लेखक का परिचय : समीर
रोमांटिक उपन्यासकारों के राजा के रूप में विख्यात समीर अपने कथानक को इतनी कुशलता के साथ प्रकट करते हैं कि पाठक इसका आनंद ऐसे लेता है जैसे वह कोई फिल्म देख रहा हो। प्यार के आंसू दर्द, अलगाव की पीड़ा, नायक की जिद और फिर अपने प्यार को पाने के लिए पागल उन्माद लगभग सचित्र वर्णन में इतना डूबा रहता है कि पाठक उनके साथ तत्काल सहानुभूति विकसित करता है। समीर के पाठक जानते हैं कि वह उन्हें कितनी गहराई से प्यार में डूबा देता है, लगभग उन्हें एक ही बार में उपन्यास खत्म करने के लिए मजबूर कर देता है।
प्यार के ताने-बाने में ताना-बाना बुना हुआ उनका नया उपन्यास ‘कच्चे धागे’ अब आपके हाथ में है.
कच्चे धागे :
Hindi Novel कच्चे धागे : “सुनो अंजला! मैं तुमसे प्यार करता हूँ। तुम्हारे बगैर जिन्दा नहीं रह सकता। तुम्हें मेरा प्यार स्वीकार करना ही पड़ेगा। जवाब दो।”
“चटाख!” एक जोरदार थप्पड़ की आवाज गूंजी।
“मिल गया जवाब?” अंजला ने गुस्से से कहा….”या पैर की इज्जत हाथ में लेकर दूं?”
“नहीं, नहीं…।” विवेक जल्दी से न के संकेत में हाथ हिलाता पीछे हटते हुए बोला‒”बस इतना ही काफी है।”
अचानक कुंज के बाहर से कई लड़के-लड़कियों के ठहाके सुनाई दिए। विवेक घबरा गया‒भाग कर उसने छलांग लगाई और ऊँची बाड़ फलांग कर कम्पाउण्ड के दूसरे भाग में चला गया। वह बार-बार गाल सहलाता हुआ इधर-उधर देखता जा रहा था और अनजाने में ही एक लड़की से टकरा गया।
प्रकाशित: 13-03-2022
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प्रकाशित: 01-04-2022
