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नारी गाथा से कैसे बनी विजय गाथा-गृहलक्ष्मी की कविता

Hindi Poem: समझौताहर बार हर वक्तसमझौते से गुजरीहैं ये जिंदगी। समर्पणक़दम क़दम पर हरइच्छाएं, आकांक्षाएंसमर्पण करते आएहम खुद को। त्यागसदैव अपनी प्यारीसे प्यारी हर करीबीवस्तु त्यागते आए। करूणाहमेंशा दया भावकरूणा से सबकीसेवा करते आए। नजर अंदाजअपनी हर हक कीचीजों में नजरअंदाज होते आए। पीड़ाएंरो-रोकर सिसक-सिसक कर,सुख काकहीं खो जाना भीगीपलकों में सारी आशाओंका बह जाना।हर […]

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इंस्टाग्राम पर बस एक—दूसरे को देखा है-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Love Story in Hindi: अभी-अभी नया-नया इंस्टाग्राम ऐप्स ज्वाइन किया था। अपनी कुछ कविताएं, शायरियां पोस्ट की साथ ही अपनी कुछ फोटोज भी पोस्ट किया। वैसे कमेंट तो बहुत आते थे लेकिन उस सब में एक ऐसा कमेंट रहता था जो दिल छू जाता था।लेकिन उस प्यारे से कमेंट करने वाले की प्रोफाइल लाॅक थी। वो मेरा […]

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इंस्टाग्राम पर इश्क—विश्क-गृहलक्ष्मी की लघु कहानियां

Hindi Love Story: अभी-अभी नया-नया इंस्टाग्राम ऐप्स ज्वाइन किया था। अपनी कुछ कविताएं, शायरियां पोस्ट की साथ ही अपनी कुछ फोटोज भी पोस्ट किया। वैसे कमेंट तो बहुत आते थे लेकिन उस सब में एक ऐसा कमेंट रहता था जो दिल छू जाता था।लेकिन उस प्यारे से कमेंट करने वाले की प्रोफाइल लाॅक थी। वो […]

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हिसाब का आखिरी पन्ना-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hisab Story: वो कहकर गये है, कि आज सैलरी की आखिरी तारीख है। आज तो लिस्ट बना ही लेती हूँ। राशन की और इतनी भीषण गर्मी में पंखे-कूलर काम ही नही कर रहे है। सोच रही हूँ कि इस साल एक नई एसी ले ही लूँ। लेकिन…सोचते हूए शुभ्रा अचानक ही उसे सुबह हुए प्रवीण […]

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”त्यौहार ऊपर त्यौहार आ रहे हैं”-गृ​हलक्ष्मी की कहानियां”

Festival Story: त्यौहार तो ऐसे आते हैं जैसे बिन बुलाए मेहमान आते है। बड़बड कर रही किचन में निशा गुस्से से किचन के सिंक में रखे बर्तनों को साफ कर रही थी। तभी वहाँ निशा के पतिदेव आते है और कहते है। अरे क्या हुआ नाश्ता तो तैयार हो गया ना..हाँ हाँ नाश्ता तैयार हो […]

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