Motivational Story in Hindi: देश की एक प्रसिद्ध अन्तरराष्ट्रीय यूनिवर्सिटी जो अपने आप में बहुत बड़ा नाम थी क्योंकि यहां पढ़ के कोई निकल जाए तो बहुत बड़ी बात मानी जाती थी, क्योंकि यहां सीनियर अपने जूनियर से रैगिंग बहुत करते थे, यहीं पर गेट में गार्ड की नौकरी पर रामू काका जो कि जवानी के दिनों से अब […]
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मोहब्बत के बादल-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Love Story: दिल्ली की एक पुरानी कॉलोनी थी हर गली में बच्चे क्रिकेट खेलते, छतों पर औरतें धूप सेंकतीं और हर घर एक-दूसरे को पहचानता था। उसी कॉलोनी में रहते थे आरव और सिया। दोनों बचपन से एक-दूसरे को जानते थे। आरव थोड़ा शरारती और बेफिक्र किस्म का था, जबकि सिया सीधी-सादी, पढ़ाई में […]
जादुई दुनिया-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Short Story in Hindi: सुची और मानव परेशान बैठे थे। उनके बेटे आरव और बेटी सिया का स्कूल के बाद का अधिकतर समय सिर्फ़ मोबाइल और टीवी में ही बीत जाता था। एक दिन सुची ने सिर पकड़कर कहा ,हे भगवान ! ये बच्चे किताबों से ऐसे भागते हैं जैसे कड़वी दवाई हो। मानव हँसकर […]
यूनिवर्सिटी में रैगिंग-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Social Story in Hindi: शाम के साढ़े सात बजे थे और घर की घंटी बजी। मम्मी ने दरवाज़ा खोला तो पापा ऑफिस से आए थे। “ये लो गरमा गरम समोसे लाया हूं” पापा ने मम्मी को पैकेट देते हुए कहा। “शाश्वत कहां है?” मम्मी ने बताया, “ जब से काॅलेज से आया है तब से […]
बारिश बनी मुसीबत—गृहलक्ष्मी की कहानियां
Social Story in Hindi: गीता अस्पताल के बरामदे की छोटी दीवार पर बैठकर, बाहर हो रही हल्की फुल्की बारिश को बड़े ध्यान से देख रही थी। धीरे-धीरे बारिश तेज होने से, बाहर घुमने वाले सभी मरीजों के परिजन अस्पताल के बरामदे में आकर खड़े हो गए। अब बरामदे में भीड जमा हो गई थी। सभी लोगो की […]
चार बजे की मां-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Motivational Story: सुबह के चार बजे थे। बाकी दुनिया नींद में थी, लेकिन प्रियंका की नींद मानो अपराधबोध से भरी हुई टूट गई थी। अलार्म तीन बार बज चुका था, पर थकी हुई आँखों में जैसे समय का कोई मोल नहीं रह गया था। वह उठी — हड़बड़ाई नहीं, बस चुपचाप उठ गई। सौरभ, उसका पति, […]
सुप्रिया का ससुराल-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Social Story: “अरे! बिट्टू की मां तुमने अभी किसका नाम लिया? तुम्हें कुछ होश है भी या नहीं?” “क्या हुआ बड़ी दीदी मैं तो अनंत पूजा के बारे में पूछ रही थी। ” सुप्रिया हैरान थी कि आज उसकी जेठानी किस बात पर उसे इस तरह बोल रहीं हैं। “हे भगवान! तुम मामा ससुर […]
एक शिक्षिका ऐसी भी—गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Kahani: शीतल शहर से गांव के स्कूल के लिए बस से आती और गांव के मेन रोड से अंदर सरकारी शाला में ढाई किलो मीटर तक चलकर पहुंचती, जैसे ही स्कूल लगता तो तब बच्चे उसे कक्षा में आते देख कहते देखो – देखो शीतल मेडम आ रही है, सब बस्ता खोलकर बैठ जाते। […]
प्रायश्चित-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Social Story: आंखों में मोटे प्रेम का चश्मा लगाए हुए जैसे ही नीता आचार्या की गाड़ी घनश्याम आश्रम के गेट से घुसी छोटे छोटे बच्चों से लेकर बड़े बुजुर्ग लोग चिल्लाते हुए उधर आ पहुंचे“बड़ी दीदी आ गई! बड़ी दीदी आ गई!!” “बस बस रुको तो सही, पहले मुझे उतरने दो फिर…!”नीता गाड़ी से […]
गुप्त-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Motivational Story: बड़े घर का होना आखिर क्या होता है,क्या बड़ा घर मात्र पैसों की प्रचुरता से बड़ा होता है या सँस्कार की निधि से मैंने अपने स्वर में बहुत संयत रखकर उत्तर दिया था।जब मेरी पत्नी सुरभि ने अपनी माँ के टेस्ट और स्टेट्स के लिये मेरे साथ यह घटिया चाल चली थी,इसकी शुरुआत […]
