Lieutenant Commander Yashasvi Solanki
Lieutenant Commander Yashasvi Solanki

Yashasvi Solanki: इंडियन नेवी की लेफ्टिनेंट कमांडर यशस्वी सोलंकी को भारत के राष्ट्रपति के एड-डी-कैंप के रूप में नियुक्त किया गया है। यह पहली बार है जब इंडियन नेवी की किसी महिला ऑफिसर को इस पद पर नियुक्ति मिली है। लेफ्टिनेंट कमांडर यशस्वी सोलंकी भारत के एड-डी-कैंप (ADC) की अध्यक्ष बनने वाली पहली नौसेना अधिकारी हैं। भारत के राष्ट्रपति सशस्त्र बलों के सर्वोच्च कमांडर भी हैं।

राष्ट्रपति के एड-डी-कैंप की भूमिका बेहद अहम है क्योंकि नामित व्यक्ति को राष्ट्रपति और प्रतिष्ठान के कई अंगों के बीच को ऑर्डिनेशन और कम्यूनिकेशन की सुविधा प्रदान करने की जरूरत पड़ती है। यही व्यक्ति ऑफिशियल औपचारिकताओं, मीटिंग, काम और प्रोटोकॉल की देख रेख करके सुचारु बनाता है। यशस्वी सोलंकी के काम में औपचारिक कर्तव्यों में राष्ट्रपति की मदद करना और हाई लेवल इंगेजमेंट का को ऑर्डिनेशन करना भी शामिल है। यशस्वी सोलंकी की नियुक्ति देश की सैन्य प्रगति में एक बड़ी उपलब्धि का प्रतीक है। यशस्वी रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में महिलाओं की प्रगति का एक अहम उदाहरण बन चुकी हैं।

Yashasvi Solanki-Lieutenant Commander Yashasvi Solanki with President
Lieutenant Commander Yashasvi Solanki with President

यशस्वी को शॉर्ट सर्विस में कमीशन मिलने के बाद इंडियन नेवी में शामिल किया गया था। अपने प्रोफेशनल करियर में यशस्वी ने अपनी ड्यूटी के प्रति शानदार नेतृत्व और समर्पण का परिचय दिया है। एडीसी के रूप में चुने गए लोगों के पास कम से कम 5 से 7 साल की असाधारण सेवा होती है। उनका नया डेजिगनेशन हाई कमान को संभालने में उनके असाधारण गुणों और कौशल को प्रमाणित करता है। यशस्वी की नियुक्ति सिर्फ उनकी अपनी एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि उन हजारों लाखों युवा महिलाओं के लिए आशा और प्रेरणा की किरण है, जो वर्दी पहन कर अपने देश की सेवा करने की इच्छा रखती हैं। यह भारत के रक्षा बलों के बदलते हालत को भी उजागर करता है, जो लिंग के बजाय प्रतिभा, प्रतिबद्धता और सेवा को अधिक महत्व देता है।

राष्ट्रपति के पास ऑफिशियली रूप से 5 एडीसी होते हैं, जिन्हें तीनों सशस्त्र बलों से चुना जाता है। इनमें 3 सेना से, 1 नौसेना और 1 वायु सेना से होते हैं। हालांकि, राष्ट्रपति को अपनी इच्छानुसार इन सशस्त्र बलों में से ऑफिसर्स को चुनने का अधिकार है। 

यशस्वी सोलंकी की नियुक्ति उन महिलाओं की लंबी सूची में एक और नाम शामिल है, जिन्होंने भारत की ओवरऑल डिफेंस और सिक्युरिटी में प्रमुख सैन्य भूमिकाओं के साथ अन्य भूमिकाएं भी निभाई हैं। पुनीता अरोड़ा जैसी कुछ महिलाएं भारतीय सशस्त्र बलों में आगे रही हैं, जो भारतीय सेना में पहली भारतीय महिला लेफ्टिनेंट जनरल और भारतीय नौसेना में वाइस एडमिरल भी हैं। भारत की पहली महिला एयर मार्शल और विमानन चिकित्सा विशेषज्ञ बनने वाली पहली महिला अधिकारी का नाम पद्मावती बंदोपाध्याय था।

स्पर्धा रानी ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के लेडी श्रीराम कॉलेज ने हिन्दी में एमए और वाईएमसीए से जर्नलिज़्म की पढ़ाई की है। बीते 20 वर्षों से वे लाइफस्टाइल और एंटरटेनमेंट लेखन में सक्रिय हैं। अपने करियर में कई प्रमुख सेलिब्रिटीज़ के इंटरव्यू...