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आखिर ये तिरस्कार कब तक—गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Motivational Story: पचासों बार उसे श्रृंगार कर लड़के वालों के सामने ले जाया गया, हजारों रुपये स्वागत सत्कार में खर्च किये गए, तमाम आभगत मगर परिणाम एक ही ,लड़की की लंबाई थोड़ी कम है हमारे बेटे के हिसाब से थोड़ी लंबी लड़की चाहिए।   सलौनी थक गई थी यह सब सुन सुन कर, उसका मन […]

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