A female runner holding a Guinness World Records certificate and running in a mountain setting.

Summary: सूफिया सूफी ने मनाली से लेह की सबसे कठिन दौड़ सिर्फ 98 घंटे 27 मिनट में पूरी की

राजस्थान की अल्ट्रा मैराथन रनर सूफिया सूफी ने एक बार फिर इतिहास रचते हुए मनाली से लेह की 425 किलोमीटर लंबी कठिन दौड़ 98 घंटे 27 मिनट में पूरी की और गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम किया। यह रिकॉर्ड इसलिए खास है क्योंकि पहले भी यह रिकॉर्ड सूफिया के नाम था, जिसे उन्होंने 2021 में बनाया था

Sufiya Sufi Sets Guinness World Record: दुनिया में रोज़ कोई न कोई रिकॉर्ड बनता है, लेकिन राजस्थान की अल्ट्रा मैराथन रनर सूफिया सूफी ने एक बार फिर नया इतिहास रच दिया है। मनाली से लेह का रास्ता दुनिया के सबसे कठिन रनिंग रूट्स में गिना जाता है। इस पूरे सफर में ऊंचे पहाड़, खतरनाक मोड़, बर्फीली हवाएं और बेहद कम ऑक्सीजन जैसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन सूफिया सूफी ने सबसे कठिन दौड़ की जीत के साथ ही सूफिया 100 घंटे से कम समय में इस खतरनाक रूट को पूरा करने वाली सबसे तेज महिला बन गईं और गिनीज वर्ल्ड बना दिया। यह और भी खास है क्योंकि पहले यह रिकॉर्ड भी सूफिया के नाम ही था, जिसे उन्होंने 2021 में बनाया था। इस बार उन्होंने अपने ही रिकॉर्ड को तोड़ दिया।

दरअसल, सूफिया सूफी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि यह रिकॉर्ड साल 2023 में ही बन गया था और उसी समय गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की ओर से इसे मंजूरी भी मिल गई थी। हालांकि आधिकारिक सर्टिफिकेट उन्हें काफी देर से मिला। उन्होंने मजाकिया अंदाज में लिखा कि सर्टिफिकेट ने डिलीवरी गेटवे और भारतीय कस्टम्स के रास्ते “सीनिक रूट” ले लिया था, लेकिन अब आखिरकार वह उनके पास पहुंच गया है। इस पोस्ट में उन्होंने अपने स्पॉन्सर्स और समर्थकों का आभार भी जताया. उनकी इस उपलब्धि पर सोशल मीडिया यूजर्स ने जमकर तारीफ की और इसे असाधारण साहस का उदाहरण बताया। सूफिया की इस कामयाबी की चौतरफ तारीफ हो रही है. उनके इस पोस्ट को सोशल मीडिया पर खूब सराहना मिली।

सूफिया सूफी ने इस रिकॉर्ड में करीब 425 किलोमीटर की दूरी तय की, जिसे दुनिया की सबसे कठिन एंड्योरेंस चुनौतियों में गिना जाता है। यह रन पांच ऊंचे पर्वतीय दर्रों से होकर गुजरता है, जहां ऑक्सीजन की कमी और मौसम की अनिश्चितता धावकों की परीक्षा लेती है। इस दौरान कुल ऊंचाई में 8,500 मीटर से ज्यादा की चढ़ाई शामिल थी। सूफी ने यह दौड़ 98 घंटे 27 मिनट में पूरी कर 100 घंटे के लक्ष्य को पार किया और इतिहास रच दिया। इसी रास्ते को दौड़कर पार किया। ऊंचाई और कम ऑक्सीजन के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार आगे बढ़ती रहीं।

सूफी के लिए रिकॉर्ड बनाना कोई नई बात नहीं है। इससे पहले भी उन्होंने कई गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाए हैं, जिनमें कश्मीर से कन्याकुमारी तक सबसे तेज दौड़ने वाली महिला बनना और भारत भर में 6,000 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करते हुए गोल्डन क्वॉड्रिलैटरल रन को पूरा करना शामिल है। उन्होंने देश के कठिन इलाकों और जलवायु में भी अल्ट्रा-डिस्टेंस रन पूरे किए हैं, जिससे भारत की सबसे कुशल सहनशक्ति धावकों में से एक के रूप में उनकी प्रतिष्ठा मजबूत हुई है।

मेरा नाम नमिता दीक्षित है। मैं एक पत्रकार हूँ और मुझे कंटेंट राइटिंग में 3 साल का अनुभव है। मुझे एंकरिंग का भी कुछ अनुभव है। वैसे तो मैं हर विषय पर कंटेंट लिख सकती हूँ लेकिन मुझे बॉलीवुड और लाइफ़स्टाइल के बारे में लिखना ज़्यादा पसंद...