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बहू का जन्मदिन-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Birthday Story: दिसंबर की गलन भरी रातों में ठिठुरते हुए कितना इंतज़ार रहता है उन सुबहों का, जिनमें सूरज दरवाज़ों और खिड़कियों से अपने पूरे उजास के साथ झाँकता हो. इस मौसम में देह ठंड में सिकुड़े सिकुड़े कैसे अकड़ सी जाती है. तो आज ऐसी ही खिली-खिली धूप निकली थी और मैं इस […]

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माँ की नसीहत-गृ​हलक्ष्मी की लघु कहानी

Maa ki Sikh: शैली के विवाह को अभी मुश्किल से तीन माह हुए थे और वह अपने ससुराली जनों से नाराज होकर मायके में आकर बैठ गई। उसकी दशा देखकर उसकी माँ अरुणिमा ने उसे अपने पास बुलाया और प्यार से उसके बालों को सहलाते हुए कहने लगीं- ” तुम्हें अपने घर वापस जाना चाहिए। […]

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पूर्ण समर्पण न कि समझौता-गृहलक्ष्मी की कहानियां 

Short Stories: जीवन में बहुत से ऐसे दौर आते हैं, जब हम जीवन के ऐसे पाट में फ़स जाते हैं, कि निकलने के लिए काफी प्रयास करना पड़ता है | कभी आप किसी कार्य को समझौता समझ कर करते हैं, और कभी समर्पण | फर्क सिर्फ सोच का है | इसी को दर्शाते हुए समर्पित […]

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इंद्रधनुषी प्रेम-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Love Story: “प्यार करते हो मुझसे?” “हाँ!” “भगा सकते हो ….सोच लो….जान का खतरा है।”थोड़ी आश्वस्त हो गई थी। “मैं तैयार हूँ, कब भागना है?”एक मिनट की मौन के बाद बोला। “कल,कोर्ट के रास्ते में आ जाना।” कॉलेज आते – जाते शुभांग अक्सर उसका पीछा करता तो दीक्षा ने उसे रोक कर पूछ ही […]

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पिंजरा-लव स्टोरी

Pinjra Story: कल रात को फेसबुक पर दौड़ते हुए अचानक नजर ठहर गयी|अभि वापस इंडिया आ गया था| इसी शहर में है! क्या मेरे लिये आया है? उसने आखिरी मुलाकत में मेरा हाथ थामे कहा था,”मैं इंडिया वापस आते ही तुमसे शादी करूँगा, तब तक तुम मेरा इंतज़ार करना| वो तो पंछी बन उड़ गया […]

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प्यार किया तो डरना क्या-हास्य व्यंग्य

Hindi Funny Story: अगर आप अपने आप को एक समर्पित प्रेमी मानते हैं तो यह भी मान लीजिए आपने बैठे ठाले बहुतों को अपना दुश्मन बना लिया है । जो आपके प्यार की पिपडी को तोड़ना चाहते हैं परंतु यह तो छोटे-मोटे संगठन या इक्का-दुक्का लोग हैं जिनसे आप बच बचाकर प्रेम कर सकते हैं […]

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लौट आईं ख़ुशियाँ-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Happiness Story: “दद्दा नहीं रहे” फ़ोन पर भैया के ये शब्द सुनते ही दिल अंदर तक दर्द से भर गया, पर तसल्ली थी बीना को कि जब माँ है, तब तक मायका।घर वापस जाते समय दोनों बहनें अम्मा से वादा करके गईं कि हम लोग बारी-बारी से आते रहेंगे। दोनों बहनें ही समय निकालकर अम्मा […]

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रिश्तों की ठिठुरन-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Relation Story: सर्द हवाओं से मदन का पूरा जिस्म कांप रहा था।बुढ़ापे की मार ओर कमर दर्द ने उसे ओर कमजोर बना दिया था। गोमती ने खाट पर लेटे मदन को हिलाते हुए पूछा..,”आज दाड़की पर नही जानो का..?मदन ने आँख खोली चरमराती खाट पर करवट बदल कर गोमती को ओर देख बोला।“आज तो जबरदस्त […]

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फूल चुनने का मौसम-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Prem Kahaniya: नन्दिनी …..पति राजवीर की  रौबदार आवाज़ के साथ नन्दिनी का किसी जिन की तरह प्रगट होना तय होता। वरना दिनभर वह और उसका रूखापन उसे दिन तो दिन  रात को भी चैन  न लेने देता। मेरी ज़रूरी फाइल्स  और कुछ कपड़े बैग में रख देना दो दिनों के लिए ऑफिस की ट्रेनिंग पर […]

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गुलाब कांटों के बीच ही खिलता है-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Kahaniya: आज फिर से काजोल ने मेरे साथ जाने का आग्रह किया। मेैं हमेशा की तरह ना कर सका। गोरी चिट्टी, इकहरे बदन की काजोल की उम्र तकरीबन पच्चीस साल की होगी। नाक नक्ष आर्कशक थे। खास तौर से उसके अधर ,जिसके दोनेा कोर धनुशाकार थे और सुर्ख गुलाबी रंग से नहाये रहते। लगता […]

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