Brother Story: विंध्य प्रदेश में विन्ध्यवासनी देवी सर्वपूज्य हैं। विन्ध्यासनी देवी के बारह पुत्र थे। उन बारह भाइयों को ‘वेनकार’ कहा जाता था। एक बार वे बारह भाई अपना अपना तीर कमान लेकर शिकार करने के लिए जंगल में गए। जंगल में एक हृष्ट-पुष्ट जंगली सूअर दिखने पर उसका शिकार करने के लिए वे उसका […]
Author Archives: आचार्य संजीव वर्मा
बान बींधा बिंझवार भए-21 श्रेष्ठ लोक कथाएं मध्यप्रदेश
Lok Katha: पुराने समय की घटना है। एक दिन राजा हीराखान बिंझाझोरी नाम के जंगल में शिकार करने गए। उन्हें वाराह (जंगली शूकर) दिखाई दिया। उसका शिकार करने का मन बना, राजा उसका पीछा करने लगा। कुछ समय बाद राजा अपने साथियों से बहुत आगे निकल गया। दूर जंगल में राजा को एक तालाब दिखा। […]
वेणज हुए निषाद-21 श्रेष्ठ लोक कथाएं मध्यप्रदेश
Rishimuni Story: आदिकाल की बात है। मनु के वंशज, असग के पुत्र वेण ऋषि नि:संतान थे। ध्यान और तप में लीन रहने वाले वेण के मन में एक बार वासनामय विचार आ गए। उन्होंने फौरन अपना हाथ उठाकर ऋषियों को हट जाने दिया। ऋषि अंगिरा ने उन्हें शाप दे दिया जिसके कारण वेण का उठा […]
राजा-प्रजा-21 श्रेष्ठ लोक कथाएं मध्यप्रदेश
Raja story: एक समय की बात है कि भीमादेव आम लोगों की तरह उठता-बैठता, घूमता-फिरता, जीवन-यापन करता था। धीरे-धीरे वह आलसी हो गया। लगातार चार साल तक पानी नहीं बरसा तो खेती नष्ट हो गयी, पेड़ सूखने लगे, चारा और दाना-पानी न मिलने से पशु-पक्षी और जीव-जंतु मरने लगे। सब ओर त्राहि त्राहि होने लगी। […]
मौत-21 श्रेष्ठ लोक कथाएं मध्यप्रदेश
Aakash Lok Story: कई दिनों की बात है, भगवान सृष्टि की रचना कर रहे थे। उन्होंने तीन लोक बनाए, सबसे पहले आकाश लोक, फिर भूलोक और फिर पटल लोक। उस समय भू लोक में सब प्राणी अमर थे। भगवान ने एक संतान उत्पन्न कर उससे भूलोक में प्राणियों की जातियाँ उत्पन्न कराई, जिन्होंने अपने-अपने वंश […]
गोपाल राय गाथा-21 श्रेष्ठ लोक कथाएं मध्यप्रदेश
Senapati Story: बहुत पहले कलचुरी वंशी राजा कल्याण राम रतनपुर के राजा थे। उनका पराक्रमी सेनापति गोपाल राय था। गोपाल राय बलशाली मल्ल और कुशल योद्धा होने के साथ-साथ ईमानदार तथा लोकप्रिय भी था। दिल्ली के बादशाह को उसके सिपहसलारों ने बताया कि गोपाल राय के रहने तक रतनपुर को अधीन नहीं किया जा सकता। […]
नया जीवन-21 श्रेष्ठ लोक कथाएं मध्यप्रदेश
Life Journey Story: बहुत पुरानी बात है। एक धोबी नदी पर कपड़े धोया करता था। उसका स्वभाव बहुत दयालु था। जब भी उसे कोई मछली दिखाई देती, वह मछली को चारा खिलाता, जब चींटी दिखाई देती तो उन्हें आटा खिला देता। एक दिन वह कपड़े धोने में मगन था। आकाश में बादल आकर छा गए, […]
गप्पा गोसाइन-21 श्रेष्ठ लोक कथाएं मध्यप्रदेश
Lok Kathayen: बहुत पुरानी बात है। मध्य प्रदेश में अमरकंटक पर्वत है जहाँ से नर्मदा, सोन तथा जुहिला तीन नदियाँ तीन अलग-अलग दिशाओं में बहती हैं। इसी पर्वत के समीप पेंड्रारोड के जंगल में एक गोंड़ रहता था। उसकी एक किशोरी बेटी थी जिसका नाम मिटकोबाई था। जवान होती बेटी को देख उसका घर बसाने […]
बड़ादेव-21 श्रेष्ठ लोक कथाएं मध्यप्रदेश
Bada Dev Story: एक समय साथ गोंड भाई थे। उन्होंने खेत में सन बोया। कुछ दिन में सन के अंकुर निकले, पौधे बने और बढ़ने लगे। सातों भाई जी-जान से सन की देख-रेख बारी-बारी से करते थे। उन्हें उम्मीद थी कि उनके काममें आने लायक सन मिलने के बाद भी बहुत सन बचेगा जिसे बेचकर […]
कुलदेवता बाघ-21 श्रेष्ठ लोक कथाएं मध्यप्रदेश
Tiger Story: एक बार एक आदमी जंगल में फल-फूल बीनने गया। काम करते-करते उसे जोरों की प्यास लगी। खोजने पर उसे एक पुराना कुआं दिखाई दिया। कुएँ के अंदर से पानी निकालने की कोशिश में वह फिसलकर कुएँ के अंदर गिर पड़ा। बहुत कोशिश करने पर भी वह बाहर नहीं निकल सका। उसने खूब आवाज […]
