Hindi Kahani: आज बिना अलार्म के ही अनु की नींद सुबह जल्दी खुल गई। एक अंगड़ाई लेकर उसने बगल में सो रहे चुनमुन और सौरभ पर एक नजर डाली….. दोनों मासूम बच्चों की तरह लिहाफ को पैरों में दबोच कर बेसुध सोये हुए थे। उसके मन में लाड़ उमड़ आया। बारी-बारी से दोनों के माथे […]
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गृहलक्ष्मी की कहानियां सरिता पत्रिका की कहानी गृहशोभा मैगजीन की कहानियाँ मनोरंजक कहानियों और महिलाओं से जुड़ी हर नई खबर स्टोरी इन हिंदी. यहां आपको मिलेगी परिवार, समाज और रोमांस की एक से बढ़कर एक कहानियां. Story in hindi
कहानी जो आदत बन गई-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Short Story in Hindi: सुबह का अलार्म, जल्दी-जल्दी तैयार होना, लैपटॉप बैग के साथ टिफ़िन संभालना, ट्रैफिक में फँसना और दिनभर की मीटिंग्स, तान्या की ज़िंदगी एक वर्किंग माँ की रोज़मर्रा की दौड़ थी। हर शाम घर लौटते समय उसके मन में एक ही विचार होता, आज भी नैतिक को पूरा समय नहीं दे पाई।नैतिक […]
नया संगीत नई पहचान-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Social Story: सूत्रधार: आज दोपहर में ही अंकिता को लड़के वाले देखकर गए थे, और एक घंटे बाद ही उनका फोन आ गया।ममता जी: क्या हुआ जी !? किसका फोन था?घनश्याम जी: लड़के वालों का फोन था। अंकिता के लिए मना कर रहे हैं।सूत्रधार: पापा की बात सुनकर छोटी बेटी आंचल गुस्से में तिलमिला […]
पावन प्रेम गंगा घाट सा-गृहलक्ष्मी की लघु कहानी
Hindi Kahani: आप अकेले होकर भी अकेले नहीं हैं,यही तो बनारस की ख़ूबसूरती है, और यह अस्सी घाट गुंजायमान होते हुये भी यहाँ अलौकिक शांति है।धवला मन ही मन सोचते हुये प्रमुदित हो रही थी कि सहसा हृदय में एक टीस सी उठी, माँ गंगा को निहारते हुये नेत्रों से अश्रुधारा बह निकली।हे माँ …बस […]
मुंह दिखाई—गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Short Story: शादी के बाद पहली बार ससुराल आई पूजा को अभी एक महीना भी नहीं हुआ था, लेकिन इतने कम समय में पूजा ने अपने कार्य-व्यवहार से परिवार के सभी सदस्यों का दिल जीत लिया था। रोज सुबह सबसे पहले उठना और रात में सब काम खत्म करके सबसे बाद में सोना पूजा […]
पिया का घर-गृहलक्ष्मी की कविता
Hindi Poem: छोड़ बाबुल का घर, जब मैं पिया के घर आई,नये लोगों के बीच थोड़ा सहमी और संकुचाई;जैसा सुना था मैंने, उससे हटकर सबको पाई,ससुराल वालों ने मुझसे ऐसी प्रीति निभाई। जीवनसाथी के रूप में एक सच्चा साथी पाई,खुशियों पर मेरी जिसने, अपनी खुशियां लुटाई;स्नेह मिला इतना, कि कभी लगा नहीं मैं पराई,छोड़ बाबुल का घर, जब मैं पिया […]
आलू टमाटर की सब्जी-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Short Story in Hindi: आज बाबूजी की तेरहवीं है। नाते-रिश्तेदार इकट्ठे हो रहे हैं। उनकी बातचीत, हँसी मज़ाक देख-सुनकर उसका मन उद्दिग्न हो रहा है..”कोई किसी के दुख में भी कैसे हँसी मज़ाक कर सकता है? पर किससे कहे,किसे मना करे,, सभी तो एक जैसे हैं”वह बाबूजी की तस्वीर के सामने जाकर आँख बंद करके […]
जान से ज्यादा आन की परवाह-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Kahani: “छोटी ! तुम आओगी या नहीं रूपा बुआ के काज में…? पता तो चल ही गया होगा कि बुआ नहीं रहीं अभी बात करने और पुरानी बातों पर विवाद बनाने का समय नहीं है । तुम तो अभी ससुराल में ही हो ना ? मुझे लगता है तुम्हारे घर से बुआ का घर […]
एक कमेंट से शुरू हुई कहानी-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Love Story: मीरा ने कभी नहीं सोचा था कि उसका दिल स्क्रीन के पीछे किसी के लिए धड़क सकता है। सोशल मीडिया उसकी दुनिया का हिस्सा था फोटो, स्टोरीज़, लाइक्स और कमेंट्स। लेकिन एक दिन, जब उसने अपने पसंदीदा कैफे की फोटो शेयर की, उसकी दुनिया ने एक नया मोड़ लिया। राहुल ने उसी […]
कंबल- गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Motivational Story: सर्दियों की वह रात थी, जब कोहरे ने पूरे कस्बे को सफेद चादर में लपेट लिया था। हवा में ठंडक ऐसी कि सांसें धुएं की तरह दिखतीं।रेलवे स्टेशन के एक कोने में बूढ़ा गोपाल बैठा था—झुका हुआ, काँपता हुआ, पर आंखों में अब भी एक शांति थी। उसके पास बस एक पुराना […]
