Mental fatigue and sexual desire
Mental fatigue and sexual desire Credit: Istock

Summary: दिमागी थकान और सेक्स इच्छा

लगातार तनाव और मानसिक थकान दिमाग को आनंद से काट देती है, जिससे सेक्स की इच्छा धीरे-धीरे कम हो जाती है।

Mental Fatigue and Sexual Desire: रिश्ते में अक्सर साथी की सेक्स की इच्छा न होने पर उसके सेक्स ड्राइव कम होने के बारे में सोचा जाता है। लेकिन हर बार सेक्स की इच्छा की कमी का कारण पार्टनर के सेक्स ड्राइव का कम होना नहीं, बल्कि दिमागी थकान भी सेक्स की इच्छा में कमी का कारण होता है। लगातार चलने वाला दिमागी थकान ना सिर्फ व्यक्ति के मानसिक तनाव को बढ़ाता है, बल्कि इसका सेक्स की इच्छा पर भी असर होता है। आईए जानते हैं इस लेख में, किस तरह व्यक्ति का दिमागी थकान उनके रिश्ते पर असर डालता है।

दिमागी थकान अर्थात, जब व्यक्ति शरीर से कोई कम ना भी कर रहा हो तब भी हर समय लगातार उसका दिमाग सोच रहा हो, कोई ना कोई फैसला ले रहा हो या फिर किसी बात पर ओवरथिंकिंग करके अपने दिमाग को उलझा रहा हो, तो इसका असर दिमाग पर होता है और दिमाग थकता है

दिमागी थकान और सेक्स का कनेक्शन: सेक्स सिर्फ शारीरिक क्रिया नहीं है, बल्कि यह मानसिक क्रिया भी है और इसकी शुरुआत दिमाग अर्थात सोचने से होता है। जब दिमाग थका हुआ होता है या ओवरथिंकिंग के लोड से दबा होता है तो हमारा दिमाग सुरक्षित और शांत महसूस नहीं करता। ऐसे में दिमाग भावनात्मक रूप से अपने डर से जुड़ा होता है। ऐसे में व्यक्ति सेक्स के प्रति जुड़ाव महसूस नहीं करता। शारीरिक जरूरत भी दिमागी थकान के कारण दब जाते हैं।

Mental fatigue and sexual desire
Mental fatigue and sexual desire

आगे क्या इसके बारे में सोचते रहना: जब भी व्यक्ति एक काम के खत्म होने से पहले अगले कई कामों के बारे में सोचते रहता जैसे, कल क्या-क्या करना है। ऑफिस और घर में क्या करना है। पैसे, रिश्ते या फिर ऑफिस के उलझने दिमाग को मानसिक रूप से व्यस्त रखता है। मानसिक स्तर पर दिमाग की व्यस्तता सेक्स की इच्छा को कम करता है।

तनाव हार्मोन का सेक्स हार्मोन को दबाना: जब भी व्यक्ति ओवरथिंकिंग करता है तो उसके शरीर में तनाव हार्मोन कोर्टिसोल का स्तर बढ़ जाता है। शरीर में बढ़ा हुआ कॉर्टिसोल सेक्स हार्मोन जैसे टेस्टोस्टेरोन, एस्ट्रोजन और डोपामिन जिसे फील गुड हार्मोन भी कहते हैं के स्तर को कम करता है। नतीजतन व्यक्ति में सेक्स की इच्छा में कमी आती है।

भावनात्मक थकान: जब रिश्ते में एक पार्टनर की दूसरे से उम्मीद खत्म हो जाती है। रिश्ते में बार-बार ना सुना या इच्छा का सम्मान ना होना होता है तो व्यक्ति भावनात्मक रूप से थक जाता है। जिस कारण व्यक्ति के सेक्स की इच्छा में भी कमी आती है।

दिमाग को आराम दे: हर रोज सोने से पहले 20 से 25 मिनट शांत मुद्रा में बैठे। अपनी आंखें बंद करें। अपने सांसों पर ध्यान दे। ऐसा करने से दिमाग में लगातार चलने वाले विचारों की प्रक्रिया टूटती है और दिमाग खुद को दुरुस्त कर पता है।

अपने पार्टनर को बताएं: अगर आप ओवरथिंकिंग या कम के तनाव के कारण परेशान है तो इसे स्वीकार करें। इसकी जानकारी अपने पार्टनर को दे। अपने पार्टनर से बात करें। ऐसा करने से आप अच्छा महसूस करते हैं और रिश्ते में भावनात्मक जुड़ाव बढ़ता है।

अपनी नींद का पूरा ख्याल रखें। नींद की कमी आपके स्ट्रेस हार्मोन को बढ़ाता है। सेक्स को परफॉर्मेंस की बजाय साथ बनाएं। खुद से अच्छा करने की अपेक्षा की बजाए अपने साथी के साथ क्वालिटी समय बिताएं।

निशा निक ने एमए हिंदी किया है और वह हिंदी क्रिएटिव राइटिंग व कंटेंट राइटिंग में सक्रिय हैं। वह कहानियों, कविताओं और लेखों के माध्यम से विचारों और भावनाओं को अभिव्यक्त करती हैं। साथ ही,पेरेंटिंग, प्रेगनेंसी और महिलाओं से जुड़े मुद्दों...