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शिक्षक-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Motivational Kahani: एक गॉव में जगरूप नाम का एक छोटा मेहनत मजदूरी करने वाला किसान रहता था। वो  उसका एक बेटा दिनेश था। जगरूप अच्छी मूर्तियां बेचने का काम करता था। लेकिन इधर कुछ दिनों से जगरूप को बुखार आ रहा था जिससे उसकी सेहत खराब हो गई थी। लेकिन घर में खर्च तो […]

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फादर्स डे का गिफ्ट-गृहलक्ष्मी की लघु कहानी

Hindi Short Story: दोपहर का समय था। सुनील और वंदना अपने कमरे में बैठे आपस में बातें कर रहे थे। तभी दरवाजे पर उनकी लाडली भतीजी परी की आवाज सुनाई दी। परी की आवाज सुन वंदना ने दरवाजा खोला तो देखा नन्ही परी अपने नाजुक कंधों पर एक बड़ा सा थैला टांगे खड़ी थी।परी को […]

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करामाती बाबा-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Social Story: महेश की अचानक मौत के बाद पत्नी करुणा पर तो जैसे मुसीबतों का पहाड़ ही टूट पड़ा। महेश और करूणा की शादी को अभी एक साल भी नहीं हुआ था। एक दिन फैक्ट्री में काम करते समय करंट लग जाने से महेश की अकाल मौत हो गई।महेश की मौत के बाद करूणा […]

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आखिर ये तिरस्कार कब तक—गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Motivational Story: पचासों बार उसे श्रृंगार कर लड़के वालों के सामने ले जाया गया, हजारों रुपये स्वागत सत्कार में खर्च किये गए, तमाम आभगत मगर परिणाम एक ही ,लड़की की लंबाई थोड़ी कम है हमारे बेटे के हिसाब से थोड़ी लंबी लड़की चाहिए।   सलौनी थक गई थी यह सब सुन सुन कर, उसका मन […]

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आज भी शर्मिंदगी लाती है-हाय मैं शर्म से लाल हुई

Hindi Funny Story: बात उन दिनों की है जब मैंने ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की थी। मैंने अनुभव प्राप्त करने के लिए एक छोटे से ऑफिस में नौकरी शुरू की। वहाँ मुझे खरीदे गए सामानों की लिस्ट टाइप राइटर से टाइप करने का काम मिला था। यह अस्सी के दशक की बात है, जब टाइप राइटर का […]

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रावण—गृहलक्ष्मी की कविता

Hindi Poem: लंकापति रावण था सबसे बलसालीफिर भी न्याय पड़गया उसपे भारी ।।स्वर्ण नगरीको वो बचा न पायादस सिर भी उसके काम न आया ।।विजयादशमी याद दिलाती हे उसकि कहानीकहानी जो आज भी नहीं हुई पुरानी ।।हर घर में आज रावण है बस गयाअहंकार और घमंड का हो रहा बोलबाला ।।संचार गति से सब ज्ञानी […]

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सुहाग की साड़ी-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Motivational Story: सत्तर वर्षीय गोपाल दास कई दिनों से देख रहे थे कि आजकल उनकी दोनों बहुएँ बैग लिए बाज़ार जाने को तैयार रहती है और उनके लड़के भी बराबर बहुओं के साथ जाते हैं।गोपाल दास ने अपनी पत्नी सावित्री देवी से इसका कारण पूछा जो कि अपना पुराना बक्सा खोले कुछ रखने उठाने […]

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स्टेटस—गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Social Story: सुबह की सैर करने के बाद संध्या और अमोल बालकनी में गर्म चाय का आनंद ले रहे थे साथ ही अमोल समाचार पत्र में न्यूज हेडलाइंस भी देखता जा रहा था!!!!चाय की चुस्कियां लेते हुए सन्ध्या ने अमोल से कहा,,,”तुम्हे मेरी सहेली अनुष्का याद है?”!!!“हाँ,, हाँ,, बहुत अच्छे से,,,अभी कुछ महीने पहले […]

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एक प्यार का नगमा है-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Love Story: “नकुल देख-देख मेरी यूनिवर्सिटी…” साधना ने यूनिवर्सिटी के सामने से गुजरती अपनी कार के शीशे को नीचे उतारते हुए कहा “वह देख रहा है न गेट नंबर दो के सामने वाला डिपार्टमेंट, इसी डिपार्टमेंट में मैं पढ़ा करती थी।” इन बीते सालों में यह बात वह न जाने कितनी बार नकुल को […]

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असाधरण शिक्षक का सबक-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Motivational Story in Hindi: शुभम बारहवीं कक्षा का छात्र था। एक आम से परिवार का इकलौता बेटा था और एक आम से स्कूल में पढ़ता था। एक साधारण से परिवार का बेटा होने के बावजूद उसके अंदर पैसों की कोई अहमियत नहीं थी; साथ ही ना वो दूसरों का सम्मान करता था। कर्तव्यप्रायणता उसमें रत्ती […]

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