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प्रेम का रंग-गृहलक्ष्मी की कविता

Hindi Kavita: जो वादे किए थे तुमने कभी मुझसेउन वादों का ज़िक्र करु या न करूंवो हरबार आदतन तुम्हे सोचा करनादुआओं में हरपल तुम्हारी फिक्र करनामैं आज वो सब कुछ, करूँ या न करूं हमेशा की तरहतू कुछ बताता क्यों नहीआकर बस एकबारयह जताता क्यों नहीक्यों नही कह देता किमनु , कोई रिश्ता नही अब […]

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गठबंधन -दुखद हिंदी कहानियां

Hindi Story: “सुनो! तुम सजती रहना! आँखों के काजल में,होठों की लाली में,झुकती निगाहों में,कपोलों के हया में,वह जरूर मुस्कुरायेेंगे। तुम उनकी यादों में लिपटी खुश तो रह पाओगी।” “पता नहीं दी! मुझे तो यकीन ही नहीं हो रहा कि वह चले गये हैं।” “मत करो यकीन उस बात का जिस बात की गवाही आत्मा […]

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फेल तरकीब-21 श्रेष्ठ लोक कथाएं हिमाचल प्रदेश

फेल तरकीब- एक गांव के बुढ़ा और बुढ़ी जितने परिश्रमी थे उनकी बहू उतनी ही निठल्ली थी। हर समय काम में रत बुढा-बुढी को वह अनदेखा कर देती थी। किन्तु खाने-पीने और सोने की वह बहुत शौकीन थी, उसके बुजुर्ग सास-ससुर बहुत परेशान रहते थे। एक दिन दोनों ने चूल्हे के पास बैठकर खूब सोच-बिचार […]

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मिसाल-गृहलक्ष्मी की कहानियां

मिसाल-शांतिनगर मोहल्ले का माहौल शोरमय हो गया। ढोल नगाड़े के शोर में लोगों की ऊंची आवाजें ‘हरी बाबू- जिंदाबाद गूंज रही थीं।घर के अंदर सभी सदस्य एक दूसरे को बधाई देते हुए आगत की तैयारी में जुट गये थे।हरी बाबू आज विधायक बन गये थे और उनकी पार्टी ने उन्हें मंत्री पद प्रदान करने का […]

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कल रात-गृहलक्ष्मी की कहानियां

कल रात- आज शाम से ही ना जाने क्यों….? बारिश थमने का नाम नहीं ले रही है। स्वाति भी बेचैनी से इधर उधर टहल रही है। कभी वह खिड़की के पास जा कर खड़ी  हो जाती, तो कभी गैलरी में, बचपन से ही स्वाति को बारिश की फुहारें पसंद है। बारिश की फुहारों से चेहरे […]

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त्याग का फल- 21 श्रेष्ठ लोक कथाएं झारखण्ड

त्याग का फल: बहुत पहले की बात है। एक गाँव में एक बूढ़ा और बुढ़िया रहते थे। उन्हें एक बेटा था। उन्होंने उसका नाम चतुर रखा था। वे बहुत गरीब थे। चतुर बहुत कम ही उम्र का था, तभी उसके माता-पिता मर गए। छोटी उम्र में ही चतुर को नौकरी करनी पड़ी। गाँव के कुछ […]

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बाघ और बिल्ली-21 श्रेष्ठ लोक कथाएं हिमाचल प्रदेश

बाघ और बिल्ली-मैं तुम्हें ही मार के खाऊंगा अब मौसी। तुम्हारा नर्म-नर्म मांस बड़ा ही स्वाद होगा। बाघ के बच्चे ने बिल्ली को खुंखार नजरों से घूरते हुए कहा। वह यह भी भूल गया था कि उसकी मां मरने पर बिल्ली ने ही उसे पाला-पोशा था। बिल्ली का तीसरा नेत्र खुला उसने सामने की ओर […]

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पानी में लागी आग रे-21 श्रेष्ठ नारीमन की कहानियां पंजाब

पानी में लागी आग रे-मुझसे या किसी से यह मत् पूछना कि सन सैंतालीस में रहमते को राम कौर बनाया गया था या राम कौर को रहमते। यह भी सवाल मत करना कि यह घटना पूर्वी पंजाब में घटी, जो अब स्वतंत्र हिन्दुस्तान का हिस्सा है या पश्चिमी पंजाब का, जो पाकिस्तान का भाग है। […]

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रक्षक-भक्षक-दुखद हिंदी कहानियां

रक्षक-भक्षक-हम मंदिर के प्रांगण में प्रवेश कर चुके थे । चढ़ावे का सामान बेचने वालों की नजर हम पर पड़ चुकी थी । वे बाकड़ों से लगभग लटक-लटककर पूजा की सामग्री अपनी-अपनी दुकान से खरीदने को हमें आमंत्रित कर रहे थे । मैंने पाया कि उनकी हांकों और आमंत्रणों से बेखबर मम्मी की दृष्टि प्रांगण […]

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एक थे मनुभाई-21 श्रेष्ठ बालमन की कहानियां गुजरात

एक बंदर का बच्चा था। बाल दोस्तों, उसका नाम था मनुभाई। मनुभाई स्वभाव से ही बहुत शरारती थे। बंदर की जात इसलिए पेड़ पर चढ़े फिर उतरे, शाखा पर झूले और उल्टा सिर लटके भी। मनु भाई को आसपास की प्रकृति देखना, जीव-जंतु और पशु-पक्षी को देखना तथा उसके साथ बातें करने में बड़ा मजा […]

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