Social Story in Hindi: रोज की तरह ऋचा ने घर के काम निपटाए और घड़ी की तरफ नजर डाली।ग्यारह बजने में पंद्रह मिनट बाकी थे। उसने मन ही मन बुदबुदाया।“जल्दी से नाश्ता कर लेती हूँ, फिर पापा-मम्मी से बात करूँगी।”ऋचा का यह रोज का नियम था। ऋचा बिना नागा रोज़ ठीक ग्यारह बजे पापा-मम्मी से […]
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प्रेम बीज-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Social Story: नीरा का सिर दर्द से फटा जा रहा था। सुबह से पच्चीसों कॉल कर चुकी थीं उसकी मम्मी। हर बार सिर्फ एक ही बात… “शादी के लिए हांँ कर दो। तुम्हें कोई पसंद है तो बता दो।” वो थक गई थी अब मांँ की उन्हीं बातों से। “अब तू अठाईस की हो […]
पछतावा-गृहलक्ष्मी की कहानी
Hindi Social Story: यूं तो मधुरिमा की शादी को चौदह वर्ष पूरे हो चुके थे, पर शायद घर में मिलते तिरस्कार से वो स्वयं को पूर्णतया अकेली सी महसूस करती थी हर पल।ताने मारने का कोई भी मौका सासू मां चूकती न थी ।परिवार का हर सदस्य ही मधुरिमा की बुराई करता और उसके हर […]
करामाती बाबा-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Social Story: महेश की अचानक मौत के बाद पत्नी करुणा पर तो जैसे मुसीबतों का पहाड़ ही टूट पड़ा। महेश और करूणा की शादी को अभी एक साल भी नहीं हुआ था। एक दिन फैक्ट्री में काम करते समय करंट लग जाने से महेश की अकाल मौत हो गई।महेश की मौत के बाद करूणा […]
स्टेटस—गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Social Story: सुबह की सैर करने के बाद संध्या और अमोल बालकनी में गर्म चाय का आनंद ले रहे थे साथ ही अमोल समाचार पत्र में न्यूज हेडलाइंस भी देखता जा रहा था!!!!चाय की चुस्कियां लेते हुए सन्ध्या ने अमोल से कहा,,,”तुम्हे मेरी सहेली अनुष्का याद है?”!!!“हाँ,, हाँ,, बहुत अच्छे से,,,अभी कुछ महीने पहले […]
कटोरे—कटोरियों वाला रिश्ता
Hindi Social Story: देख बहू…तू तो इतने दिनों में अच्छे से समझ चुकी है कि मैं उन सासों में से नहीं हूं जो बहू की खामियां ढूंढती रहती है और सुना सुना कर उनका जीना हराम कर देती है…वो इसलिए नहीं कि मैं एक महान इंसान हूं बल्कि इसलिए कि मैं नहीं चाहती जो मैंने […]
आखिर खता क्या मेरी-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Social Story in Hindi: काजल की आंखों में लगा हुआ काजल धीरे-धीरे पिघलते हुए उसके पूरे चेहरे पर फैल रहा था।वह मदहोश सी हो गई थी। उसे कुछ भी समझ नहीं आ रहा था कि आखिर ये जो कुछ भी हो रहा था उसका कारण क्या था? इतना बड़ा छल, वो भी उसका ही पति […]
“जीना इसी का नाम है”-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Social Story: गाँव की संकरी गलियों में, पीपल के नीचे बैठी एक बुज़ुर्ग महिला की हँसी दूर-दूर तक गूंजती है। चाय की केतली सीटी देती है, और उसके संग झूमता है उनका ठहाका — मस्त और बेपरवाह। “अम्मा तो गज़ब की हैं!” “हँसी में जैसे शहद घुला हो!”*“बूढ़ी हो गईं हैं, पर दिल तो […]
रिश्तों की पहली सीढी-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Social Story in Hindi: ” पहाड़ों की सुंदरता और वादियों की खूबसूरती प्रत्येक मन को आकर्षित करती है इतनी ख़ामोशी और स्वयं के साथ मिलना सचमुच एक सुखद अनुभव है कहते हैं कि अगर किसी व्यक्ति को अपने अंदर की कला को बाहर लाना है तो उसे पहाड़ों और वादियों में आना चाहिए यहां आकर […]
वात्सल्य प्रेम-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Social Story: आज कमला बहुत गुस्से में अपने पति सूरज से लड़ने के मन से कमरे में जैसे घुसी चिल्लाते हुए मैंने बहुत साल गुजार दिए अब मुझे नहीं रहना आपके मां बाबू जी के साथ आखिर मेरी भी तो जिंदगी है कब तक आपके मां बाप की सेवा करती रहूंगी ?,, सूरज नेकमला […]
