के अनुसार, विदेश मंत्रालय ने एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया है और भारत सरकार के एडिशनल सॉलिसिटर जनरल व वरिष्ठ वकील चेतन शर्मा ने कोर्ट को आश्वासन दिया है कि वे जल्द ही भाई से बातचीत करवाने की पूरी कोशिश करेंगे।

पत्नी के वकील ने उठाए सवाल

इस पूरे मामले में एक अलग मोड़ तब आया, जब विक्रांत जेटली की पत्नी चारुल जेटली के वकील सुधांशु पांडे ने समाचार एजेंसी ANI से बातचीत में कुछ सवाल खड़े किए। उनके अनुसार, सेलिना जेटली ने परिवार को बिना जानकारी दिए कांसुलर एक्सेस को लेकर कानूनी कार्रवाई शुरू की, जो “अनावश्यक और दुर्भाग्यपूर्ण” थी। वकील का कहना है कि विक्रांत जेटली ने 2016–17 में पारिवारिक कारणों से समय से पहले सेना से रिटायरमेंट लिया था और इसके बाद दुबई में निजी क्षेत्र में काम कर रहे थे। उन्हें जिन मामलों में हिरासत में लिया गया, वे कथित तौर पर नेशनल सिक्योरिटी और साइबर से जुड़े संवेदनशील मुद्दे थे।

परिवार के मतभेद आए सामने

सुधांशु पांडे ने यह भी कहा कि जब चारुल जेटली को इस मामले की जानकारी मिली, तो उन्होंने सबसे पहले सेलिना से संपर्क किया, लेकिन उस समय उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं मिला।

अभिलाषा सक्सेना चक्रवर्ती पिछले 15 वर्षों से प्रिंट और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में दक्षता रखने वाली अभिलाषा ने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान टाइम्स, भोपाल से की थी। डीएनए, नईदुनिया, फर्स्ट इंडिया,...