President of India, Droupadi Murmu, in a circular inset on the top left, wearing a green and cream sari. The main focus is a female Indian Navy officer, Commander yashavi solanki, standing in front of the Rashtrapati Bhavan in New Delhi.

Summary: यशस्वी सोलंकी कौन हैं?, जो बनीं राष्ट्रपति की पहली महिला ADC?

यशस्वी सोलंकी का नाम आज इतिहास में सुनहरे अक्षरों में लिखा जा रहा है। एक ऐसी लड़की जो हरियाणा के छोटे से गांव से उठकर 7वीं कक्षा में सेना की वर्दी पहनने का सपना देखती थी, आज भारत की पहली महिला राष्ट्रपति एड-डी-कैंप (ADC) बन चुकी हैं।

President ADC Yashasvi Solanki: भारत में बेटियां अब हर क्षेत्र में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करा रही हैं, और इसी कड़ी में एक नया इतिहास रचा है भारतीय नौसेना की लेफ्टिनेंट कमांडर यशस्वी सोलंकी ने। वे राष्ट्रपति की पहली महिला एड-डी-कैंप (ADC) बनकर एक ऐसी परंपरा को तोड़ने में सफल हुई हैं, जिसे लंबे समय से सिर्फ पुरुष अधिकारी निभाते आ रहे थे। यह उपलब्धि सिर्फ व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि बदलते भारत की तस्वीर है। यशस्वी की इस ऐतिहासिक नियुक्ति के बाद हर कोई जानना चाहता है कि आखिर वे कौन हैं और उन्होंने यहां तक पहुंचने का यह सफर कैसे तय किया। आइए जानते हैं उनकी कहानी।

​A medium shot of a female Indian Navy officer in a white ceremonial uniform. She is wearing a golden aiguillette across her chest and dark shoulder boards.
Yashavi Solanki Success Story

यशस्वी सोलंकी हरियाणा के चरखी दादरी जिले के एक साधारण से गांव से ताल्लुक रखती हैं। उनके पिता सरकारी स्कूल में शिक्षक हैं और मां गृहिणी। एक साधारण परिवार में पली-बढ़ी यशस्वी ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिले में ही पूरी की। आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के पॉपुलर लेडी श्रीराम कॉलेज में दाखिला लिया जो उनकी मेहनत और लगन का पहला बड़ा पड़ाव था।

बहुत कम उम्र में ही यशस्वी ने अपना लक्ष्य तय कर लिया था। जब वे 7वीं कक्षा में थीं, तब उन्होंने एक इवेंट के दौरान भारतीय वायुसेना के एक पायलट को वर्दी में देखा। वही पल उनके जीवन का टर्निंग पॉइंट बन गया। तभी उन्होंने मन में ठान लिया। उन्हें वर्दी पहनकर देश की सेवा करनी है।

वहीं अपने सपने को सच करने के लिए यशस्वी ने कड़ी मेहनत की और 2012 में UPSC की NDA परीक्षा पास की। इसके बाद उन्होंने शॉर्ट सर्विस कमीशन के तहत भारतीय नौसेना की लॉजिस्टिक्स ब्रांच जॉइन की। यह शाखा रणनीतिक योजना, प्रबंधन और शांत नेतृत्व की मांग करती है और यशस्वी ने इन सभी गुणों से खुद को साबित किया। 9 मई 2025 को उन्होंने भारत के राष्ट्रपति की ADC के रूप में पदभार संभाला। इस नियुक्ति के साथ वे न केवल पहली महिला ADC बनीं, बल्कि सशस्त्र बलों के सुप्रीम कमांडर के सबसे करीबी वर्दीधारी अधिकारियों में शामिल हो गईं।

​A collage of two photos. On the left, President Droupadi Murmu is seen in profile alongside a naval officer in uniform. On the right, the same female naval officer
ADC Selection Process

इस पद के लिए चयन आसान नहीं होता। राष्ट्रपति भवन में 15 दिनों की कठिन ओरिएंटेशन प्रक्रिया के दौरान उम्मीदवार की शारीरिक क्षमता, निर्णय लेने की योग्यता और परिस्थितियों के अनुसार ढलने की क्षमता को परखा जाता है। अंत में राष्ट्रपति स्वयं इंटरव्यू लेते हैं।

राष्ट्रपति के पास कुल पांच ADC होते हैं। तीन सेना से, एक नौसेना से और एक वायुसेना से। ये अधिकारी राष्ट्रपति और सेना के बीच तालमेल बनाते हैं। ADC युवा ऑफिसर होते हैं जो राष्ट्रपति के आधिकारिक कामों जैसे बैठकों, समारोहों और दिनचर्या को संभालते हैं। वे यह भी सुनिश्चित करते हैं कि सभी नियम सही तरीके से पूरी हों ताकि राष्ट्रपति का काम ठीक से चले।

स्वाति कुमारी एक अनुभवी डिजिटल कंटेंट क्रिएटर हैं, जो वर्तमान में गृहलक्ष्मी में फ्रीलांसर के रूप में काम कर रही हैं। चार वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाली स्वाति को खासतौर पर लाइफस्टाइल विषयों पर लेखन में दक्षता हासिल है। खाली समय...