An Indian thali with naan, curries, raita, and fried snacks served on a platter.
indianthali

Summary: गर्भावस्था में खानपान की 10 बड़ी गलतियाँ जो माँ और बच्चे दोनों को नुकसान पहुँचा सकती हैं

गर्भावस्था में गलत खानपान एनीमिया, डायबिटीज और समय से पहले डिलीवरी जैसी गंभीर समस्याओं को बढ़ा सकता है। सही पोषण और संतुलित आहार से माँ और शिशु दोनों को स्वस्थ रखा जा सकता है।

Pregnancy Nutrition Mistakes: गर्भावस्था एक ऐसा नाज़ुक दौर है जब महिला का खानपान सीधे गर्भ में पल रहे बच्चे के विकास के ऊपर असर डालता है। इस समय की गई छोटी सी लापरवाही भी माँ और बच्चे दोनों की सेहत पर नकारात्मक असर डालती है। उचित खानपान से जहाँ बच्चा स्वस्थ रूप से बढ़ता है, वहीं गलत खानपान कमजोरी, एनीमिया, डायबिटीज, हाई बीपी और समय से पहले होने वाले प्रसव जैसी समस्याओं को बढ़ावा देता है। कई महिलाएँ सही जानकारी ना होने की वजह से , घरेलू सलाह या आदतों के कारण अनजाने में कुछ ऐसी गलतियाँ कर बैठती हैं,

जो बाद में नुकसानदायक साबित होती हैं।

A pregnant woman in a pink shirt gently holding her baby bump and a bouquet of pink tulips.
Nourish your body, nurture your baby

अक्सर यह मान लिया जाता है कि गर्भावस्था में दोगुना खाना जरूरी है, जबकि सच यह है कि जरूरत दोगुना खाने की नहीं बल्कि पोषक तत्वों की होती है। ज्यादा खाने से वजन तेजी से बढ़ता है, जिससे डिलीवरी के समय दिक्कत हो सकती हैं।

गर्भावस्था में चटपटा खाने का मन ज्यादा करता है, लेकिन पैकेज्ड और फास्ट फूड बच्चे की सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है। इनमें पोषण की कमी होती है, जो गर्भावस्था के लिए ठीक नहीं है।

आयरन की कमी एनीमिया का सबसे बड़ा कारण बनता है। इसकी कमी से थकान, चक्कर और समय से पहले डिलीवरी का खतरा बढ़ सकता है। हरी सब्जियाँ, चुकंदर, अनार, गुड़ और दालों को नियमित रूप से खाने में शामिल करें।

गर्भावस्था में बच्चे की हड्डियों के विकास के लिए कैल्शियम जरूरी होता है। कई महिलाएँ दूध, दही और पनीर जैसे पदार्थ कम खाती हैं, जिससे कमजोरी, पैरों में दर्द और दांतों से जुड़ी परेशानी हो सकती है।

ज्यादा मात्रा में लिया गया सप्लीमेंट उल्टी, कब्ज या सीधा किडनी पर असर डालता है। इसलिए दवा और सप्लीमेंट दोनों ही डॉक्टर की सलाह से लें।

cocunut water in glass and coconut in background
Water, please. My little one is thirsty too

कम पानी पीना गर्भवती महिलाओं के लिए गंभीर समस्या बन सकता है। इससे डिहाइड्रेशन, कब्ज, यूरिन इन्फेक्शन और थकान जैसी परेशानियाँ हो सकती हैं। दिनभर में कम से कम 8–10 गिलास पानी पीना चाहिए।

गर्भावस्था में खाली पेट रहना कमजोरी और लो ब्लड शुगर का कारण बन सकता है। कई महिलाएँ सुबह-सुबह होने वाली उलटी के कारण नाश्ता छोड़ देती हैं, जबकि यह दिन का सबसे जरूरी आहार होता है।

कच्चे अंडे और अधपका खाना बैक्टीरियल इन्फेक्शन का खतरा बढ़ा सकता है। यह संक्रमण गर्भ में पल रहे शिशु के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। हमेशा ताज़ा, अच्छी तरह पका और स्वच्छ भोजन ही खाएं।

fiber
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गर्भावस्था में कब्ज एक आम समस्या है और इसका बड़ा कारण फाइबर की कमी होती है। महिलाएँ अक्सर केवल कैलोरी पर ध्यान देती हैं और फल, सलाद, साबुत अनाज को नज़रअंदाज़ कर देती हैं। फाइबर युक्त भोजन पाचन को सुधारता है और शरीर को एक्टिव बनाए रखता है।

लंबे समय तक भूखे रहना या बहुत देर रात भारी खाना भी एक बड़ी गलती है। इससे एसिडिटी, उल्टी और अपच की समस्या बढ़ सकती है। दिन में 5–6 छोटे-छोटे अंतराल में भोजन करना बेहतर रहता है।

उत्तराखंड से ताल्लुक रखने वाली तरूणा ने 2020 में यूट्यूब चैनल के ज़रिए अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद इंडिया टीवी के लिए आर्टिकल्स लिखे और नीलेश मिश्रा की वेबसाइट पर कहानियाँ प्रकाशित हुईं। वर्तमान में देश की अग्रणी महिला पत्रिका...