Summary: इंसानों को पीछे छोड़ते हुए दौड़ा चीन का सुपरफास्ट ह्यूमनॉइड रोबोट 'बोल्ट'
चीन की कंपनी मिररमी टेक ने दुनिया का सबसे तेज़ ह्यूमनॉइड रोबोट 'बोल्ट' तैयार किया है। यह रोबोट 1 सेकंड में 10 मीटर दौड़ सकता है और इंसानों से भी तेज़ है। 75 किलोग्राम वजन और 5 फुट 7 इंच लंबाई वाले बोल्ट में हाई-परफॉर्मेंस मोटर्स, डायनामिक बैलेंस कंट्रोल हैं।
China Fastest Humanoid Robot: आज के समय में चीन दुनिया के उन देशों में शामिल है जो लगभग हर क्षेत्र में तेज़ी से प्रगति कर रहा है। चाहे बात तकनीक की हो, विज्ञान की हो चीन ने हर क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बनाई है। अब हाल ही में चीन ने रोबोटिक्स की दुनिया में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए दुनिया का सबसे तेज़ दौड़ने वाला इंसानी ह्यूमनॉइड रोबोट तैयार किया है। इसको डिजाइन एक चीनी टेक स्टार्टअप ने किया है। इस अत्याधुनिक रोबोट का नाम बोल्ट रखा गया है, जो इंसानों से भी तेज भाग सकता है। इस रोबोट का एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें यह महज 1 सेकेंड में 10 मीटर दौड़ सकता है।
वायरल हुआ बोल्ट रोबोट का वीडियो
Official Launch | Mirror Me Technology Humanoid Robot Bolt
— MirrorMe tech (@MirrorMeteni7w) February 2, 2026
Founder Enters the Race in Person
No CGI Fully Real Footage
10 m/s — The World’s Fastest Humanoid Robot pic.twitter.com/yurRxXI9Fb
इस रोबोट का एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जारी किया गया है, जिसके बाद से यह चर्चा में बना हुआ है। चीनी कंपनी मिररमी टेक ने इस ह्यूमनॉइड रोबोट को बनाया है। चीनी कंपनी ने इस ह्यूमनॉइड रोबोट का एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर किया है, जिसमें इसे तेजी से भागते हुए देखा जा सकता है। इस रोबोट ने कुछ ही सेकेंड में इंसान को भागने में पीछे छोड़ दिया है। इस रोबोट और इंसान के बीच एक रेस होती है, जिसमें इंसान दौड़ते-दौड़ते लड़खड़ाकर गिर जाता है, लेकिन इस रोबोट ने ऐसी तेजी दिखाई कि लोग हैरान रह गए।
हाई-परफॉर्मेंस टेक्नोलॉजी से लैस बोल्ट
इस रोबोट का वजन 75 किलोग्राम है और यह 5 फुट 7 इंच लंबा है। यह रोबोट इंसानों की तरह चल सकता है, दौड़ सकता है और तेजी से भाग सकता है। कंपनी का दावा है कि यह रोबोट 10 मीटर प्रति सेकेंड की स्पीड से भाग सकता है।यह अपना बैलेंस बनाए रखने के लिए हाथ और सिर को हिलाता-डुलाता है। बोल्ट की सबसे बड़ी खासियत इसकी एडवांस टेक्नोलॉजी है। इसमें हाई-परफॉर्मेंस मोटर्स, डायनामिक बैलेंस कंट्रोल सिस्टम और अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एल्गोरिदम का इस्तेमाल किया गया है। यही वजह है कि यह रोबोट तेज़ दौड़ते समय भी गिरता नहीं है और इंसानों की तरह अपने कदमों को नियंत्रित कर पाता है।
रोबोटिक्स में चीन की बढ़ती ताकत
मिररमी ने बोल्ट को इसलिए बनाया है क्योंकि कंपनी सिर्फ रोबोट नहीं बल्कि सुपर रोबोट बनाना चाहती है। वह ऐसे रोबोट तैयार करना चाहती है जो खेलकूद में इंसानों जैसा या उससे भी ज्यादा बेहतर प्रदर्शन करके दें। इसके अलावा यह तकनीक भविष्य के ह्यूमनॉइड रोबोट्स के विकास की दिशा भी तय करेगी। जानी मानी कंपनी बोस्टन डायनेमिक्स के रोबोट को भी इतनी स्पीड हासिल नहीं हुई है। माना जा रहा है कि बोल्ट जैसे रोबोट भविष्य में एथलीटों की प्रैक्टिस में मदद कर सकते हैं।
मिररमी कंपनी की उपलब्धि
चीन में पिछले साल दुनिया के पहले ह्यूमनॉइड रोबोट गेम्स का आयोजन किया गया था, जिसमें इंसानों जैसे दिखने वाले और चलने वाले रोबोटों ने अलग-अलग प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। इस आयोजन में टीएन कुंग नाम के ह्यूमनॉइड रोबोट ने 100 मीटर की दौड़ 21.5 सेकंड में पूरी कर सबको हैरान कर दिया। वहीं मिररमी नाम की कंपनी कोई बहुत पुरानी कंपनी नहीं है, इसकी स्थापना साल 2024 में हुई थी और इसका हेडक्वार्टर शंघाई में है। इस कंपनी की कोर टीम में झेजियांग यूनिवर्सिटीके विशेषज्ञ भी शामिल हैं।
