Overview: सेक्स से जुड़े मिथ्स और उनकी सच्चाई
सेक्स से जुड़े ऐसे कई मिथ्स हैं, जिन्हें आज भी सच माना जाता है। जानिए इनके बारे में।
Sex Myths: शादी के बाद हर कपल इंटीमेट होता है, लेकिन सेक्स पर बात करना वे सही नहीं समझते। भारतीय समाज में आज भी सेक्स के बारे में खुलकर बात सही नहीं समझा जाता। इसलिए, अक्सर लोग इसे शर्म की चीज मानकर बात ही बदल देते हैं। जिस समाज में सेक्स एजुकेशन को जरूरी नहीं समझा जाता हो, वहां पर तरह-तरह की भ्रांतियां पैदा होना या फिर अधूरे सच को सही मान लेना बेहद आम बात है।
यही गलतफहमियां धीरे-धीरे मिथक बन जाती हैं, जो व्यक्ति के रिश्ते पर विपरीतअसर डाल सकती हैं। इतना ही नहीं, इससे व्यक्ति की सोच व आत्मविश्वास पर भी असर पड़ सकता है, क्योंकि लोग फिल्मों, दोस्तों या सोशल मीडिया से मिलने वाली जानकारी को ही सच मानते हैं। तो चलिए आज इस लेख में हम आपके साथ सेक्स से जुड़े कुछ ऐसे ही मिथक के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें अक्सर लोग सच मान लेते हैं-
मिथक 1- सेक्स सिर्फ पति की जरूरत है
सच्चाई- अक्सर यह समझा जाता है कि सेक्स सिर्फ पति या पुरुष की जरूरत है। इसी सोच के चलते महिलाएं चुपचाप समझौता करती रहती हैं। उन्हें इस बात का अहसास तक नहीं होता है कि सेक्स वास्तव में दोनों पार्टनर को खुशी देता है और यह उनके बीच प्यार व कनेक्शन को और भी मजबूत करता है। ऐसे महिलाएं कभी ना नहीं कह पातीं और साथ ही साथ, वे इसे खुलकर एन्जॉय भी नहीं कर पाती हैं।
मिथक 2- सेक्स के बारे में बात करना गलत या शर्म की बात है

सच्चाई- बहुत से कपल्स की यह सोच होती है कि सेक्स पर खुलकर बात करना “बेशर्मी” है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि बचपन से ही सेक्स को उनके साथ टैबू की तरह पेश किया जाता है। लेकिन वास्तव में सेक्स पर बात करना उतना ही नॉर्मल है, जितना खाना, नींद या हेल्थ पर बात करना। जब तक आप सेक्स पर बात नहीं करेंगे तो इससे उनके मन में गलतफहमियां पैदा होंगी और इससे उनके बीच दूरी बढ़ती है।
मिथक 3- मर्द को हमेशा तैयार रहना चाहिए
सच्चाई- सेक्स को लेकर यह मिथ बेहद आम है। हमारे समाज में शायद ही कोई पुरुष कभी सेक्स के लिए मना करता है, क्योंकि उन्हें समाज की मर्दानगी वाले दबाव को झेलना पड़ता है। जिसकी वजह से उन पर अक्सर काफी दबाव रहता है। वास्तव में, पुरुष भी इंसान हैं और उन्हें भी थकान, स्ट्रेस, हेल्थ और मूड का असर होता है।
मिथक 4- औरत की इच्छा कम होती है

सच्चाई- जिस तरह समाज में यह भ्रांति है कि सेक्स सिर्फ पति की जरूरत है, ठीक उसी तरह यह भी माना जाता है कि औरत की सेक्स की इच्छा कम होती है। जबकि सच्चाई तो यह है कि महिलाओं की भी इच्छा होती है, बस उन्हें सेफ और कंफर्टेबल माहौल चाहिए। बस हमेशा अच्छी लड़की बनने वाली सोच और अपनी जरूरतें न कह पाने की आदत उन्हें अपनी खुशी व इच्छाओं को दबाने पर मजबूर करती है।
