Hindi Kahani: जाड़े की सर्द सुबह धूप की तलाश में मैं छत पर पहुँच गई थी और मेरा पीछा करते-करते तुम्हारी यादें भी…हवाई जहाज की एक हल्की सी आवाज़ सुन मैंने अपना सर ऊपर की ओर उठाया।ऊपर सिर्फ़ धुंध ही धुंध थी।सूरज भगवान मेरे साथ आँख-मिचौली का खेल खेल रहे थे या शायद मेरी परीक्षा […]
Author Archives: रंजना जायसवाल
एक प्यार का नगमा है-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Love Story: “नकुल देख-देख मेरी यूनिवर्सिटी…” साधना ने यूनिवर्सिटी के सामने से गुजरती अपनी कार के शीशे को नीचे उतारते हुए कहा “वह देख रहा है न गेट नंबर दो के सामने वाला डिपार्टमेंट, इसी डिपार्टमेंट में मैं पढ़ा करती थी।” इन बीते सालों में यह बात वह न जाने कितनी बार नकुल को […]
फेयरवेल पार्टी—गृहलक्ष्मी की कहानियां
Motivation Story in Hindi: फरवरी का आखिरी हफ्ता चल रहा था, सभी स्कूलों में पूरी पढ़ाई खत्म हो चुकी थी। बोर्ड की डेट शीट भी आ चुकी थी,प्रैक्टिकल भी लगभग खत्म हो चुके थे। बच्चे एग्जाम के दबाव में थे कहीं डर भी था तो कहीं सुनहरे भविष्य के सपने भी थे। स्कूल छूट रहा […]
भूख—गृहलक्ष्मी की कहानियां
Motivational Story in Hindi: पूस की स्याह रात आसमान पर मानो किसी ने कालिख पोत दी हो।चांद का दूर-दूर तक पता नहीं था।बीच-बीच में तारे टिमटिमा रहे थे। रमिया की झोपड़ी में दीपक टिमटिमा रहा था।झोपड़ी कई जगह से टूट चुकी थी। फूस की बनी छत कई जगह से उखड़ चुकी थी और उसे उखड़े […]
पी के हो क्या…?—गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Kahani: अंतरिक्ष जिसे खगोल, नभमंडल,गगननमंडल और आकाश मंडल भी कहते हैं। आजकल उसकी वैल्यू अचानक से बढ़ गई है जिसे देखो वही रेस लगाए पड़ा है।अंतरिक्ष के क्षेत्र में छोटे हो या बड़े हर देश में एक होड़ सी लगी है क्योंकि सभी यह जानते हैं कि भविष्य में सारी दुनिया में उसी का दबदबा होगा जिसका अंतरिक्ष […]
भाई दूज—गृहलक्ष्मी की कहानियां
Bhai Dooj Story: कमरे की खिड़की खोलते ही हवा की मद्धिम मीठी सी लहर तन को छूकर मौसम के करवट बदलने का किस्सा कानों में हौले से कहकर निकल गई ।आसमान धुंध की चादर ओढ़े सो रहा था,ओस की मखमली बूंदे खिड़की के बाहर लगे गुड़हल के फूलों पर बरस रही थी,मानो नींद में सोते […]
”अंतिम इच्छा”-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Story: सुबह से यह चौथा फोन था। फोन उठाने का बिल्कुल मन नहीं था पर माँ…अंततः नेहा ने फोन उठा ही लिया।“हेलो !” “हाँ माँ बोलो !”“बोलना क्या है,घर में सभी तुम्हारे जवाब का इंतजार कर रहे हैं।तुम जवाब क्यों नहीं देती।”“माँ इतना आसान नहीं है,मुझे सोचने का मौका तो दो।”नेहा ने बुझे स्वर […]
बोनसाई-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Grehlakshmi Story: “किस बात की कमी है तुम्हें पति अच्छा-खासा कमाता है।”कमी! सच ही तो कहा था मम्मी ने…उनके हिसाब से एक लड़की को जीवन में चाहिए ही क्या होता है। कमाने वाला पति, प्यार करने वाला परिवार और दो प्यारे बच्चे और उसके पास ये सब थे।फिर भी…“मम्मी जी आइए आपको अपना बगीचा दिखाऊँ।”साहिल […]
बाँझ-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Kahani: मालती आज रात भर नहीं सो पाई थी पेट के नीचे वाले हिस्से पेड़ू में बहुत दर्द हो रहा था।सुबह उठते ही उसने अपने पति रामलाल से कहा“अजी सुनते हो,डॉक्टर को दिखाना पड़ेगा। रात भर पेट दर्द करता रहा।”“अरे कुछ नहीं अजवाइन-हींग गुनगुने पानी के साथ ले लो,सब ठीक हो जाएगा।कुछ उल्टा-सीधा खा […]
अथ श्री दामाद कथा-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Story: “अतिथि देवो भव:” अर्थात अतिथि देवता के समान होता है और जहाँ देवी-देवताओं की बात हो वहाँ आदर-सत्कार और भोग-प्रसाद तो लाज़िमी है पर इस देश में अतिथियों के लिए एक कहावत यह भी है पहले दिन पाहुना, दूजे दिन ठेहुना और तीसरे दिन केहुना… अर्थात अतिथियों की सेवा पहले दिन सेवा दामादों […]
