Moral Story in Hindi: बस स्टॉप पर खड़े खड़े कावेरी का धीरज टूटने लगा था. उम्र के इस पड़ाव पर ट्यूशन के लिए रोज़-रोज़ सरिता विहार से ग्रीन पार्क तक का सफ़र करने से थकावट सी महसूस होने लगी थी उन्हें. खैर शुक्र है,इतनी देर बाद बस आयी तो सही लेकिन वही रेंगती हुई,ठसाठस भीड़ […]
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मोहब्बत का जाल-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Love Story: अपने बिस्तर पर पहुंचते ही दिव्या ने फेसबुक एप्लीकेशन ओपन किया था। ओपन करते ही उसे आठ नौ फ्रेंड रिक्वेस्ट्स आने का नोटिफिकेशन मिला। उसने उन फ्रेंड रिक्वेस्ट्स भेजने वालों की डीपी देखनी शुरू की। उनमें से कई को वह बहुत अच्छे से पहचानती थी, जिनकी रिक्वेस्ट उसने तुरंत एक्सेप्ट कर ली। […]
सौभाग्य—गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Motivational Story: शिक्षक सीता राम पांडे अपनी पत्नी के साथ अकेले हॉस्पिटल के कमरे में बैठे बैठे सोच रहे थे के बीवी के आपरेशन के लिए पैसे की व्यवस्था कहाँ से करू हर तरफ दिमाग लगा के हार चुके और बाद में बस वही घर बचा जिसमें वो रह रहे थे..आँखों से आंसू पोछते […]
ठोकर-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Kahani: “जी पापा! आपने बुलाया था”, रजत ने चुप्पी तोड़ते हुए कहा।“हाँ -हाँ शर्मा जी ने उन्हें बैठने का इशारा करते हुए कहा “बात थोड़ी ज़रूरी थी और तुम सबकी सहमति भी लेना आवश्यक था।”“अच्छा पापा,… क्या बात है?”बेटा तुम तीनों जानते हो कि अब मैं रिटायर हूँ,तो तनख्वाह वाली बात तो है नहीँ […]
भाग्य से बड़ा परिश्रम-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Motivational Story: ” सुबह का सूरज निकले हुए बहुत समय हो गया था। सभी कामकाजी व्यक्ति अपनी दैनिक दिनचर्या का निर्वाह करने में व्यस्त हो चुके थे। गाँव में बहुत शांति हो चुकी थी मगर इस अनुशासित जीवनशैली का पालन करने वाले गाँव में एक व्यक्ति भी था जो अभी तक अपने बिस्तर पर सपनों […]
शह और मात-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Love Story: अपने छोटे छोटे बालों का पोनीटेल बाँधे तथा साधारण सा स्कर्ट पहने मैं,अलसाई सी बिस्तर पर लेटी थी कि माँ ने फरमान ज़ारी किया, “ इवा, कल शाम को लड़के वाले तुझे देखने आ रहे है.अच्छी तरह तैयार हो जाना.मैंने तेरे लिए,चाइनीज़ पार्लर से कल सुबह १० बजे का अपॉइंटमेंट ले लिया […]
ज़िंदगी बदल गई-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Love Story: ट्रेन की बर्थ पर सामने बैठे व्यक्ति को देख कर जया जड़ हो आयी थी..वही कद काठी,वही चौड़ी मिलिट्रीमैन जैसी देह.तभी मुनमुन की खिलखिलाहट सुनकर वो उसकी तरफ़ घूमा. एकसाथ उसकी निगाहें जया और सुशांत पर पड़ीं. चेहरे पर कई रंग आए और गए. “ हेलो जया,हाऊ आर यू?” फिर अपना परिचय […]
पुत्र मोह महंगा पड़ा-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Kahani: सुरमू बच्चपन से ही शरारती था वैसे उसका स्कूल का नाम सुरम सिंह था लेकिन सभी उसे सुरमू ही बुलाते थे। उसके पिता नसीब सिंह सरकारी स्कूल में जे बी टी मास्टर थे।पूरे इलाके में उनका अच्छा रुतबा था । राजपूत थे अतः अखड़ स्वभाव के थे। घर में ज़मीन काफी थी लेकिन […]
मेरे जीवन के चार पुरुष-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Social Story: आज जब प्यार पर लिखने बैठी तो,जन्म से आज तक के इस पड़ाव पर नजर डाली,आज के समय जैसा प्यार तो मेरे जीवन मे कभी आया ही नही तो,क्या लिखूं प्यार के विषय में….. आज तक प्यार के नाम पर कभी धड़कन तेज ना हुई,ना कभी दिल के सितार बजे।वैसे देखने मे तो ठीक -ठाक […]
ये जीवन है-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Kahani: सिन्हा साहब का प्रमोशन हुआ था, घर में एक बड़ी पार्टी रखी गई थी। खाने-पीने का शानदार इंतजाम किया गया था। शाकाहारी से लेकर मांसाहारी तक… हर तरह के पकवान मेज पर लगे हुए थे।ऐसी पार्टियों में शराब पीना आम बात है…शराब पानी की तरह बह रही थी। घड़ी ने एक बजा दिए […]
