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अपने में मस्त-21 श्रेष्ठ लोक कथाएं मध्यप्रदेश

God and Man Story: कायनात बनाने के लिए भगवान ने पहले धरती बनाई। फिर आकाश, पानी, हवा, आग पैदा की। तब पेड़-पौधे उगाए। फिर भगवान ने सोचा, इनका उपयोग और देख-रेख करनेवाला भी कोई होना चाहिए। तब भगवान ने धरती, आकाश, पानी, हवा और आग से एक-एक गुण लेकर मन लगाकर एक पुतले का निर्माण […]

Posted inदुखद हिंदी कहानियां, लघु कहानी - Short Stories in Hindi, हिंदी कहानियाँ

तमाचा-दुखद हिंदी कहानियां

Mother’s Love story: “दीदी, मैं नानी बन गयी अभी -अभी रिया के ससुराल से फोन आया है कि उसको बेटा हुआ है” खुशी से सराबोर स्वर में संगीता ने अपनी बड़ी ननद कृष्णा को बताया। खुशखबरी सुनकर कृष्णा फूली नहीं समायी। रिया उसके छोटे भाई संजीव की बेटी है उसकी शादी 5 वर्ष  पूर्व राहुल […]

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धरती मिलती वीर को-21 श्रेष्ठ लोक कथाएं मध्यप्रदेश

Brother Story: विंध्य प्रदेश में विन्ध्यवासनी देवी सर्वपूज्य हैं। विन्ध्यासनी देवी के बारह पुत्र थे। उन बारह भाइयों को ‘वेनकार’ कहा जाता था। एक बार वे बारह भाई अपना अपना तीर कमान लेकर शिकार करने के लिए जंगल में गए। जंगल में एक हृष्ट-पुष्ट जंगली सूअर दिखने पर उसका शिकार करने के लिए वे उसका […]

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कोउला और बोउगा-21 श्रेष्ठ लोक कथाएं असम

Dog Story: बहुत साल पहले की बात है। तब एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए सीमित साधन हुआ करते थे। गरीब लोग पैदल चलकर ही एक जगह से दूसरी जगह तक जाते थे। अमीरों के लिए घोड़े, बैल गाड़ी और पालकी का प्रचलन था। ज्यादातर रास्ते जंगलों के बीच से होते हुए गुजरते […]

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चांद के उस पार-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Karwa Chauth Story: करवा चौथ  की तैयारियों में विवेक अपनी पत्नी ऋतु का हाथ बंटा रहा था। और उसे याद आ रहा था वह  पिछला करवा चौथ जिस दिन ऋतु कोरोना से जूझ रही थी। विवेक का तो जैसे विवेक ही काम नहीं कर रहा था । आज उसे महसूस हो रहा था ऋतु के […]

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“तू मां कहलाने लायक नहीं”—गृहलक्ष्मी की कविता

Mother Poem: जो तू लड़ती मेरे हक को, मुझ को जिंदा दफनाती नहीं,मैं दिल से कहती हूं औरत, तू मां कहलाने लायक नहीं। मां बनना तो सौभाग्य होता, चाहे बेटा हो या बेटी हो,मैं अगर जन्मी बेटी तो इसमें मेरा दोष नहीं।तू मां कहलाने लायक नहीं। मां तो खुद गीले में सोती, ताकि बच्चे का […]

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सिकुड़ते रिश्ते-गृहलक्ष्मी की कहानी

Hindi Story: शाम होते ही सोसायटी में लोगों की चहल पहल दिखाई देने लगती।बच्चे बगीचे और मैदान घेरे लेते और बुजुर्ग बेंच पर बैठ धीरे- धीरे बातों में समय बिताने लगते। महिलाएं शाम की सैर करते करते अपनी सहेलियों से मन की बातें कर जी हल्का कर लेती। ऐसी ही एक शाम में अलका  ने […]

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दम तोड़ती मानवता (दबंग बीवी)

Hindi Short Story: चारों तरफ अफरा-तफरी मची थी । मुझे घुटन सी हो रही थी , साँस लेने में बहुत कठिनाई हो रही थी । हॉस्पिटल के बेड पर पड़े हुए मैंने अपनी पत्नी के चिल्लाने की आवाज सुनी ।              यह बात तब की है जब कोविड-19 अपने चरम […]

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अनमोल उपहार

Family Stories: आज अखबार तानिया उठाकर अंदर लेकर गई। वह रसोई में अपनी मम्मी के पास जाकर सुर्खिया पढ़ने लगी। जहां उसकी मम्मी चाय बना रही थी। तानिया अखबार में सबसे पहले दिनांक, वार आदि का विवरण पढ़ती है। आज भी उसने यही किया। चंद मिनट पढ़कर उसने अखबार के बीचो-बीच ‘अभिव्यक्ति मैगजीन निकाली जो […]

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मनन की तितली-21 श्रेष्ठ बालमन की कहानियां गुजरात

Balman ki Kahaniyan: एक था मनन। मनन को तितलियाँ अच्छी लगती थी। छुट्टी के दिन रंग-बिरंगी तितलियाँ देखने मनन बाग में जाता था। एक दिन दीदी ने उसे कहा, “मनन, जरा अपना रूमाल तो दे। मैं उस पर एक प्यारी-सी तितली बनाकर दूँ।” “थैक्यू दीदी! “कहकर मनन ने दीदी को अपना रूमाल दिया। दीदी कढ़ाई […]

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