googlenews
दम तोड़ती मानवता (दबंग बीवी): Hindi Short Story
Dum Todti Manvta

Hindi Short Story: चारों तरफ अफरा-तफरी मची थी । मुझे घुटन सी हो रही थी , साँस लेने में बहुत कठिनाई हो रही थी । हॉस्पिटल के बेड पर पड़े हुए मैंने अपनी पत्नी के चिल्लाने की आवाज सुनी ।
              यह बात तब की है जब कोविड-19 अपने चरम सीमा पर था । चारों तरफ हाहाकार मचा था । हॉस्पिटल की कुव्यवस्था ,  दवाइयों और ऑक्सीजन सिलेंडरों की काली कमाई तथा डॉक्टर , नर्स और स्टाफ की मनमानी ने चारों तरफ भय का माहौल खड़ा कर दिया था ।
              टेस्ट रिपोर्ट के अनुसार अस्सी प्रतिशत मेरा लंग्स इन्फेक्टेड था । मैं जीवन और मौत के बीच झूल रहा था । जिस हॉस्पिटल में मैं एडमिट था वहाँ बहुत ज्यादा कुव्यवस्था थी । मुझे ऑक्सीजन लगा हुआ था और इसे एक मिनट के लिए भी बंद नहीं होना था । उस हॉस्पिटल में मेरी पत्नी को मेरे साथ रहने की अनुमति  थी । क्योंकि उसे भी कुछ दिन पहले कोविड हो चुका था ।
                             उस दिन ऑक्सीजन के लिए जिस पानी की जरूरत थी वह खत्म हो चुका था इसमें पानी कैसे और कितना अमाउंट में भरना है ना ही मैं जानता था ना ही मेरी पत्नी ।  मेरी पत्नी परेशान होकर हॉस्पिटल स्टाफ को ढूँढने लगी । शाम का वक्त था , मेरी पत्नी ने जिस भी स्टाफ या नर्स से ऑक्सीजन के लिए पानी भरने को कहा  सबने यही जवाब दिया कि उस रूम में मेरी ड्यूटी नहीं है । परेशान  होकर वह इधर-उधर दौड़ने लगी । उसने देखा सारे नर्स और हॉस्पिटल स्टाफ आपस में हँसी-मजाक और मस्ती कर रहे थे । किसी ने उसकी नहीं सुनी । इधर मेरी तकलीफ बढ़ती जा रही थी , साँस लेना मुश्किल हो रहा था । एक भी डॉक्टर राउंड पर नहीं था । उसने दौड़ कर सब से विनती कि  लेकिन किसी ने नहीं सुनी । उसने पूछा कि इस रूम की जिसकी ड्यूटी है वह कहाँ है पर किसी ने नहीं बताया । अचानक मेरी पत्नी ने रौद्र रूप धारण किया और हॉस्पिटल मैनेजमेंट के पास दौड़ती हुई चली गई । दहाड़ते हुए उसने वहाँ की स्थिति बताई । किन्तु वहाँ भी उसे लापरवाही से जवाब दिया गया । गुस्सा , घबराहट और डर के बीच झूलती हुई उसने  डॉक्टर को ढूँढना शुरू किया किंतु कोई डॉक्टर नहीं मिला । कभी दौड़ कर वह मेरे पास आती और मुझे हिम्मत दिलाती और कभी दौड़ कर उन सारे स्टाफ से मनुहार करती । मैं पैंतालीस मिनट से बिना ऑक्सीजन के था । उसने मुझ में हिम्मत और आत्मशक्ति जगाई ।
                              अन्ततः जब हालत नियंत्रण से बाहर हो गया तब उसने हारकर पुलिस को फोन लगाया और उसके बाद किसी अखबार को सूचना दी । देखते-देखते मीडिया और पुलिस की भीड़ लग गई । सारे मीडिया वालों ने वहाँ के स्टाफ को घेर लिया । पुलिस छानबीन करने लगी । पूरे हॉस्पिटल में दहशत फैल गया । हॉस्पिटल मैनेजमेंट तुरंत सक्रिय हुआ उसने माफी मांगी और तब जाकर मेरे ऑक्सीजन के लिए पानी का इंतजाम हुआ । उस दिन मैंने अपनी पत्नी के भीतर की ताकत को पहचाना  कोविड के कारण वह बहुत कमजोर हो चुकी थी , उसका पूरा शरीर काँप रहा था फिर भी उसने अपनी हिम्मत के बल पर मेरी जान बचाई ।

Leave a comment