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Stories Of Grihalakshmi Gumrah-Kids
Stories of Grihalakshmi

गृहलक्ष्मी की कहानियां : वे गाड़ी खड़ी कर बाहर निकली और चौकीदार को कह उन बच्चों को आफिस में बुलवाया। बच्चे घबरा गए थे और अब बचने का बहाना ढूंढ रहे थे। डरते डरते एक-एक कर सब बच्चे उनके पास आ  गये तो उन्होंने पूछा कि वे आज यहां क्या कर रहे हैं ? आज तो स्कूल में छुट्टी है। तब एक लड़की बोली, मैडम आज हम सभी सहेलियां घूमने जायेंगे। इसलिए हम अपनी सहेलियों का इंतज़ार कर रहे थे।

मैडम ने जब पूछा कि क्या उन्होंने घर में बताया है कि वे कहीं सहेलियों के साथ घूमने जाने वाले हैं तो पहले तो वे थोड़ा हिचकी फिर बोली, हां मैडम, हमने घर में बता दिया है। कई बार बच्चे स्कूल के नाम से घर कह देते हैं कि हमें स्कूल की तरफ से घुमाने ले जा रहे हैं, ताकि उनके मातापिता बिना संकोच के बच्चों को अनुमति दे दें। पर जब स्कूल की तरफ से बच्चों को कहीं पिकनिक आदि पर ले जाते हैं तो हमेशा स्कूल की वर्दी में ही जाते हैं। इसलिए मैडम को विश्वास नहीं हुआ। उन्होंने एक लड़की को कहा कि घर का नंबर मिला कर अपने घर बात करवा  दे। इस पर  वह लड़की घबरा गयी और बोली कि उसे नबंर याद नहीं । अब तो उनका शक और पक्का हो गया। बारी बारी से सभी लड़कियों ने फोन करने से जब मना किया तो मैडम ने अपनी सहायिका को बुला कर सूचना रजिस्टर से निशा का फोन नंबर लिया और मिलाया।

घर में  जब उनकी लड़की के बारे में पूछा तो जवाब मिला कि उनकी बच्ची तो स्कूल गयी है पढने। इसी तरह मैडम ने बाकी लड़कियों के भी नंबर मिलाये तो यही जवाब मिले। इस पर मैडम ने सभी के घर वालों को स्कूल आने को कहा। थोड़ी देर बाद रेखा, निशा और मंजू की मां स्कूल आ गईं । अपने बच्चों को यूं सजे धजे देख कर वह दंग रह गयी। इतने में शीना की मां भी आ पहुंची। सारी बात सुन कर बोली, जी हमारी बच्ची तो घर कह कर आई थी कि वह अपने दोस्तों के साथ घूमने जायेगी आज। हमने ही उसे जाने की इजाज़त दी थी। बाकी सभी हैरान हो कर उनकी तरफ देखने लगे।

मैडम ने सबको समझाया कि इतने छोटे बच्चों को इस तरह का व्यवहार शोभा नहीं देता। कल को कुछ ऊंच नीच हो जाती है तो बच्चे का जीवन भी ख़राब हो जाता है और परिवार और स्कूल का नाम भी ख़राब होता है। बच्चे गीली मिट्टी की तरह होते हैं। उन्हें सही समय पर अगर समझ आ जाये तो जीवन संवर जाता है। वे छोटी छोटी खुशियों के लिए नादानियां करते हैं जो बाद में भारी पड जाती हैं।अगर फिर कभी ऐसी हरकत की तो स्कूल से नाम काट दिया जायेगा। सभी बच्चों ने माफ़ी मांगी और दोबारा ऐसा न करने की कसम भी खाई।

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