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सुहाग की साड़ी-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Motivational Story: सत्तर वर्षीय गोपाल दास कई दिनों से देख रहे थे कि आजकल उनकी दोनों बहुएँ बैग लिए बाज़ार जाने को तैयार रहती है और उनके लड़के भी बराबर बहुओं के साथ जाते हैं।गोपाल दास ने अपनी पत्नी सावित्री देवी से इसका कारण पूछा जो कि अपना पुराना बक्सा खोले कुछ रखने उठाने […]

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सिंदूर खेला- गृहलक्ष्मी की कहानी

Hindi Kahani: पूजा पंडाल में ढोल की थाप गूंज रही थी।माँ दुग्गा के विसर्जन से ठीक पहले का दिन!लाल बॉर्डर की सफेद साड़ी में सजी महिलाएँ माँ की मूर्ति पर सिंदूर चढ़ा कर एक-दूसरे की माँग और फिर गालों में मल रही थी।भीड़ के बीच खड़ी रितुपर्णा का चेहरा तो चमक रहा था, लेकिन भीतर […]

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एक प्यार का नगमा है-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Love Story: “नकुल देख-देख मेरी यूनिवर्सिटी…” साधना ने यूनिवर्सिटी के सामने से गुजरती अपनी कार के शीशे को नीचे उतारते हुए कहा “वह देख रहा है न गेट नंबर दो के सामने वाला डिपार्टमेंट, इसी डिपार्टमेंट में मैं पढ़ा करती थी।” इन बीते सालों में यह बात वह न जाने कितनी बार नकुल को […]

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हवा जहरीली हो गई है-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Social Story in Hindi: प्रत्येक तीसरे साल में प्रीति के पति राजन का स्थानानंतरण होता रहता था। उसके पति बैंक में उच्च पदाधिकारी थे। पति के स्थानांतरण के साथ प्रीति को भी साथ जाना मजबूरी था।राजगीर जैसे शहर से एक  साधारण कस्बे नंदपुरी जाना प्रीति को बहुत ही ज्यादा दुखदाई लग रहा था। कोई उपाय […]

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जब हम छोटे बच्चे थे-हाय मैं शर्म से लाल हुई

Hindi Funny Story: जब हम छोटे बच्चे थे– बात बात पर कोई भी डाँट देता– कोई भी चाँटा लगा देता– मगर क्या मजाल कि कोई बचा ले।“‘कूटना ‘ हमारी भारतीय परंपरा है। पहले घर में ही सब मसालों को कूट पीटकर तैयार किया जाता था और फिर जो उसमें महक आती थी वाह! क्या कहने […]

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मुंह दिखाई-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Short Story in Hindi: शादी के बाद पहली बार ससुराल आई पूजा को अभी एक महीना भी नहीं हुआ था, लेकिन इतने कम समय में पूजा ने अपने कार्य-व्यवहार से परिवार के सभी सदस्यों का दिल जीत लिया था। रोज सुबह सबसे पहले उठना और रात में सब काम खत्म करके सबसे बाद में सोना […]

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परफैक्ट-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Motivation Hindi Story: खिड़की पर खड़ी तूलिका बहुत देर से देख रही थी कि समुद्र की लहरें समुद्र से ही लड़ कर आगे जाकर वापस उसने ही मिल रही थी, मानो सीमा में बंधीं वह लहरें सागर से निकलने को आतुर थी पर वापस सागर में ही मिल जाना उनकी नियति थी।उसी प्रकार तूलिका के […]

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साक्षर और शिक्षित-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Social Story in Hindi: बाबू ….चलो आपको डॉक्टर बुला रहे हैं,ज़ोर से आवाज़ देकर राघव ने अपने पिता को सहारा देते हुए उठाया।रिटायर्ड प्रिंसिपल मिश्र जी बेहद कमजोर हो गए थे और हृदय के ऑपरेशन के बाद और भी शिथिल।डॉक्टर ने आला लगाते हुए पूंछा, इन्हें अब क्या परेशानी है?जी…कुछ खाते ही दिन में कई […]

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फेयरवेल पार्टी—गृहलक्ष्मी की कहानियां

Motivation Story in Hindi: फरवरी का आखिरी हफ्ता चल रहा था, सभी स्कूलों में पूरी पढ़ाई खत्म हो चुकी थी। बोर्ड की डेट शीट भी आ चुकी थी,प्रैक्टिकल भी लगभग खत्म हो चुके थे। बच्चे एग्जाम के दबाव में थे कहीं डर भी था तो कहीं सुनहरे भविष्य के सपने भी थे। स्कूल छूट रहा […]

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सुप्रिया का ससुराल—गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Kahani: “अरे! बिट्टू की मां तुमने अभी किसका नाम लिया? तुम्हें कुछ होश है भी या नहीं?” “क्या हुआ बड़ी दीदी मैं तो अनंत पूजा के बारे में पूछ रही थी। ”  सुप्रिया हैरान थी कि आज उसकी जेठानी किस बात पर उसे इस तरह बोल रहीं हैं। “हे भगवान! तुम मामा ससुर का […]

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