Posted inसामाजिक कहानियाँ (Social Stories in Hindi), हिंदी कहानियाँ

कटोरे—कटोरियों वाला रिश्ता

Hindi Social Story: देख बहू…तू तो इतने दिनों में अच्छे से समझ चुकी है कि मैं उन सासों में से नहीं हूं जो बहू की खामियां ढूंढती रहती है और सुना सुना कर उनका जीना हराम कर देती है…वो इसलिए नहीं कि मैं एक महान इंसान हूं बल्कि इसलिए कि मैं नहीं चाहती जो मैंने […]

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मित्तल सर-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi kahani: शहर का फुलवारी नाम का बड़ा सा हॉल आज तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा जब एक बड़ी आईटी कंपनी के मालिक देव ने नामी यूनिवर्सिटी के रिटायर्ड शिक्षक मित्तल सर द्वारा सम्मान प्राप्त किया।मित्तल सर ने जब देव को पहचानने की कोशिश की तो देव ने पुरानी यादों से उन्हें रूबरू कराया। उसने बताया कि […]

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मैं और मेरी रामायण मंडली-हाय मैं शरम से लाल हुई

Hindi Funny Story: एक बार की बात है मेरे पति ने कहा – देखो महिला मंडली रामायण करने आज साढ़े चार बजे पहुंच जाएगी, तुम तैयारी करके तैयार रहना। पूरे दिन घर के कामों और पूजा का प्रसाद के कारण व्यस्त रही। अब क्या साढ़े चार बज चुके थे। पूजा का थाल ,आरती थाली तैयारी […]

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तुम्हें चोट तो नहीं लगी—हाय मैं शरम से लाल हो गई

Hindi Funny Story: बात शादी के कुछ दिनों बाद की है, हमारे यहां पर सिर पर पल्लू करना होता था और जब घर में बुजुर्ग हो तब तो जरूरी था। उस समय घर में ननद की छोटी बेटी आई हुई थी और वह आंगन में खेल रही थी। अचानक वह गिरकर रोने लगी मैं दौड़ […]

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परफैक्ट-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Motivation Hindi Story: खिड़की पर खड़ी तूलिका बहुत देर से देख रही थी कि समुद्र की लहरें समुद्र से ही लड़ कर आगे जाकर वापस उसने ही मिल रही थी, मानो सीमा में बंधीं वह लहरें सागर से निकलने को आतुर थी पर वापस सागर में ही मिल जाना उनकी नियति थी।उसी प्रकार तूलिका के […]

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मुंह दिखाई-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Short Story in Hindi: शादी के बाद पहली बार ससुराल आई पूजा को अभी एक महीना भी नहीं हुआ था, लेकिन इतने कम समय में पूजा ने अपने कार्य-व्यवहार से परिवार के सभी सदस्यों का दिल जीत लिया था। रोज सुबह सबसे पहले उठना और रात में सब काम खत्म करके सबसे बाद में सोना […]

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साक्षर और शिक्षित-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Social Story in Hindi: बाबू ….चलो आपको डॉक्टर बुला रहे हैं,ज़ोर से आवाज़ देकर राघव ने अपने पिता को सहारा देते हुए उठाया।रिटायर्ड प्रिंसिपल मिश्र जी बेहद कमजोर हो गए थे और हृदय के ऑपरेशन के बाद और भी शिथिल।डॉक्टर ने आला लगाते हुए पूंछा, इन्हें अब क्या परेशानी है?जी…कुछ खाते ही दिन में कई […]

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फेयरवेल पार्टी—गृहलक्ष्मी की कहानियां

Motivation Story in Hindi: फरवरी का आखिरी हफ्ता चल रहा था, सभी स्कूलों में पूरी पढ़ाई खत्म हो चुकी थी। बोर्ड की डेट शीट भी आ चुकी थी,प्रैक्टिकल भी लगभग खत्म हो चुके थे। बच्चे एग्जाम के दबाव में थे कहीं डर भी था तो कहीं सुनहरे भविष्य के सपने भी थे। स्कूल छूट रहा […]

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सुप्रिया का ससुराल—गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Kahani: “अरे! बिट्टू की मां तुमने अभी किसका नाम लिया? तुम्हें कुछ होश है भी या नहीं?” “क्या हुआ बड़ी दीदी मैं तो अनंत पूजा के बारे में पूछ रही थी। ”  सुप्रिया हैरान थी कि आज उसकी जेठानी किस बात पर उसे इस तरह बोल रहीं हैं। “हे भगवान! तुम मामा ससुर का […]

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” आत्मसम्मान का अस्तित्व “-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Kahani: ” चिड़ियों की चहचहाहट की मधुर ध्वनि सुनाई देने लगी थी वातावरण में गर्मी की तपिश को बारिश की ठंडी बूंदों ने हटाना शुरू कर दिया था यह समय ऋतु परिवर्तन का था कुछ ऐसा ही परिवर्तन आदित्य के जीवन में भी आने वाला था जिसका इंतजार उसे पिछले तीन वर्षों से था […]

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