कार्यक्रम का मुख्य स्लोगन था ‘महिलाओं का महिलाओं के द्वारा महिलाओं के लिए समर्पित आयोजन’। कार्यक्रम में आर्थिक सहयोग देने वाले विशिष्ट समाजसेवी भद्र पुरुष को पर्यवेक्षक के तौर पर आमंत्रित किया गया था।

सुबह के अखबार में महिलाओं के इस विशेष कार्यक्रम की खबर सुख़िर्यों में थी। दूसरे दिन अखबार में नगर के विशिष्ट समाजसेवी पुरुष को मुख्य अतिथि की हैसियत से महिलाओं को उदबोधित करती हुई फोटो एवं समाचार पढ़कर महिलाओं के बीच पुरुष वर्चस्व की चर्चा होती रही।

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