Hindi Social Story: ” साहब आपकी कॉफी टेबल पर रखी है और दोपहर का भोजन बनाकर रसोईघर में रख दिया है आप अपने समय पर याद से खाकर बर्तन खाने की टेबल पर रख देना हम शाम को आकर साफ कर देंगे , ठीक है और आप ध्यान से अपनी दवाएं जरूर ले लेना और […]
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दो दिल-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Love Story: मोबाइल पर ज्ञान विज्ञान और तकनीक से जुड़े समाचार देखते रहना मान्या को बेहद पसंद था ।और अक्सर ही वो अपनी दोस्त मृदुला से कहती “मोबाइल पर कितनी आश्चर्यजनक जानकारियां मिलती हैं तू क्यों हमेशा इंस्टाग्राम ही देखती है” तो मृदुला ने हंसते हुए कहा “कि देख जानकारियां लेना अच्छा है पर कभी- […]
“अपने जब बोझ बन जाएं”-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Kahani: सुधा: सत्यानाश! हो, अब क्या तोड़ दिया! मैं तो तंग आ गई हूं ये रोज रोज की तोड़ा ताड़ी की आवाजों से।पिता: बहु वो मैं बस एक कप चाय बनाने आया था, हाथ से कप छूटकर गिर गया।सुधा: आपका बेटा कमाता रहे और आप नुकसान पर नुकसान करते रहो, यही आपकी आदत हो […]
नया संगीत नई पहचान-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Social Story: सूत्रधार: आज दोपहर में ही अंकिता को लड़के वाले देखकर गए थे, और एक घंटे बाद ही उनका फोन आ गया।ममता जी: क्या हुआ जी !? किसका फोन था?घनश्याम जी: लड़के वालों का फोन था। अंकिता के लिए मना कर रहे हैं।सूत्रधार: पापा की बात सुनकर छोटी बेटी आंचल गुस्से में तिलमिला […]
पछतावा-गृहलक्ष्मी की कहानी
Hindi Social Story: यूं तो मधुरिमा की शादी को चौदह वर्ष पूरे हो चुके थे, पर शायद घर में मिलते तिरस्कार से वो स्वयं को पूर्णतया अकेली सी महसूस करती थी हर पल।ताने मारने का कोई भी मौका सासू मां चूकती न थी ।परिवार का हर सदस्य ही मधुरिमा की बुराई करता और उसके हर […]
पावन प्रेम गंगा घाट सा-गृहलक्ष्मी की लघु कहानी
Hindi Kahani: आप अकेले होकर भी अकेले नहीं हैं,यही तो बनारस की ख़ूबसूरती है, और यह अस्सी घाट गुंजायमान होते हुये भी यहाँ अलौकिक शांति है।धवला मन ही मन सोचते हुये प्रमुदित हो रही थी कि सहसा हृदय में एक टीस सी उठी, माँ गंगा को निहारते हुये नेत्रों से अश्रुधारा बह निकली।हे माँ …बस […]
बड़े फख्र से कहता हूं—गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Prem Kahani: “आओ जी, फिर से स्वागत है आपका। इस बार बड़ी जल्दी आ गए।”“अरे-अरे, इतनी उखड़ी-उखड़ी सी क्यों बोल रही हो? ऐसे तो कोई किसी का स्वागत नहीं करता।” “हूंह…” “अच्छा, अब देख भी लो मेरी तरफ।” “क्यों चले आते हो बार-बार? क्या है मुझ में इतना खास कि तुम मुझे छोड़ नहीं […]
आरती—गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Short Story: आरती बहुत खुश थी, आज कॉलेज में उसका पहला दिन था। उसका सपना था एक अच्छे से कॉलेज से अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करे और फिर अच्छी सी जॉब करे, ताकि वो अपने परिवार की मदद कर सके। उसके परिवार में बस माँ और एक छोटा भाई था, उसके पिता की […]
पिया का घर-गृहलक्ष्मी की कविता
Hindi Poem: छोड़ बाबुल का घर, जब मैं पिया के घर आई,नये लोगों के बीच थोड़ा सहमी और संकुचाई;जैसा सुना था मैंने, उससे हटकर सबको पाई,ससुराल वालों ने मुझसे ऐसी प्रीति निभाई। जीवनसाथी के रूप में एक सच्चा साथी पाई,खुशियों पर मेरी जिसने, अपनी खुशियां लुटाई;स्नेह मिला इतना, कि कभी लगा नहीं मैं पराई,छोड़ बाबुल का घर, जब मैं पिया […]
लास्ट कैंडिडेट-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Motivational Story: “मिस्टर दीपक आपने सभी सवालों का जवाब बिल्कुल सही दिया है। हमें खुशी होगी आप जैसा काबिल व्यक्ति हमारे स्टाफ में शामिल हो। हम आपको कॉल करके बताएंगे कि कब से ज्वाइन करना है।”राजेन्द्र ने संगीत शिक्षक के लिए अंतिम अभ्यर्थी दीपक से कहा जिसके चेहरे पर शुन्य भाव उसने भी महसूस […]
