Unique Christmas Traditions
Unique Christmas Traditions

Summary: 6 जनवरी को क्रिसमस? जानिए दुनिया के इस द्वीप की खास परंपरा

दुनिया में आमतौर पर क्रिसमस 25 दिसंबर को मनाया जाता है, लेकिन ब्रिटेन के पास स्थित छोटा सा फौला आइलैंड इसमें अलग है। यहाँ क्रिसमस 6 जनवरी को मनाया जाता है। इसका कारण है कि फौला के लोग पुराने जूलियन कैलेंडर का पालन करते हैं, जबकि बाकी ब्रिटेन ने ग्रेगोरियन कैलेंडर अपनाया।

Unique Christmas Traditions: पूरी दुनिया में 25 दिसंबर को क्रिसमस बड़े धूम-धाम से मनाया जाता है, लेकिन यह जानकर आपको हैरानी हो सकती है कि दुनिया में एक ऐसी जगह भी है, जहाँ दिसंबर में नहीं जनवरी में क्रिसमस मनाया जाता है। ब्रिटेन के पास मौजूद एक छोटा-सा द्वीप इस मामले में बिल्कुल अलग है। यहां दिसंबर के महीने में मौसम बहुत ज्यादा ठंडा और खराब होता है, इसलिए लोग उस समय त्योहार ठीक से नहीं मना पाते। इसी वजह से वहाँ के लोग अपनी पुरानी परंपराओं के अनुसार जनवरी में क्रिसमस सेलिब्रेट करते हैं। यही खास बात इस द्वीप को दुनिया भर में अनोखा और अलग पहचान दिलाती है।

Christmas Tradition Different from December 25th
A Christmas tradition Different from December 25th

दरअसल, यह जगह ब्रिटेन के पास स्थित एक छोटा-सा द्वीप है, जहाँ क्रिसमस बिल्कुल अलग तारीख पर मनाया जाता है। इस आइलैंड का नाम फौला है, जो शेटलैंड आइलैंड्स से करीब 20 मील पश्चिम में स्थित है। फौला में क्रिसमस 25 दिसंबर को नहीं, बल्कि 6 जनवरी को मनाया जाता है। यहाँ सिर्फ करीब 35 लोग रहते हैं और यह ब्रिटेन की सबसे दूर-दराज़ जगहों में से एक मानी जाती है।अब सवाल यह उठता है कि जब पूरी दुनिया 25 दिसंबर को क्रिसमस मनाती है, तो फौला में ऐसा क्यों नहीं होता। इसकी वजह है जूलियन कैलेंडर।

यह कैलेंडर जूलियस सीज़र ने 46 ईसा पूर्व बनाया था और इसे कई सदियों तक इस्तेमाल किया गया। साल 1752 में ब्रिटेन ने नया ग्रेगोरियन कैलेंडर अपनाया, जिसमें तारीखें 11 दिन आगे कर दी गईं। लेकिन फौला के लोगों ने पुराने जूलियन कैलेंडर को ही मानते रहना चुना। बाद में 1900 में यह अंतर 12 दिनों का हो गया। इसी कारण जब बाकी ब्रिटेन में क्रिसमस खत्म हो चुका होता है, तब फौला द्वीप पर क्रिसमस की शुरुआत होती है। यही परंपरा इस जगह को खास और अनोखा बनाती है।

The Unique Life of Foula
The Unique life of foula

फौला आइलैंड करीब 5 वर्ग मील में फैला एक छोटा और बेहद शांत द्वीप है। यहाँ न तो कोई पब है, न दुकान, न बार और न ही वाई-फाई या नेशनल ग्रिड की सुविधा। बिजली सोलर पैनल और जनरेटर से आती है और ज़रूरी सामान सिर्फ नाव या छोटे प्लेन से पहुँचाया जाता है। इसके बावजूद यह जगह नेचर लवर्स के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है।फौला पहुँचने के लिए शेटलैंड मेनलैंड से फेरी या छोटा प्लेन लिया जा सकता है, लेकिन यहाँ सिर्फ सेल्फ-केटर्ड रहने की सुविधा है, इसलिए खाने-पीने का सामान साथ लाना पड़ता है। खराब मौसम और पुरानी परंपराओं के कारण यहाँ क्रिसमस दिसंबर की बजाय जनवरी में मनाया जाता है, जो इस आइलैंड को बाकी दुनिया से बिल्कुल अलग और खास बनाता है।

Why is Christmas celebrated?
Christmas Celebrated

क्रिसमस ईसाई धर्म का प्रमुख पर्व है, जो ईसा मसीह के जन्म की स्मृति में मनाया जाता है। ईसाई मान्यता के अनुसार, ईसा मसीह का जन्म बेथलेहेम में हुआ था। उन्हें ईश्वर का पुत्र और मानवता का उद्धारकर्ता माना जाता है। ईयू ने प्रेम, क्षमा और दुखियों के साथ खड़े होने का संदेश दिया था। इसी संदेश की स्मृति में हर साल 25 दिसंबर को क्रिसमस मनाया जाता है।

festive spirit of Christmas around the world
The festival spirit of Christmas around the world

क्रिसमस में दुनिया भर में जबरदस्त धूम देखने को मिलती है। सड़कों और घरों को रंग-बिरंगी लाइटों और क्रिसमस ट्री से सजाया जाता है। लोग नए कपड़े पहनते हैं, चर्च जाते हैं और एक-दूसरे को शुभकामनाएँ देते हैं। बच्चों में खास उत्साह होता है क्योंकि उन्हें गिफ्ट्स और मिठाइयाँ मिलती हैं। परिवार और दोस्तों के साथ मिलकर खाना, गाना और खुशियाँ बाँटना ही क्रिसमस की असली पहचान है, यही वजह है कि यह त्योहार पूरी दुनिया में इतने प्यार से मनाया जाता है।

मेरा नाम नमिता दीक्षित है। मैं एक पत्रकार हूँ और मुझे कंटेंट राइटिंग में 3 साल का अनुभव है। मुझे एंकरिंग का भी कुछ अनुभव है। वैसे तो मैं हर विषय पर कंटेंट लिख सकती हूँ लेकिन मुझे बॉलीवुड और लाइफ़स्टाइल के बारे में लिखना ज़्यादा पसंद...