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खिलौना-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Love Story: बिल्ली, “रास्ता काट गई” पीछे से ठहाको की आवाज आने लगी। “छोड़ना यार, क्यों पीछे पड़ा रहता है उसके?” क्यों ना बोलूं रोनी सी शक्ल जब भी सामने आती है। कुछ न कुछ गड़बड़ होती ही है। “देख मेरी गाड़ी पंचर हो गई” कॉलेज का सहपाठी जोर से बोला और प्रिया सर […]

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बीच का रिश्ता-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Motivational Story: रिया और आरव की मुलाक़ात किसी फिल्मी सीन की तरह नहीं हुई थी। न कोई टकराने वाली कॉफी, न कोई अचानक नज़रें मिलना। वो बस एक ऑफिस के प्रोजेक्ट पर साथ काम करने वाले दो आम लोग थे।शुरुआत में बातचीत सिर्फ़ ईमेल और कॉल तक सीमित थी — “इस फाइल का अपडेट […]

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जूड़े बेचने वाली लड़की-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Kahani: जुड़े बेचने वाली लड़की जो कि आज की तारीख में मेरी पत्नी मेरी जीवन संगिनी है.मुझे वह शादी से पहले ही पसंद थी. वह बिल्कुल मेरी ऑफिस के सामने वाली सड़क के किनारे फुटपाथ पर अपने टोकरे में विभिन्न तरह के जुड़े रखकर बेचा करती थी. वह यह सारे जुड़े खुद ही अपने […]

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गायब-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Kahani: “किसी काम की नहीं हो तुम, ऐसा है!अभी निकल जाओ इस घर से”  पतिदेव के कटु वचन अँगारे बरसा रहे थे ।मैं  उन्हें ठगी हुई नज़रों से देखती रह गयी, “आखिर कसूर क्या था मेरा?” बेटी के रूखे बालों को देख उनमें थोड़ा तेल लगाने को  कह दिया था। उसके  न कहने पर बस ,माँ […]

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कसौटी और सोना-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Kahani: “गलत लिखा है या सही,यह हमारा हाथ बता देता है ,यह सही स्पेलिंग  लिखने पर कंपकँपाता नहीं है” कोमल ने विद्यार्थियों को समझाते हुए कहा।“मैम आप को डिक्शनरी यूँ ही नहीं कहा जाता स्कूल में ,आप नींद में भी सही ही बताती हैं यह ज़रूर कोई जादू है ,हम आपका सीक्रेट जानना चाहते […]

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अपने लिये—गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Kahani: बहुत सुंदर सीधी-साधी सरल हूँ मैं,और अच्छी बहू हूँ मैं! अच्छी भाभी हूँ मैं,अच्छी पत्नी भी हूँ मैं! अच्छी माँ हूँ मैं,अच्छी देवरानी और जेठानी भी हूँ मैं!सर्व गुण सुघर्ण नारी हूँ मैं! लेकिन तब तक हीजब तक मैं सबकी सुनती रहूँ,गूंगी बहरी बन सबके इशारो पर चलती रहूँ! जिस दिन मैंने एक […]

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ब्रेड क्रम्बिंग-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Kahaniya: रिया ने मोबाइल खोला। ऊपर आरव की नई कहानी चमक रही थी—गिटार की वही उदास धुन, वही बेमन-सा चेहरा।वो हल्के से मुस्कुराई, फिर उँगलियाँ ठिठक गईं।एक दिल का चिन्ह डाला, और तुरंत मिटा दिया।अब वह पहले जैसी नहीं रही थी। कुछ महीने पहले तक दोनों के बीच हर दिन कोई न कोई संवाद […]

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दिव्या-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Motivational Story: इंटरमीडिएट का रिजल्ट आया था। परीक्षा में पास बच्चे अपने माता-पिता, भाई-बहनों से खुशियाँ बाँट रहे थे। एक दूसरे को मिठाई खिला रहे थे। अपने रिश्तदारों को फोन कर खुशियों का इजहार कर रहे थे।     दिव्या भी परीक्षा में पास हुई थी। गाँव में सर्वाधिक नंबर उसके आए थे। उसने भी अपनी […]

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अपने पराए—गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Social Story: “तुम आ गई मुझे तो लगा नहीं आओगी।” बड़ी उम्मीद भरी नजरों से देख सुहानी की बड़ी बहन मालती उससे बोली थी जो उसे कुछ सालों से हिकारत भरी नजरों से देखा करती थी। गले में सोने की चेन और कान में हीरे के टॉप्स से ज्यादा उसके चेहरे पर चमक थी […]

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गंतव्य-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Social Story: बाहर से चीखने चिल्लाने की आवाज आ नहीं है रही है दिल कर रहा है कहीं पाताल में जा चुप जाऊं पर जो निर्णय आज उसने लिया है पूर्वाभासित तो था ही ना उसका यह परिणाम ,आखिर निर्णय था भी तो बहुत विचित्र और इसी विचित्रता को पापा जी पागलपन ने संज्ञा  दे […]

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