बात जो दिल को छू गई-पूज्यनीय सास
Baat Jo Dil ko Chhu Gayi-Pujniya Saas

Short Story in Hindi: बात उन दिनों की है जब मेरी ससुराल से मेरे सास ससुर और पति मुझे पहली बार देखने आए थे। उन लोगों को मै पसंद आ गई।मैं भी ससुराल को लेकर रंगीन सपने सजाने लगी।
मैंने भी मन ही मन एक निश्चय किया कि अपने सास-ससुर की अपने माता पिता की तरह ही सेवा करूंगी। किसी को कभी भी कोई शिकायत का मौका नहीं दूंगी।लेकिन रिश्ता ज्यादा लंबा रुका था तो कई बातें मेरी होने वाली सासू मां के बारे में सुनने में आईं। कोई कहता कि वो बहुत तेज है अपनी कोई बेटी नहीं है,तो वो क्या जाने एक बेटी का दर्द वगैरहा वगैरहा।मेरी सुनहरी सोच डर के साये में तब्दील होने लगी। मन में डर और सौ सवाल लिए मैंने अपने ससुराल की दहलीज पर कदम रखा।

 शादी की अगली सुबह मुंहदिखाई के समय सास के प्रति मेरी धारणा तब और मजबूत हो गई जब मैंने किसी रिश्ते की बुआ को उनके लिए कुछ ऐसे ही बोलते हुए सुना, नहीं नहीं मैं न‌ई बहू को काली बिंदी नहीं लगा सकती भाभी नाराज हो जाएंगी। मुझे लगा सच में मेरी  मेरी सासू मां वाकई में बहुत तेज और गुस्से वाली है।मैं डरी सहमी बैठी थी लेकिन तभी मेरी सासू मां आई और मेरे माथे की बिंदी सही करते हुए कहने लगी, मैं कितनी खुशनसीब हूं कि मुझे बहू के रूप में पली पलाई बेटी मिली है।फिर प्यार से मेरा हाथ पकड़ कर बोली बेटी अब से हम ही तुम्हारे माता-पिता हैं ,अपनी हर परेशानी तुम हमें बताना, अपने मायके में नहीं। मैं भी तो तुम्हारी मां ही हूं ।
सासू मां की यही वो बात थी जो मेरे दिल को छू गई।

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