Hindi Social Story: महेश की अचानक मौत के बाद पत्नी करुणा पर तो जैसे मुसीबतों का पहाड़ ही टूट पड़ा। महेश और करूणा की शादी को अभी एक साल भी नहीं हुआ था। एक दिन फैक्ट्री में काम करते समय करंट लग जाने से महेश की अकाल मौत हो गई।महेश की मौत के बाद करूणा […]
Author Archives: डॉ वंदना शर्मा
आज भी शर्मिंदगी लाती है-हाय मैं शर्म से लाल हुई
Hindi Funny Story: बात उन दिनों की है जब मैंने ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की थी। मैंने अनुभव प्राप्त करने के लिए एक छोटे से ऑफिस में नौकरी शुरू की। वहाँ मुझे खरीदे गए सामानों की लिस्ट टाइप राइटर से टाइप करने का काम मिला था। यह अस्सी के दशक की बात है, जब टाइप राइटर का […]
पांच मीटर आंचल: गृहलक्ष्मी की कहानी
Story in Hindi: कमरे से आती खुल-खुल की आवाज ने मानो सीना चीर के ही रख दिया था उसका। खांस-खांस के कम्मो अम्मा शालू को बुला रही थी, करमजली जरा आके मेरे बर्तन तो उठाले। आज ये नई बात नहीं थी कि शालू को करमजली के नाम से पुकारा जा रहा था, उस नाम को सुनते-सुनते वो […]
मैं ना भूलूंगी बीकानेर-गृहलक्ष्मी की लघु कहानी
Hindi Short Story: हरियाणा के जिले फरीदाबाद में मुझे हालांकि सत्ताइस साल हो चुके हैं पर आज भी मैं अपने पेत्रिक निवास बीकानेर की वो चौक की चौपाल आज भी नहीं भूली हूँ। मैं सबसे ज्यादा गणगौर उत्सव को मिस करती हूँ। बीकानेर में राजा महाराजाओं के समय से इस उत्सव का आयोजन होता आ […]
मेरा दर्द-हाय मैं शर्म से लाल हुई
Mera Dard Funny Story Hindi: बात उन दिनों की है जब मेरी शादी हुई। मैं बहुत शांत और अकेला रहना पसंद करती थी, लेकिन शादी ऐसे घर में हुई जहां काफी लोग थे। दिन भर बच्चों की उछल कूद होती रहती। मुझे शोर बिल्कुल पसंद नही आता था। शाम होते होते मेरा सिर दर्द हो जाता था। जब संदीप, मेरे पति घर आते […]
“दोस्ती “-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Dosti ki Kahani: मैं और नीरज आज भी जब साथ होते हैं तो शादी के पच्चीस साल बाद भी अतीत मे चले जाते हैं। आज मौसम बड़ा ही सुहाना था । हल्की-हल्की बारिश हो रही थी। मैने थोड़े से पकौड़े बनाये और चाय लेकर टेरेस पर चली गई। आज नीरज नहीं था किसी काम से […]
“अंतिम पड़ाव”-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Antim Padav Kahani: मेरे गाँव में एक बूढ़े बाबा रहते थे। उनका नाम रामसिंह था। वह बहुत ही अच्छे स्वभाव के मालिक थे और उनका गांव उन्हें बहुत प्रेम करता था। वह लोगों के बीच मशहूर थे क्योंकि उन्होंने हमेशा अपने दिल से बात करने काअद्वितीय तरीका अपनाया था। बाबा सबको हमेशा प्रसन्न रहने और […]
इस्तकबाल
Hindi Story: सभी लोग चले गए, मैं चिता और अपने जीवन के अंत को देखने के लिए वहीं रुक गई। फिर अचानक भयंकर तूफान से न जाने कब चिता में से एक बड़ी लकड़ी का टुकड़ा उछल कर मुझ पर आ गिरा और उसने मुझे भी जला दिया। अमित का दिया हुआ आखिरी जख्म समझकर […]
