Funny Stories for Kids: उस दिन निक्का रेलगाड़ी में मम्मी -पापा के साथ यात्रा कर रहा था । उन्हें देहरादून वाली मौसी जी के यहाँ जाना था । मौसी जी ने निक्का के मम्मी – पापा से कहा था, “निक्का को जरूर लाना । उसे देखे बहुत दिन हो गए ।” निक्का के मम्मी -पापा […]
Category: हिंदी कहानियाँ
कहानी रोचक होने के साथ—साथ आपको प्रेरित भी करती हैं। ये कहानियां काल्पनिक जरूर होती हैं लेकिन ये आपको जीवन जीने का सही रास्ता दिखाती है। गृहलक्ष्मी पर प्रकाशित हिंदी कहानियाँ आपको निराशा के दौर में आशा कि किरण दिखाती हैं। इस प्लेटफॉर्म पर आपको प्रेरणादायक, समाज से जुड़ी हिंदी कहानियाँ पढ़ने को मिलेंगी। यहां आपको हर दिन नई कहानियां पढ़ने को मिलेंगी।
पढ़ें रोचक/ प्रसिद्ध हिंदी कहानियां गृहलक्ष्मी पर
गृहलक्ष्मी की नई हिंदी कहानियाँ पढ़ें
गर्मियों की छुट्टियाँ- गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Short Story: पांचवी क्लास में पढ़ने वाले देवांश के फाइनल एग्जाम खत्म हुए अभी तीन दिन ही बीते थे। दो दिन तो अच्छे बीते लेकिन तीसरे दिन से उसने माँ को परेशान करना शुरू कर दिया था। माँ बोर हो रहा हूँ, अभी ट्रिप पर जाने में तो एक हफ्ता बचा हुआ है, इतने […]
“ताई का कन्या पूजन”-गृहलक्ष्मी की लघु कहानी
Short Story: आज इतने वर्षों के बीत जानें के बाद भी अपने बचपन के दिनों के ‘कन्या पूजन’ को याद कर के मन प्रफुल्लित और हर्षित हो उठता है।दरअसल यह उस समय कि बात है जब मैं सात साल की थी ,मेरी बड़ी मां जिनको हम सभी बच्चे ‘ताई जी ‘बोलते थे उन्होंने नवरात्र में […]
स्मृतियों की गुल्लक से-गृहलक्ष्मी की कविता
Hindi Poem: स्मृतियों की गुल्लक से कुछ ,इतवारी दोपहर चुरानी है।जो जी हमने हर ऋतु में दोपहरें,उनसे परिचय कराना बाकी है। स्मृतियों की गुल्लक से रिक्त हृदय के,वो श्रंगार आज भी बाकी हैं,न थे जिसमें ईर्ष्या और द्वेष भरे,बस प्रेम के वो गुलाब आज भी साथी हैं। स्मृतियों की गुल्लक से वो प्यास,फिर से उस बचपन जीने की […]
दादी की इंग्लिश क्लास- गृहलक्ष्मी की कहानियां
Dadi ki Kahani: हमारी दादी बहुत ही भोली, प्यारी और थोड़ी-सी नादान भी थीं। उम्र सत्तर के करीब थी, लेकिन दिल बिल्कुल बच्चे जैसा। उन्हें हर नई चीज़ जानने की उत्सुकता रहती थी। घर में जब भी टीवी पर कोई अंग्रेज़ी में बात करता या मैं और मेरा भाई स्कूल की इंग्लिश में बात करते, […]
नवरात्री की पूजा में मुझे बुलाया जाने लगा—जब मैं छोटा बच्चा था
Hindi Short Story:मैं अपने बचपन में बहुत शरारती था-इतना कि पड़ोसी भी मेरी शैतानीे से परेशान थे- और मुझे शैतान बच्चा कहते थे। इसी कारण मेरा अपने घर आना भी पसंद नहीं करते थे।यहाँ यह भी बता दूँ कि मेरी शैतानी के कारण नवरात्रि के कन्या पूजन में भी मुझे नहीं बुलाया जाता—-इस बात को […]
नारी गाथा से कैसे बनी विजय गाथा-गृहलक्ष्मी की कविता
Hindi Poem: समझौताहर बार हर वक्तसमझौते से गुजरीहैं ये जिंदगी। समर्पणक़दम क़दम पर हरइच्छाएं, आकांक्षाएंसमर्पण करते आएहम खुद को। त्यागसदैव अपनी प्यारीसे प्यारी हर करीबीवस्तु त्यागते आए। करूणाहमेंशा दया भावकरूणा से सबकीसेवा करते आए। नजर अंदाजअपनी हर हक कीचीजों में नजरअंदाज होते आए। पीड़ाएंरो-रोकर सिसक-सिसक कर,सुख काकहीं खो जाना भीगीपलकों में सारी आशाओंका बह जाना।हर […]
बकरी और लोमड़ी
Heart Touching Story: एक समय की बात है, एक लोमड़ी जंगल में घूमते-घूमते एक कुएँ के पास पहुँची। कुएँ के चारों और दिवार नहीं थी। लोमड़ी ने ध्यान नहीं दिया और भीतर गिर गईं। हालांकि कुआँ बहुत गहरा नहीं था पर लोमड़ी बाहर नहीं निकल पा रही थी। निराश होकर वह वहीं बैठ गईं। तभी […]
छोटी सी सीख- गृहलक्ष्मी की कहानियां
Motivational Short Story: बेटी रिया के जन्म के बाद से ही नैना ने खुद पर ध्यान देना छोड़ दिया था। कभी-कभी तो वो पूरे दिन बिखरे बालों में रहती। सुबह का नाश्ता भी कई बार उसे दिन के खाने के समय नसीब होता था। अपने लिए जरुरत की चीज़ें खरीदना अब उसे फ़िज़ूलख़र्ची लगता था। […]
वी फोर (हम चार)-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Kahani: राघव के प्रमोशन की पार्टी थी। आज उसे कंपनी का हेड बना दिया गया था। बहुत ही कम उम्र में वह इस ऊंचाई तक पहुंच गया था। इसी पद को पाने के लिए वह लगातार तीन सालों से मेहनत कर रहा था। आखिरकार उसकी मेहनत रंग लाई और वह उसे वह पद मिल […]
