Hindi Motivational Story: मन्थर गति से ढलती हुई साँझ की तरह वह आदमी धीमे कदमों से जैसे एक एक पग नापता हुआ प्लेटफार्म पर आगे बढ़ता चला जा रहा था। उसे देखकर साफ पता चलता था कि उसे कोई जल्दी नहीं थी, वह बस अपना समय गुजार रहा था। सिर पर पके हुए सफेद बाल […]
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वो वैलेंटाइन-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Love Story: “एक्सक्यूज मी!” खनकती हुई सी जनाना आवाज कानों में पड़ते ही अपने डिपार्टमेंटल स्टोर में बैठे आदित्य ने अपना सिर उठाकर सामने देखा तो बस देखता ही रह गया। सामने तीस साला बला की खूबसूरत औरत खड़ी मुस्कुरा रही थी। उसकी गोद में एक गोल-मटोल छोटा सा बच्चा किलकारियाँ मार रहा था। […]
कांच के रिश्ते – गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Sad Story: सिया की जिंदगी देखने में एक परफेक्ट तस्वीर जैसी थी। एक खूबसूरत घर, एक प्यार करने वाला पति राहुल और एक जान छिड़कने वाली बचपन की सहेली कविता। सिया को अक्सर लोग कहते, “तुम्हारी लाइफ तो एक फिल्म जैसी लगती है!” वो हँस देती और कहती, “शायद मेरी किस्मत थोड़ी ज्यादा अच्छी […]
मुझे तू चाहिए-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Romantic Story: “माधुरी, मेरा टिफिन!” मुकेश ने अपने जूते पहनते हुए माधुरी को पुकारा। “बस दो मिनट, अभी आई।” और एक मिनट से भी कम समय में माधुरी उसके सामने टिफिन लिए खड़ी थी। उसके चेहरे से ऐसा लग रहा था जैसे वह उससे कुछ कहना चाहती हो। मुकेश ने एक बार उसकी तरफ […]
गृहणी-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Motivational Story: तेज धूप में मीना के कदम तेजी से घर के तरफ़ मुड़ रहे थेआत्मा से आवाज़ आ रहा था। ‘बावड़ी- थोड़ा रुक के कोल्डड्रिंक पीते हैं’लेकिन घर आने वाले महेमानो की मेहमान नवाज़ी घर जाने के लिए प्रेरित कर रहा थामध्यम वर्गीय परिवार और अगर घर में एक ही कमाने वाला हो […]
बेटियों का बाप-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Motivational Story: बेटे की आस में एक के बाद एक पांच बेटियां हो गई मीना की। उसकी सास कमला को वंश बढ़ोत्तरी के लिए पोते का मोह घेरे हुए था। पांचवी संतान के जन्म के बाद मीना की गिरती सेहत को देखकर डॉक्टर ने उसके पति रितेश को साफ चेतावनी दी थी कि अब गर्भधारण […]
उजाला-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Motivational Story: “आजकल के लोगों में एहसान मानने की तो आदत ही ख़त्म हो चली है ,लोग सब कुछ लौटा सकते हैं पर वो समय कहाँ से लौटायेंगे जो उन पर खर्च किया जाता है”,ह्रदय से बहुत ही संवेदनशील माधवी बड़बड़ाते हुए कह रही थी।इतना करने के बाद भी हाथ क्या लगता है बस बुराई […]
आँगन से आसमान तक-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Short Story: बड़े शहर की रौनकें छोड़कर जब सुनैना की शादी एक छोटे कस्बे के घर में हुई, तो मन में थोड़ा डर था और थोड़ी उम्मीद। नए घर का माहौल समझना मुश्किल नहीं था यहां सब कुछ नियमों से चलता था, और उनमें सबसे अधिक “चुप” थी उसकी सास, शांता देवी। शुरुआती दिनों में […]
उपहार-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Emotional Story: वॉट्सएप पर मेसेज का स्वर उभरा तो,संदीपन शेव बीच में ही छोड़कर फ़ोन की तरफ़ लपका जैसे,प्रतीक्षा ही कर रहा हो.मेसेज उसकी बहन शालू का था, “कीया के जन्म दिन की याद दिला रही हूँ. तुम्हें आना है” संदीपन के चेहरे पर मुस्कान बिछ गई… उसकी प्यारी बहन थी शालू और कीया?शालू को […]
समाधान-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Kahani: नितांत सूनी सीढ़ियाँ,बंद दरवाज़े और उनमे से केबल पर प्रसारित फ़िल्मों की आवाज़ों का शोर. दोपहर के बारह बजे भी सीढ़ियों पर उतरते चढ़ते ,दहशत सी होती है.समाचार पत्रों में लगभग रोज़ ही दिन दहाड़े होने वाली वारदातों की संख्या क्रमश: बढ़ती जा रही है. शुचि सोचा करती आज के माहौल में लोगों […]
