Summary: Srijana Gummalla IAS: साइबराबाद नगर निगम की पहली आयुक्त बनीं, कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल
तेलंगाना सरकार ने साइबराबाद नगर निगम का गठन कर वरिष्ठ आईएएस अधिकारी श्रृजना गुमल्ला को इसकी पहली आयुक्त नियुक्त किया है। कोरोना काल में 20 दिन के नवजात को गोद में लेकर ड्यूटी पर लौटने वाली श्रृजना आज समर्पण और मजबूत प्रशासन की पहचान बन चुकी हैं।
IAS Srijana Gummalla: तेलंगाना में एक नया प्रशासनिक अध्याय शुरू हुआ है। राज्य सरकार ने साइबराबाद नगर निगम का गठन किया और इसकी कमान सौंपी गई वरिष्ठ आईएएस अधिकारी श्रृजना गुमल्ला को। इस नियुक्ति के साथ ही उनका नाम इतिहास में दर्ज हो गया, क्योंकि वह इस नवगठित नगर निगम की पहली आयुक्त बनी हैं।
कार्यभार संभालते ही श्रृजना ने अपने संकल्प को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता एक ऐसा मजबूत, जवाबदेह और संवेदनशील प्रशासन खड़ा करना है, जो नागरिकों को बेहतरीन सुविधाएं दे सके।
कर्तव्य को सबसे ऊपर रखने वाली अफसर
श्रृजना गुमल्ला सिर्फ एक अधिकारी नहीं, बल्कि कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल हैं। साल 2020 में जब पूरा देश कोरोना महामारी से जूझ रहा था, तब उन्होंने ऐसा कदम उठाया जिसने सभी को चौंका दिया। डिलीवरी के महज 20 दिन बाद ही वह अपने नवजात शिशु को गोद में लेकर ऑफिस पहुंच गईं। उन्हें छह महीने की मैटरनिटी लीव मिली थी, लेकिन उन्होंने उसे बीच में ही छोड़ दिया।
जब उनसे इस फैसले के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि महामारी के समय प्रशासनिक जिम्मेदारी ज्यादा अहम थी। ऐसे मुश्किल दौर में उन्हें लगा कि उनका काम पर लौटना जरूरी है। उनकी यह तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुईं और लोगों ने उनके समर्पण की खूब सराहना की।
हैदराबाद से UPSC तक का सफर
A New Chapter Begins
— Srijana Gummalla (@GummallaSrijana) February 11, 2026
Taken charge as the First Commissioner of Cyberabad Municipal Corporation
Together we will build a resilient, accountable and responsive organization which promises its citizens the best public service @TelanganaCMO @IPRTelangana @MC_Cyberabad pic.twitter.com/UUcyfQTeOf
24 अप्रैल 1985 को हैदराबाद में जन्मी श्रृजना का संबंध एक शिक्षित और प्रशासनिक परिवार से है। उनके पिता बालारमैया गुमल्ला भी आईएएस अधिकारी थे। बचपन से ही उन्होंने प्रशासनिक सेवा में जाने का सपना देखा था। उन्होंने उस्मानिया यूनिवर्सिटी से मनोविज्ञान में स्नातक किया और फिर हैदराबाद यूनिवर्सिटी से राजनीति विज्ञान में परास्नातक की पढ़ाई पूरी की। यहां उन्होंने टॉप किया और गोल्ड मेडल हासिल किया। इसके बाद तिरुपति की वी यूनिवर्सिटी से पीएचडी की डिग्री ली।
कुछ समय तक उन्होंने डॉ. रेड्डी फाउंडेशन में एजुकेशन मैनेजमेंट कंसल्टेंट के रूप में काम किया, लेकिन उनका असली लक्ष्य यूपीएससी था।
UPSC में शानदार सफलता
श्रृजना ने राज्य सेवा की परीक्षा पास कर स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग में प्रशासनिक अधिकारी के रूप में काम शुरू किया। इसके बाद उन्होंने अपना अंतिम प्रयास करते हुए 2012 में सिविल सेवा परीक्षा दी। साल 2013 में उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 44 हासिल कर आईएएस बनने का सपना पूरा किया। यह उपलब्धि उनके कठिन परिश्रम और आत्मविश्वास का परिणाम थी।
नई जिम्मेदारी, नई उम्मीदें
साइबराबाद नगर निगम के गठन के साथ ही शहर के विकास को नई दिशा देने की जिम्मेदारी श्रृजना के कंधों पर है। साइबराबाद आईटी और कॉर्पोरेट गतिविधियों का बड़ा केंद्र है, ऐसे में यहां प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करना बेहद अहम माना जा रहा है। श्रृजना का मानना है कि पारदर्शिता, जवाबदेही और नागरिकों से संवाद के जरिए ही बेहतर प्रशासन संभव है।
परिवार का साथ और संतुलन
श्रृजना के पति रवितेजा पेशे से वकील हैं और आंध्र प्रदेश में प्रैक्टिस करते हैं। दोनों एक-दूसरे के काम का सम्मान करते हैं और हर कदम पर साथ निभाते हैं। व्यस्त प्रशासनिक जीवन के बीच परिवार और जिम्मेदारियों को संतुलित रखना आसान नहीं होता, लेकिन श्रृजना ने यह साबित किया है कि इच्छाशक्ति मजबूत हो तो हर चुनौती का सामना किया जा सकता है।
#NewProfilePic pic.twitter.com/tThscvUAJE
— Srijana Gummalla (@GummallaSrijana) May 18, 2025
