Hindi Kahani: बहुत सुंदर सीधी-साधी सरल हूँ मैं,और अच्छी बहू हूँ मैं! अच्छी भाभी हूँ मैं,अच्छी पत्नी भी हूँ मैं! अच्छी माँ हूँ मैं,अच्छी देवरानी और जेठानी भी हूँ मैं!सर्व गुण सुघर्ण नारी हूँ मैं! लेकिन तब तक हीजब तक मैं सबकी सुनती रहूँ,गूंगी बहरी बन सबके इशारो पर चलती रहूँ! जिस दिन मैंने एक […]
Author Archives: वैदेही कोठारी
बारिश बनी मुसीबत—गृहलक्ष्मी की कहानियां
Social Story in Hindi: गीता अस्पताल के बरामदे की छोटी दीवार पर बैठकर, बाहर हो रही हल्की फुल्की बारिश को बड़े ध्यान से देख रही थी। धीरे-धीरे बारिश तेज होने से, बाहर घुमने वाले सभी मरीजों के परिजन अस्पताल के बरामदे में आकर खड़े हो गए। अब बरामदे में भीड जमा हो गई थी। सभी लोगो की […]
माँ तुम कितनी बदल गई हो -गृहलक्ष्मी की कहानियां
Mother’s Story: रोहित जोर से बोला, “माँ…ओ…माँ ! कब तक मोबाईल पर रील्स देखती रहोगी? मुझे भूख लगी है, खाना दो….न…! Also read: अपनी माँ जैसी ही बन गई-गृहलक्ष्मी की कहानियां
ख़तरनाक नहीं होती, सासु मां-गृहलक्ष्मी की लघु कहानी
Short Story: सुरीली के पास बैठी दूर के रिश्ते की ननद बोली, “तुम्हारी सास के तेजपन के चर्चे दूर-दूर तक है, थोड़ा सम्भल कर ही रहना!” सुरीली ने जब यह सुना तो सोचने लगी सास तो होती ही है थोड़ी तेज, कोई बात नहीं, मेरी माँ भी तो मुझे डांटती थी, वह सुन चुप-चाप बैठी […]
