यह हो सकते हैं सफेद मल के कारण
हमारे स्टूल यानि मल के रंग से हमारी सेहत के बारे में बहुत कुछ पता चलता है। मल के रंग का सफेद होने के कई कारण हो सकते हैं जिनमें हमारी डाइट, दवाईयां या कोई अंडरलायिंग रोग आदि शामिल है।
Reason of White Poop: पूप यानी मल हमारी हेल्थ के बारे में बहुत कुछ बताता है। इसके साथ ही इससे हमारे डाइजेस्टिव सिस्टम के फंक्शन के बारे में भी पता चलता है। स्टूल के रंग में परिवर्तन हमारी डाइट, कुछ खास मेडिकेशन्स और किसी अंडरलायिंग मेडिकल कंडिशंस के कारण हो सकता है। किसी व्यक्ति के मल का रंग सफेद है, तो यह स्थिति सामान्य से लेकर गंभीर तक हो सकती है। अगर सफेद मल के साथ रोगी को किसी भी तरह का अन्य लक्षण नजर नहीं आता है, तो यह कंडिशन आमतौर पर सुरक्षित मानी गई है। लेकिन, कुछ स्थितियों में तुरंत मेडिकल हेल्प लेने की जरूरत हो सकती है। आइए, जानें सफेद मल के क्या कारण हो सकते हैं?
सफेद मल के क्या कारण हो सकते हैं?
लिवर के बाइल को बिलीरुबिन कहा जाता है। ऐसा माना गया है कि यह एक हेल्दी बाउल मूवमेंट के खास ब्राउन रंग के लिए जिम्मेदार हो सकता है। अगर मल का रंग सफेद है, तो इसका अर्थ यह हो सकता है कि पर्याप्त बाइल स्टूल तक पहुंच नहीं रहा है। सफेद मल के कुछ कारण इस प्रकार हो सकते हैं:
फूड्स

कुछ फूड्स जैसे फैटी फूड्स के कारण स्टूल के रंग को पीला या सफेद हो सकता है। इसके कारण मल का हल्का पीला या सफेद होना चिंता का विषय नहीं होता है। लेकिन, डाइट में परिवर्तन से मल के रंग में बदलाव हो सकता है।
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लिवर डिजीज
लिवर डिजीज जैसे एल्कोहॉल सिरोसिस, लिवर कैंसर और हेपेटाइटिस भी सफेद मल की वजह हो सकती हैं। ऐसा इसलिए हो सकता है क्योंकि या तो लिवर सही से काम नहीं कर रहा है या बिलीरुबिन स्माल इंटेस्टाइन तक नहीं पहुंच पा रहा है।
दवाईयां
कई दवाईयां लिवर को डैमेज कर सकती हैं, खासतौर पर इनकी हाई डोज। ओवर-द-काउंटर या प्रिस्क्रिप्शनल मेडिसिन्स भी लिवर को खराब कर सकती हैं। एंटासिड्स में मौजूद अधिक मात्रा में एलुमिनियम हाइड्रोक्साइड से मल का रंग लाइट हो सकता है। जिन लोगों ने नई दवाईयों को लेना शुरू किया है, कुछ समय के लिए दवाईयों को ले रहे हों या दवा की हाई डोज ले रहे हों,उन्हें तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।
गॉलब्लैडर डिजीज

गॉलब्लैडर बाइल को होल्ड करता है और लिवर के साथ पेट के ऊपरी दाई तरफ होता है। डाइजेशन के दौरान गॉलब्लैडर बाइल डक्ट के माध्यम से बाइल को आंतों में रिलीज करता है। गॉलब्लैडर डिजीज से भी मल का रंग बदल सकता है।
मालएब्जॉर्प्शन सिंड्रोम
मेडिकल कंडिशंस जो पोषक तत्वों को एब्जॉर्ब करने की आपकी क्षमता में बाधा डालती हैं वो फैटी, गन्दी बदबू या पीले व सफेद मल का कारण बन सकती हैं। ऐसी कई मेडिकल कंडिशंस हैं, जो मालएब्जॉर्प्शन का कारण बन सकती हैं जैसे लिवर डिजीज, सिस्टिक फाइब्रोसिस और सीलिएक डिजीज आदि।
इसके अलावा इसके कुछ अन्य कारण भी हो सकते हैं जैसे प्रेग्नेंसी में महिलाएं इस परेशानियों का सामना करती हैं या शिशुओं को भी यह समस्या हो सकती है। इस समस्या को नजरअंदाज न करें और तुरंत डॉक्टर की सलाह लें।
सफेद मल की परेशानी से बचाव
कई फैक्टर्स के कारण मल का रंग सफेद हो सकता है। सफेद मल को रोकना हमेशा संभव नहीं होता है, लेकिन इसके लिए निम्नलिखित तरीकों को अपना कर आपको फायदा हो सकता है:
- लो फैट डाइट लें
- स्मोकिंग और एल्कोहॉल के सेवन से बचें
- वजन को सही रखें
इसके साथ ही लिवर डिजीज से बचाव भी जरूरी है। इसके लिए भी आपके लिए सही आहार का सेवन करना, सीमित मात्रा में एल्कोहॉल लेना, वजन को सही रखना, दवाईयों को डॉक्टर की सलाह के बाद ही लेना जरूरी है। अगर आपको कोई भी समस्या हो या इस समस्या के बारे में आपके मन में कोई भी सवाल हो, तो डॉक्टर से बात करें।
