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नयी राह-21 श्रेष्ठ नारीमन की कहानियां मध्यप्रदेश

Soldier Hindi Story: आज फिर सीमा पार से खबरें आ रहीं हैं। रोज छोटी-बड़ी झड़पों के कारण तनाव फैल रहा। कभी कहीं आमना-सामना होता तो कभी दोनों तरफ से फायरिंग भी। यही सब जान कर मीरा सारा दिन टीवी के सामने बैठी रहती। मन-ही-मन घबराती। मीरा वीर की बारे में चिंतित है। कई दिन से […]

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ठंड की स्वेटर

Hindi Winter Story: 24 वर्षीय वैदेही किसी छोटी सी बच्ची की तरह अपनी मम्मी स्मृति से रूठते हुए बोली कि, ‘तुम देख लेना मम्मी, अगर तुमने मुझे ठंड शुरू होने से पहले अपने हाथ से बुना हुआ स्वेटर बुनकर नहीं दिया, तो मैं तुम्हारे सर की कसम खाकर कहती हूं कि मैं भले ही इस […]

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काश ! पहले कहा होता…

Story in Hindi: आज मौसी की तेरहवीं की शोक सभा रखी गई है, समय दो बजे का है इसलिए नजदीकी कुछ लोग पहले से आ गए, कुछ लोगों का आना-जाना चल रहा है। सभी के चेहरे देख ऐसा महसूस हो रहा था मौसी के जाने की वजह से काफी दु:खी हैं, जो भी आपस में […]

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नारी शक्ति-21 श्रेष्ठ नारीमन की कहानियां मध्यप्रदेश

Nari Shakti Story: पड़ोसी के घर चीख-पुकार सुन सरिता दौड़ी-दौड़ी अपने मकान की छत पर पहुंची। पड़ोसी के यहाँ आज फिर बेटा-बहू में लड़ाई हो रही थी। बेटा अपनी बीबी के साथ मारपीट, गाली-गलौज कर रहा था। पास ही खड़ा पाँच साल का बेटा सिसक-सिसक कर रोते हुए कहता जा रहा था, “पापा माँ को […]

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बसन्त ठहर गया-दुखद हिंदी कहानियां

Basant Story: सरबतिया ओ ..बिटिया सरबतिया……. अपनी झोपड़ी के दरवाज़े  के बाहर ,बड़ी हवेली हवेली वाले  राजा ठाकुर के यहाँ काम करने वाले रामधन चच्चा की रौबदार आवाज सुनकर हुमक उठी थी नौ साल की नन्ही सी सरबतिया ……. अभी आई चाचा,उसने ख़ुशनुमा आवाज़ में कहा,और दुआ में हाथ ऊपर उठाकर बोली ,”अल्लाह आप बहुत […]

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मुक्ति-21 श्रेष्ठ नारीमन की कहानियां मध्यप्रदेश

Mukti Story: अस्पताल की खिड़की से उन्मुक्त गगन में उड़ते पक्षियों को सुनीता ध्यान से देखते हुए सोच रही थी ‘काश इन पक्षियों की तरह मेरा भी जीवन होता। मैं भी निश्चित होकर अपने पखों में हवा भर कर उड़ान भरती।’ सुनीता की आँखों से आँसू झलक गए। इतने में सुमित ने आवाज लगाई, सुनीता! […]

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पतंग सी बेटी-दुखद हिंदी कहानियां

Makar Sankranti Story: संक्रांति की सुबह का अखबार खोलते ही सरला की खुशी का ठिकाना न था। सोनिया की तस्वीर मुख्यपृष्ठ पर छपी थी। उसे काशी विश्वविद्यालय की ओर से रिसर्च हेतु जर्मनी भेजा जा रहा। साथ ही वहीं नौकरी भी मिली है। उसकी सफलता की खबर पढ़कर सरला की आंखें छलक पड़ीं। इसी बेटी […]

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कुछ खट्टी कुछ मीठी…!-गृहलक्ष्मी की कहानी

Makar Sankranti Story: “कल चौदह जनवरी है। कल की तैयारी शुरू करो। सब लोग पतंगों का इंतजाम कर लो ।हम सभी बच्चे छत पर जाकर पतंगे उड़ाएंगे!” हमेशा की तरह हमारे टीम के बॉस राघव भैया ने कहा। ” छत पर क्यों?, विनी ने पूछा.. हम बड़े मैदान जाकर क्यों नहीं पतंगे उड़ाएंगे?” ” विनी, […]

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स्वाभिमान-21 श्रेष्ठ नारीमन की कहानियां मध्यप्रदेश

Self Respect Story: शांति का जन्म एक बहुत ही रईस परिवार में हुआ था। पांच पुश्तों में घर में बेटी हुई, इस वजह से वह बहुत नाजों से पली-बढ़ी थी। दूध-दही के भंडार हुआ करते थे। हर जन्मदिन पर उसे दूध से नहलाया जाता था। उसकी शादी धामपुर के बड़े जमींदार के बेटे मोहन से […]

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मैं कुछ नहीं करती-21 श्रेष्ठ नारीमन की कहानियां मध्यप्रदेश

Women Story: स्नेहा के गेट खोलते ही आंगन की जो हालत देखी मानो कह रही हो, आपके जाने का मुझे बहुत दु:ख है। पिछले एक हफ्ते से सहेली की बेटी की शादी में गयी थी। बचपन की सहेली की बेटी की शादी थी, काफी आग्रह था। बचपन के दोस्तों से मिलने का मोह वह भी […]

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