Summary: जन्म के बाद पहले महीने में शिशु की देखभाल के जरूरी टिप्स
नवजात शिशु के पहले महीने में सही देखभाल बेहद जरूरी होती है, क्योंकि यही समय उसकी सेहत और विकास की मजबूत नींव रखता है।
साफ-सफाई, सही फीडिंग, नींद और नियमित निगरानी से शिशु को सुरक्षित और स्वस्थ रखा जा सकता है।
Newborn Baby Care: मां बनना जीवन का सबसे खूबसूरत पल और सबसे खुशनुमा एहसास होता है। लेकिन मां बनने के बाद एक महिला को खुशी के साथ कई जिम्मेदारियां भी मिलती हैं। जन्म के कुछ महीने खासतौर पर पहले महीने बच्चे का बहुत ज्यादा ख्याल रखना होता है। जो महिलाएं पहली बार मां बनती हैं, उन्हें नवजात शिशु की देखभाल कैसे करें, इसकी कोई जानकारी नहीं होती है। छोटे बच्चे को गोद में कैसे लें, मालिश कैसे करें, कैसे नहलाएं कुछ ऐसी जिम्मेदारियां हैं, जिन्हें बहुत सावधानी से निभाना होता है। अगर आप पहली बार मां बनी हैं और आपको इस बात का अंदाजा नहीं है, तो आपको आज हम आपके शिशु की देखभाल के लिए कुछ जरूरी टिप्स देते हैं-
स्तनपान

नवजात शिशु को दूध की ज्यादा जरूरत होती है। जन्म के बाद बच्चे को हर एक से तीन घंटे में स्तनपान करवाना जरूरी होता है। बच्चे को दिन भर में 6 से 12 बार तक दूध पिला सकती हैं बच्चा जितनी बार दूध पिएगा, उतना ही उसका विकास होगा। बच्चे को फीड करवाने के बाद ठीक तरह से डकार दिलवाना ना भूलें, नहीं तो उन्हें गैस या पेट दर्द की समस्या हो सकती है। शिशु को छाती से लगाकर व पेट के बल गोदी में लेटाकर भी डकार दिलाई जा सकती है
हाइजीन का रखें ध्यान

नवजात शिशु को जल्दी इन्फेक्शन होने की सम्भावना रहती है, इसलिए साफ़ सफाई का विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए। बच्चे को छूने या गोदी में लेने से पहले अच्छे से हाथ जरूर धो लें। अगर कोई भी बाहर का व्यक्ति बच्चे को देखने आता है तो उसे बच्चे को गोदी में लेने या उसके चेहरे पर हाथ लगाने से मना करें। बाहर की चप्पलें भी बेबी के कमरे में नहीं लाएं। साथ ही नवजात शिशु के डायपर समय समय पर बदलने का ध्यान रखें अन्यथा उन्हें रैश और दूसरी समस्याएं हो सकती हैं। डायपर बदलते समय उसे गर्म पानी से साफ करके, अच्छी तरह से पोंछकर ही नया डायपर पहनाएं। अगर रैश ज्यादा हो जाएं, तो रैश क्रीम लगाएं और समस्या गंभीर होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
संक्रमण से बचाएं
अगर घर में किसी को सर्दी खांसी या दूसरे किसी तरह का इन्फेक्शन है तो उन्हें बच्चे के संपर्क में नहीं आने दें क्योंकि छोटे बच्चों को संक्रमण जल्दी हो सकता है। पहले महीने में ही इन्फेक्शन होने से बच्चे की सेहत पर प्रभाव पड़ता है। जन्म के बाद बच्चे के टीकाकरण का ख़ास ध्यान रखें। नवजात शिशु को समय से टीके लगवाना बेहद जरूरी है।
नींद का पूरा ध्यान रखें

नवजात शिशु के अच्छे विकास के लिए उसे पर्याप्त नींद मिलना बहुत जरूरी है और आपको इस बात का ख़ास ध्यान रखना है। फीड करते करते अधिकांश बेबी सो जाते हैं। अगर ऐसा हो तो उन्हें आराम से लिटा दें जितना ज्यादा सोएंगे उतना ही अच्छा होगा।
शिशु की मालिश और नहलाना

नवजात शिशु की त्वचा बहुत नाजुक और कोमल होती है। इस कारण उन्हें नहलाते समय बहुत सावधानी बरतना जरूरी है। शिशु को आप हफ्ते में दो से तीन बार नहला सकते हैं और इसके लिए शिशु को नहलाने का सही तरीका अपनाना जरूरी है नवजात शिशु को आप गीले कपड़े या स्पंज से साफ करके स्पंज बाथ दे सकते हैं। आप चाहें तो उन्हें बाथ टब में भी नहला सकते हैं, लेकिन इस दौरान सभी तरह की सावधानियां बरतना जरूरी है, जैसे पानी गुनगुना हो और साबुन या शैम्पू बच्चे की आंखों में न जाए आदि। मालिश करते समय ध्यान रखें कि बच्चे के हाथ पैर तेजी से नहीं खींचे।
अगर आप भी हाल ही में मां बनी हैं तो हमारे ये टिप्स जरूर फॉलो करिए।
