Posted inहिंदी कहानियाँ

काह न अबला करि सके-21 श्रेष्ठ बुन्देली लोक कथाएं मध्यप्रदेश

Hindi Moral Story: मालवा के पराक्रमी और लोकप्रिय राजा भोज के संबंध में अनेक लोककथाएँ पूरे मध्यप्रदेश और अन्यत्र भी कही-सुनी जाती हैं। राजा भोज गुणों के पारखी थे। उनके दरबार में विद्वानों की पूछ-परख होने के साथ ही साथ कलाकारों और व्यापारियों को भी प्रश्रय मिलता था। इसलिए दूर-दूर के व्यापारी उनके दरबार में […]

Posted inहिंदी कहानियाँ, Latest

यहाँ न कोई किसी का – 21 श्रेष्ठ बुन्देली लोक कथाएं मध्यप्रदेश

Hindi Story : मालवा के पराक्रमी और लोकप्रिय राजा भोज के संबंध में अनेक लोककथाएँ पूरे मध्यप्रदेश और अन्यत्र भी कही-सुनी जाती हैं। राजा भोज गुणों के पारखी थे। उनके दरबार में विद्वानों की पूछ-परख होने के साथ ही साथ कलाकारों और व्यापारियों को भी प्रश्रय मिलता था। इसलिए दूर-दूर के व्यापारी उनके दरबार में […]

Posted inहिंदी कहानियाँ

सुहाग रस-21 श्रेष्ठ बुन्देली लोक कथाएं मध्यप्रदेश

God Story in Hindi: बहुत दिनों की बात है। एक बार भगवन भोलेनाथ और मैया पार्वती भूलोक का हाल-चाल जानने निकले। दोनों चलते-चलते गहन वन में पहुंचे। सूर्य देवता चमक रहे थे। पार्वती जी को प्यास लगी तो उन्होंने भोलेनाथ से कहा। भोलेनाथ ने चारों ओर देखकर कहा – देवी! उस तरफ पक्षी उड़ रहे […]

Posted inहिंदी कहानियाँ

भगत के बस में हैं भगवान-21 श्रेष्ठ बुन्देली लोक कथाएं मध्यप्रदेश

Mythological Hindi Story: किसी गाँव में एक चरवाहा था। वह अन्य किसानों के पशु एकत्र कर जंगल में ले जाकर चराता, दिन भर उनकी देखभाल करता और शाम के समय सबके पशु उनकी पशुशालाओं में पहुँचा देता। इस काम के बदले जो अनाज और पैसे मिलते उससे अपना परिवार पालता। एक बार सावन के महीने […]

Posted inहिंदी कहानियाँ

सयाने की सीख-21 श्रेष्ठ बुन्देली लोक कथाएं मध्यप्रदेश

Wise Lesson Story: बहुत दिनों की बात है, किसी नगर में एक सेठ रहता था। नाम तो उसका गरीबचंद था लेकिन उस नगर में सबसे अधिक संपन्न वही था। उसका नाम इसलिए था कि उसमें घमंड बिल्कुल नहीं था। वह उदार भी था, लोगों की भलाई के कामों में खुले हाथ मदद करता लेकिन अपने […]

Posted inहिंदी कहानियाँ

पजन के लड्डू-21 श्रेष्ठ बुन्देली लोक कथाएं मध्यप्रदेश

Hindi Kahani: किसी समय नर्मदा के किनारे राजा वासुदेव का राज्य था। राजा वासुदेव की शादी समीप राज्य की राजकन्या सिकोली के साथ हुई। कई वर्षों तक कोई सन्तान न हुई तो राजा की दूसरी शादी रूपा नाम की युवती से हुई। रूपा अनुरूप ही संदरी थी किन्तु साधारण किसान की बेटी होने के कारण […]

Posted inहिंदी कहानियाँ

संतोषी हरदम सुखी-21 श्रेष्ठ बुन्देली लोक कथाएं मध्यप्रदेश

Hindi Moral Story: किसी समय एक गाँव में एक पति-पत्नी बुधुआ और लछमी गरीबी के कारण लकड़ी काट-बेचकर अपना पेट भरते थे। लछमी लकड़ी बेचने जाते समय लकड़ी के गट्टे से एक लकड़ी निकालकर आँगन के एक कोने में रख देती और सपरने (नहाने) के बाद हर दिन आँवले और पीपल के वृक्ष में पानी […]

Posted inहिंदी कहानियाँ

कोशिश से दु:ख दूर-21 श्रेष्ठ बुन्देली लोक कथाएं मध्यप्रदेश

Parents and Child Story: किसी समय एक गाँव में एक पटेल और पटेलन रहते थे। वे सब तरह से संपन्न थे पर संतान न होने के कारण दुखी थे। एक दिन एक साधु भिक्षा माँगने आया। पटेलन ने भिक्षा देकर श्रद्धापूर्वक उसे प्रणाम किया। साधु ने कहा कि तुम्हारे पास सब कुछ है पर तुम्हारे […]

Posted inहिंदी कहानियाँ

सच्ची लगन-21 श्रेष्ठ बुन्देली लोक कथाएं मध्यप्रदेश

Parvati and Shiva Story: बहुत पुरानी बात है। पर्वतराज हिमालय की पुत्री पार्वती ने श्मशानवासी शंकर से शादी करने का प्रण लिया। हिमालय को पता चला तो वे बहुत दुखी हुए। कहाँ वे पर्वतराज, कहाँ भिखारियों की तरह रहने वाला शंकर। कहाँ लाड़-प्यार में पली सुकोमल राजकुमारी पार्वती, कहाँ सन्यासियों की तरह कठोर जीवन बिताने […]

Posted inहिंदी कहानियाँ

जंगल में मंगल-21 श्रेष्ठ बुन्देली लोक कथाएं मध्यप्रदेश

Honesty Story: किसी समय एक गाँव में एक गरीब लकड़हारा परिवार रहता था। कोई और काम न आने के कारण लकड़हारा लकड़ी काट-बेचकर अपना पेट भरता था। लोग लकड़ी खरीदकर खाना पकाने के काम में लाते थे। इसलिए वह सूख गए झाड़ खोजकर काटता था, हरे झाड़ छोड़ देता था। एक झाड़ पर बरमदेव रहते […]

Gift this article