Hindi Kahani: जुड़े बेचने वाली लड़की जो कि आज की तारीख में मेरी पत्नी मेरी जीवन संगिनी है.मुझे वह शादी से पहले ही पसंद थी. वह बिल्कुल मेरी ऑफिस के सामने वाली सड़क के किनारे फुटपाथ पर अपने टोकरे में विभिन्न तरह के जुड़े रखकर बेचा करती थी. वह यह सारे जुड़े खुद ही अपने […]
Author Archives: रंगनाथ द्विवेदी
मां के नौ रुप और एक मेरी मां—गृहलक्ष्मी की कहानी
Navratri Special Story: रश्मी प्रतिदिन की तरह जब मार्निग वाक करने के लिए अपने घर से निकली तो उसे रास्ते में कॉलोनी की अन्य औरते भी मिल गई जो उसके साथ प्रतिदिन मोर्निग वॉक करने जाया करती थी. वे उनके साथ सड़क की मोड़ की तरफ अभी पहुंची भी नही थी कि तभी कचरे फेकने […]
ठंड की स्वेटर
Hindi Winter Story: 24 वर्षीय वैदेही किसी छोटी सी बच्ची की तरह अपनी मम्मी स्मृति से रूठते हुए बोली कि, ‘तुम देख लेना मम्मी, अगर तुमने मुझे ठंड शुरू होने से पहले अपने हाथ से बुना हुआ स्वेटर बुनकर नहीं दिया, तो मैं तुम्हारे सर की कसम खाकर कहती हूं कि मैं भले ही इस […]
पतंग और गफूर चचा-दुखद हिंदी कहानियां
Childhood Story: जैसे ही मुझे ऑफिस से छः दिनों तक ठंड वाली छुट्टी मिली,मैं उसी दिन शाम को ट्रेन पकड़ कर लखनऊ से फूलपुर अपने घर चला आया.दूसरे दिन नहा–धोकर नाश्ता करके मैं गफूर चचा के बरगद के पेड़ की दाहिनी तरफ उनके पतंग वाली लकड़ी की गुमटी के पास पहुंचा तो उसे बंद देख […]
