Hindi Best Story: प्रतिमा खुश होते हुए बोली, ‘अंकिता भाभी हमारे परिवार की सदस्य हैं। उनकी देखभाल की जिमेदारी अब हमारी होगी। भीड़ में एकाकीपन को जीते हुए जिंदगी तो चल पड़ी थी मगर कहां? साथ में थी, अब तक के जीवन की पूंजी, खालीपन का एहसास।आज भी जीवन थमा नहीं था, वही गति, पर […]
Author Archives: प्रीति सिन्हा
माता-पिता नहीं बच्चों के सहयात्री बनें
Modern Parenting: हर किसी की परवरिश का तरीका अलग होता है। फर्क इतना है कई बार माता-पिता बच्चों को अनुशासन में रखने के साथ यह भूल जाते हैं कि परवरिश का सही अर्थ संतुलन है। जब हम माता-पिता बनते हैं तो हमारी पूरी दुनिया बच्चों पर केंद्रित हो जाती है। भले ही हर माता-पिता के […]
जड़ों की जड़ता-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Kahani: “आकांक्षा आठ बज चुके हैं , अभी तक मुझे चाय भी नहीं मिली है ।”कलावती ने अपनी बहू से कहा ।अपने नाती मोलू को गोद में लिए आकांक्षा किचन में जाने लगी तो दामाद आदित्य दौड़ता हुआ आया और कहा…..“मम्मी जी लाइए मोलू को मुझे दीजिए । आप दादी जी को चाय दे […]
” दहलीज पर खड़ी ख्वाहिशें”-गृहलक्ष्मी की कहानियां
प्रवाह अचानक उठ खड़ा हुआ “……तुम…..? अचानक……? कैसे हो..……? लंबे अरसे से हमारा संपर्क खत्म हो गया था………..।” “आंटी-अंकल कैसे है…….?और तुम्हारी बहने……? ”और ना जाने कितने अनगिनत सवाल थे जो प्रवाह लगातार करता जा रहा था । वेद मुस्कुरा रहा था । जब वह चुप हुआ तो वेद ने हंसते हुए कहा…..“अरे यार बैठने […]
दंभ-गृहलक्ष्मी की कहानी
Grehlakshmi Ki Kahani: विद्याचरण जी एक हाथ में चाय की प्याली और दूसरे हाथ में अखबार लिए हुए बाहर बरामदे में आए। देखा पल्लवी झूले पर बैठी हुई कोई किताब पढ़ रही थी और हंसती जा रही थी। विद्याचरण जी उसके समीप ही बैठ गए। पल्लवी जब चुप हुई तो उन्होंने बड़े गंभीर स्वर में […]
सहमति-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Sahmati Grehlakshmi ki Kahani: घंटे भर से बादलों के संग चलती हुई सुकन्या में विचित्र सा स्फुरण प्रस्फुटित हो रहा था । पहाड़ों की खूबसूरती में चार चांद लग जाते हैं जब बादल बिल्कुल पास से गुजरते हों या साथ-साथ चलते हों । वह चली जा रही थी । समय व्याकुल सा था , लम्हे […]
सहयात्री-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Traveller Story: रात के दस बज चुके थे । तूलिका अभिव्यक्ति को छोड़ने के लिए बाहर आई । उसने अभिव्यक्ति के कंधे पर हाथ रखते हुए कहा—“घबराओ नहीं ! प्रयास जारी रखो , समय के साथ सब कुछ ठीक हो जाएगा । अभिव्यक्ति की आंखों के आंसू अभी सूखे नहीं थे , गीली आंखों से […]
खुलकर कहा तो होता-लव स्टोरी
Responsibility Story: मुक्ता का सारा शरीर कांप रहा था , चेहरा सफेद पड़ गया था , गिर पड़ी थी वह फर्श पर , उसे कुछ समझ में नहीं आ रहा था , जाने कब तक वह उसी अवस्था में पड़ी रही । उसकी तंद्रा टूटी जब कॉल बेल बजी । वह किसी तरह उठी उसने […]
कुछ ढूंढ रहा अंतर्मन-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Story in Hindi: फिर से वही लंबा सा निस्तेज दिन………“ बहु मेरी जरूरतों का सामान रख देगी और कामवाली बाई को हर रोज दिया जाने वाला वही भाषण ……. जब तक मैं ऑफिस से ना लौटूं तुम्हें मां जी का ख्याल रखना है …….।”पोते-पोतियां स्कूल चले जाएंगे । बेटा सुबह सात बजे के गए रात […]
दम तोड़ती मानवता (दबंग बीवी)
Hindi Short Story: चारों तरफ अफरा-तफरी मची थी । मुझे घुटन सी हो रही थी , साँस लेने में बहुत कठिनाई हो रही थी । हॉस्पिटल के बेड पर पड़े हुए मैंने अपनी पत्नी के चिल्लाने की आवाज सुनी । यह बात तब की है जब कोविड-19 अपने चरम […]
